No कॉमेडी-जीरो एंटरटेनमेंट, अश्लील हुई 'भाभीजी', 2 घंटे की मूवी झेलना क्यों हुआ मुश्किल?

'भाभीजी घर पर हैं' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई. ना ही अंगूरी भाभी का जादू चला. ना मूवी में कॉमेडी का तड़का दिखा. आखिर छोटे पर्दे के सुपरहिट शो पर बनी ये फिल्म क्यों पिटी, जानते हैं इसकी वजह.

Advertisement
'भाभीजी घर पर हैं' फिल्म क्यों पिटी? (Photo: Instagram @shubhangiaofficial) 'भाभीजी घर पर हैं' फिल्म क्यों पिटी? (Photo: Instagram @shubhangiaofficial)

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST

एक सुपरहिट शो को जब फिल्म की शक्ल दी जाती है, तो फैंस की एक्साइटमेंट और उम्मीदें चरम पर होती हैं. टीवी पर सालों तक राज करने के बाद 'भाभीजी घर पर हैं' शो पर फिल्म लाई गई. खूबसूरत पड़ोसन पर मरने वाले दिलफेंक पड़ोसी की कहानी को 2 घंटे 9 मिनट की फिल्म बनाकर परोसा गया. इसी साल 6 फरवरी को 'भाभी जी घर पर हैं! (फन ऑन द रन)' सिनेमाघरों में आई. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर मूवी बुरी तरह पिटी. हाल इतना बुरा हुआ कि 1.32 करोड़ के लाइफटाइम कलेक्शन पर सिमट कर रह गई. लेकिन ऐसा क्यों हुआ? क्यों छोटे पर्दे का हिट शो बड़ी स्क्रीन पर धाराशायी हो गया?

Advertisement

वल्गर कॉमेडी ने खराब किया मजा
हाल ही में फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम हुई है. इसे देखकर समझ आया क्यों इसने इतना बुरा परफॉर्म किया. अगर आप भी 'भाभीजी घर पर हैं' शो के फैन रहे हैं तो ये मूवी आपके भरोसे को चकनाचूर करती है. ऐसा भी हो सकता है कि आप इस शो को अपने फेवरेट शोज की लिस्ट से निकाल बाहर फेंके. कैसे एक फैमिली शो को अश्लील कॉमेडी बनाकर उसका बेड़ागर्क किया जाता है, ये मूवी देखकर मालूम पड़ता है. इसमें डबल मीनिंग डायलाग्स की भरमार है. अंगूरी भाभी और विभूति के बीच इतनी फूहड़ और अभद्र बातचीत दिखाई गई, जिसे देखकर शर्म ही आ जाए.

फिल्म के फ्लॉप होने में इसकी अश्लील कॉमेडी बड़ी वजह बनी है. क्योंकि इसके किरदारों की एक साफ सुथरी इमेज दर्शकों के दिलों में बनी हुई थी. जिसे मेकर्स ने बुरी तरह बर्बाद करने में कसर नहीं छोड़ी. अंगूरी भाभी-विभूति और गोरी मेम-तिवारी जी के बीच मर्यादित सीन्स ही टीवी पर दिखाए गए. उनकी फ्लर्टिंग में फूहड़ता नहीं बल्कि मासूमियत और दायरा होता था. मगर फिल्म ने उस लकीर को ताड़-ताड़ किया है. अचानक से अपने सीधे-सादे किरदारों को यूं बोल्ड होना ऑडियंस को अखरा. यही एंगल इस फिल्म को भी ले डूबा.

Advertisement

कॉमेडी का 'C' नहीं
'भाभीजी घर पर हैं' शो दर्शकों को गुदगुदाता रहा है. ये शो दर्शकों को लाइट फील कराने और खुशी रखने की थेरेपी के तौर पर देखा गया. लेकिन फिल्म इतनी बोझिल है कि उसकी हद नहीं. जैसे कि इसका टाइटल है-  भाभी जी घर पर हैं! (फन ऑन द रन).. मूवी में ना ही फन है, ना ही एंटरटेनमेंट. अगर कुछ है तो बस बोरियत. मूवी हर फ्रेम में इरिटेट करती है. रवि किशन, जो कि अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने भी फिल्म में निराश किया है. आप लापता लेडीज में उनकी भौकाली एक्टिंग देख लीजिए, वो रवि किशन इस फिल्म में मिसिंग लगे. ना उनकी एक्टिंग में जोश दिखा, ना कॉमेडी में. फिल्म में अगर कोई हाई ऑन जोश दिखा, तो वो थे भोजपुरी स्टार निरहुआ (दिनेश लाल यादव). उनका काम शानदार है. बाकी तो फिल्म ऊबाऊ और बोरिंग है.

इस फिल्म में 'भाभीजी घर पर हैं' शो का 1 प्रतिशत एंटरटेनमेंट नहीं दिखा. पूरा कोर मिसिंग है. शो के सभी अहम किरदारों को मूवी में कास्ट किया गया है. लेकिन कोई अपनी छाप नहीं छोड़ता. अगर आपने ये मूवी थियेटर्स में मिस कर दी थी, तो बहुत बढ़िया किया. अगर इसे ओटीटी पर देखने के इंतजार में थे, तो इसे मिस करना आपकी भूल नहीं, समझदारी होगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement