फैक्ट चेक: आजतक के नाम पर बने फर्जी अकाउंट ने फैलाई झूठी खबर

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की फोटो के साथ उनके हवाले से एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसे देखकर लगता है कि वह उनका बयान है. मैसेज में लिखा है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पोलिंग बूथ नहीं बनाए जाने चाहिए, वरना इन सरकारी स्कूलों को देखकर लोग केजरीवाल को वोट देंगे. इसमें कितनी सच्चाई है...जानने के लिए पढ़िए  पूरी खबर.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
आजतक ने स्मृति ईरानी के बारे में ट्वीट किया, जिसमें वो कह रही हैं कि दिल्ली के स्कूलों में पोलिंग बूथ नहीं बनाए जाने चाहिए.
सच्चाई
आजतक के नाम पर बने फर्जी अकाउंट ने ऐसा दावा किया है, लेकिन स्मृति ईरानी ने ऐसा कभी नहीं कहा.

चयन कुंडू / बालकृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 12:21 AM IST

दिल्ली विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं.

लेकिन क्या बीजेपी की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी दिल्ली के स्कूलों पर कोई ऐसी टिप्पणी करेंगी जो चुनाव में अरविंद केजरीवाल को फायदा पहुंचाए? इसकी संभावना बिल्कुल न के बराबर है, लेकिन एक वायरल पोस्ट के जरिए फेसबुक और ट्विटर पर कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है.

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क्या है दावा?

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की फोटो के साथ, उनके हवाले से एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसे देखकर लगता है कि वह उनका बयान है. मैसेज में लिखा है, ‘दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पोलिंग बूथ नहीं बनाए जाने चाहिए, वरना इन सरकारी स्कूलों को देखकर लोग केजरीवाल को वोट देंगे.’

यह मैसेज ट्विटर हैंडल @aajTAK51 से हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ‘ब्रेकिंग न्यूज’ के रूप में ट्वीट किया गया. इस ट्विटर हैंडल का लोगो आजतक न्यूज चैनल की ही तरह है. ज्यादातर लोगों ने यह गौर नहीं किया कि यह फर्जी अकाउंट है.

कई फेसबुक यूजर्स जैसे और ने भी इस मैसेज को पोस्ट किया है.

इन पोस्ट के और जा सकते हैं.

क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट फर्जी है. न तो स्मृति ईरानी ने ऐसा कोई सार्वजनिक बयान दिया है और न ही आजतक ने ऐसा कोई मैसेज ट्वीट किया है.

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यह ट्वीट जिस ट्विटर हैंडल से किया गया है वह फर्जी है, जो आजतक के नाम पर बनाया गया है. हालांकि, अब यह अकाउंट बंद कर दिया गया है.

AFWA की पड़ताल

जब हमने ट्विटर हैंडल @aajTAK51 सर्च किया, तो पाया कि ट्विटर ने नियमों का पालन न करने के कारण दिया है. हालांकि हमें इस मिल गया.

यह फर्जी ट्विटर हैंडल @aajTAK51 नवंबर, 2019 से सक्रिय था. इसके एक हजार से ज्यादा फॉलोवर थे और इस अकाउंट के बंद होने तक इससे 2600 से ज्यादा ट्वीट किए गए थे. इस अकाउंट से ज्यादातर ऐसी सूचनाएं ट्वीट की गईं, जिनका सच्चाई से दूर-दूर तक वास्ता नहीं था.

इस फर्जी अकाउंट को बनाने के लिए आजतक के आधिकारिक ट्विटर हैंडल की ऐसी नकल की गई कि ज्यादातर लोगों को लगता था कि यह आजतक समूह का असली ट्विटर अकाउंट है.

इस फर्जी अकाउंट के बायो में लिखा गया, ‘आजतक राजनीति, खेल, बिजनेस और सिनेमा की ब्रेकिंग न्यूज और ताजा खबरें कवर करता है. हमें फॉलो करें और आगे रहें!’

आजतक न्यूज चैनल का आधिकारिक ट्विटर हैंडल है. एक और ट्विटर हैंडल नाम से भी चल रहा है, जो आजतक के नाम पर बना फर्जी अकाउंट है. यह अकाउंट भी झूठी खबरें फैलाता है और यह अब भी सक्रिय है.

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निष्कर्ष

इंटरनेट पर सर्च करने और सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगालने के बाद भी हमें कोई विश्वसनीय खबर नहीं मिली, जिससे यह पता चलता हो कि स्मृति ईरानी ने दिल्ली के स्कूलों को पोलिंग बूथ न बनाने संबंधी कोई बयान कभी दिया हो.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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