फैक्ट चेक: किसान आंदोलन में तिरंगे के अपमान का झूठा दावा, शेयर हो रही लंदन की 7 साल पुरानी तस्वीर 

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये तस्वीर साल 2013 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लंदन में खींची गई थी. तस्वीर में दिख रहे लोग खालिस्तानी समर्थक हैं. तस्वीर का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. 

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
तस्वीर में देखा जा सकता है कि कैसे किसान आंदोलन में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया जा रहा है.
सच्चाई
ये तस्वीर साल 2013 में स्वंत्रता दिवस के मौके पर लंदन में खींची गई थी. तस्वीर में दिख रहे लोग खालिस्तान समर्थक हैं. इसका मौजूदा किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 06 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:33 PM IST

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसके जरिये किसान आंदोलनकारियों पर देशद्रोही होने का आरोप लग रहा है.तस्वीर में एक बुजुर्ग सिख भारत के राष्ट्रीय ध्वज को जूता दिखाते हुए नजर आ रहा है. साथ ही कुछ लोग तिरंगे पर खड़े हुए भी देखे जा सकते हैं. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि अभी चल रहे किसान आंदोलन में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया जा रहा है.

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वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट.

तस्वीर को शेयर करते हुए यूज़र्स कैप्शन में लिख रहे हैं, "हमारे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना ही किसान आंदोलन है तो मैं थूकता हूं ऐसे किसान आंदोलन पर? धिक्कार है ऐसे किसान आंदोलन पर, ये किसान हो ही नही सकते देश के गद्दार है इन्हें देशद्रोह के तहत गिरफ्तार कर लेना चाहिए."

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये तस्वीर साल 2013 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लंदन में खींची गई थी. तस्वीर में दिख रहे लोग खालिस्तानी समर्थक हैं. तस्वीर का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. 

इस तस्वीर को भ्रामक दावे का साथ  और  पर खूब फैलाया जा रहा है. दावे को सच मानकर लोग किसान आंदोलन की कड़ी आलोचना कर रहे हैं. पोस्ट का आर्काइव  देखा जा सकता है.

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क्या है सच्चाई?

तस्वीर को बिंग पर रिवर्स सर्च करने पर हमें   नाम का एक ब्लॉग मिला. इस ब्लॉग पर वायरल तस्वीर सहित कई और भी तस्वीरें मौजूद हैं जिनमें सिख समुदाय के कुछ लोग तिरंगे झंडे का अपमान करते हुए दिख रहे हैं. इस ब्लॉग को 17 अगस्त 2013 को प्रकाशित किया गया था. यहां दी गई जानकरी के मुताबिक, ये तस्वीरें 15 अगस्त 2013 को सेंट्रल लंदन स्थित भारतीय दूतावास के पास खींची गई थीं. इस दिन लंदन के सिख समुदाय सहित कुछ अल्पसंख्यकों ने भारत पर उत्पीड़न और कब्जे का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था.

ब्लॉग में 1947 से भारत में पंजाब और सिखों पर अत्याचार होने की बात कही गई है. ये विरोध भी इसी को लेकर हुआ था. इस ब्लॉग में मौजूद तस्वीरों में 15/08/2013 की तारीख भी लिखी दिख रही है.

ये ब्लॉग सिखों के एक उग्र संगठन Dal Khalsa (दल खालसा) से जुड़ा है. ब्लॉग में खालिस्तान और अलगाववादी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाला के समर्थन का जिक्र है. वायरल तस्वीर में भी Dal Khalsa UK का लोगो देखा जा सकता है. खोजने पर हमें Dal Khalsa UK का यूट्यूब चैनल भी मिला. यहां पर साल   और   में भी स्वंत्रता दिवस पर कुछ वीडियो अपलोड किये गए थे जिसमें सिख समुदाय के साथ कुछ अन्य लोगों को भारत का विरोध करते हुए देखा जा सकता है. इन वीडियो को भी लंदन बताया गया है.  की वेबसाइट पर भी Dal Khalsa UK के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें मौजूद हैं.

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 में ये भी सामने आया कि वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति का नाम सरदार मनमोहन खालसा है जो Dal Khalsa UK के एक सदस्य हैं. यहां इस बात की पुष्टि होती है कि इस तस्वीर को मौजूदा किसान आंदोलन से जोड़ना गलत है. तस्वीर सात साल से ज्यादा पुरानी है और लंदन के रहने वाले कुछ खालिस्तानी समर्थकों की है.

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