शादी करना मां बनना...महिलाओं की गुलामी सजी धजी होती है: पूजा भट्ट

इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट के 5 अक्टूबर के इवेंट में पूजा भट्ट ने महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशीलता से जुड़ी कई बातों पर चर्चा की.

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पूजा भट्ट (फोटोः इंडिया टुडे) पूजा भट्ट (फोटोः इंडिया टुडे)

पुनीत पाराशर

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST

इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2018 में बॉलीवुड एक्ट्रेस ने समाज, महिलाओं के उत्पीड़न और फिल्म इंडस्ट्री को लेकर बेबाक राय रखी. पद्मजा जोशी के साथ बातचीत में पूजा ने कहा, "जब आप दुनिया में दर्द भरा सच बोलते हैं तो आपको लोग या तो पागल कह देते हैं या फिर खारिज कर देते हैं. मैं सच में भरोसा करती हूं."

ने आगे कहा, "क्योंकि मुझे लगता है कि सच को पीआर की जरूरत नहीं होती है. यह आग है जो जलती है." उन्होंने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके बैंक में कितना पैसा है, जब आपको चोट लगती है तो दर्द बराबर होता है."

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महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर उन्होंने कहा, "जब तक आपके घर सुरक्षित नहीं होंगे तब तक दुनिया सुरक्षित नहीं होगी. 90 प्रतिशत शोषण और प्रताड़नाएं घर के भीतर ही होती हैं." पूजा ने कहा, "लोग बड़ी बदली हुई जिंदगी जीते हैं. वो वास्तविक दुनिया में वैसे नहीं होते जैसे वो बाहर दुनिया को दिखाते हैं. कितनी भी संस्थाएं बन जाएं मायने यह रखता है कि क्या आप अपना सच बोलने के लिए तैयार हैं."

इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए के बारे में उन्होंने कहा, "जहां तक तनुश्री और नाना पाटेकर के मामले की बात है, तो इसमें 2 वर्जन हैं. पहला उनका जो सालों से नाना के साथ काम कर रहे हैं, उनका कहना है कि नाना पूरी तरह जेंटलमैन हैं. दूसरा उनका जो कहते हैं तनुश्री को बोलने की पूरी इजाजत देना चाहिए. इस मसले की जांच हो, लेकिन सवाल ये है कि जांच कौन करेगा?"

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अमेरिका में एक घटना के बाद शुरू हुए मीटू के बारे में पूजा ने कहा, "यह सिर्फ एक बात थी जो अमेरिका में शुरू हुई. वहां का माहौल वहां के हालात अलग है. यहां चीजें अलग ढंग से हो रही हैं. जहां तक अमेरिका की बात है तो जब तक ट्रंप वहां हैं तब तक भगवान ही अमेरिका को बचाए." सती प्रथा और उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, "भारत में महिलाओं के साथ होने वाला अत्याचार नया नहीं है. यह भारत के गर्भ में है."

पूजा ने कहा कि वेदों में लिखा गया है, "जब तक लड़का चिता को आग नहीं लगाता है तब तक आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है."

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