जन्मदिन पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से एक्सक्लूसिव बातचीत

महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने बर्थडे पर काफी खुलकर बात की, जानें बिग बी कैसे मनाते हैं अपना बर्थडे...

Advertisement
अमिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन

आर जे आलोक

  • मुंबई,
  • 11 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

आज सदी के महानायक और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के शहंशाह डॉक्टर अमिताभ बच्चन का जन्मदिन है. इस मौके पर अमिताभ बच्चन साहब से हमने कुछ खास बातचीत की है, पेश है, उसी के मुख्य अंश.

11 अक्टूबर आपके लिए कितना खास है?
11 अक्टूबर मेरे लिए उतना ही खास है, जितना की आपको अपनी पैदाइश का दिन खास है. एक जीव का जन्म, इस संसार में अपने आप में एक अद्भुत प्रक्रिया होती है और फिर जब वो एक मानस रूप में हो, तो किसी भी चमत्कार से कम नहीं होता. आप और मैं, ईश्वर (यदि आप ईश्वर में विश्वास रखते हैं) के इस चमत्कार का स्वरुप हैं और मेरा ऐसा मनना है कि हम भाग्यशाली हैं कि ईश्वर ने हमें मानस रूप में इस संसार में उत्पन्न किया.

Advertisement


मां बाबूजी ने हमेशा सुख, शांति और हमारी मंगल कामना की प्रार्थना की. यही हमारे जीवन की सब से बड़ी उपलब्धि और पूंजी है.

बचपन में आपका जन्मदिन कैसे मनाया जाता था ?
जिस तरह आपका मनाया जाता होगा, उसी तरह हमारा भी मनाया जाता था. बधाई देना, कुछ उपहार - जितना भी संभव हो सके भेंट में देना, नए वस्त्र , कुछ मेरे मित्रों को आमंत्रित करना, कुछ मिष्ठान, कुछ खेल कूद और बस.

किसी स्कूल या कॉलेज के दोस्त के द्वारा दिया हुआ गिफ्ट याद आता है?
अधिकतर- एक कोई अच्छी पुस्तक, कोई खिलौना, कलम, पुष्प यही याद आता है.


केक की प्रथा के बारे में मेरा दृष्टिकोण कई बार आपको बता चुका हूं. इस प्रथा की शुरुआत कहां और कैसे हुई, इसके बारे में मुझे पता नहीं. यदि आपको कोई जानकारी हो तो मुझे सूचित कीजियेगा. साथ ही, इस खासे गाढ़े मिष्ठान को, चेहरे पर क्यों पोत दिया जाता है, उसके बारे में भी मुझे सूचित कीजियेगा, नजर उतारने के और बहुत से सम्मानित तरीके होते हैं.

Advertisement

कोई ऐसा यादगार बर्थडे जो आपने फिल्म के सेट सेलिब्रेट किया हो?
कोई ऐसा यादगार लम्हा तो याद नहीं आ रहा. हां, कुछ ऐसे अवसर थे, जब मेरा क्योंकि मैं उस दिन काम कर रहा था. तो वही गाढ़ा मिष्ठान प्रस्तुत किया गया, उस पर जितनी मेरी उम्र थी, मोमबत्तियां लगाई गईं, उन्हें जलाया गया, फिर फूंक कर उन्हें बुझाने को कहा गया, तालियां बजीं, एक गान जो विश्व का सबसे प्रचलित और सबसे ज्यादा गाया हुआ गान है, अलग-अलग स्वरों में गाया गया, एक कत्ल करने नुमा चाकू पेश किया गया, मिष्ठान को फांकों में काटने को कहा गया वहां मौजूद लोगों को अपने हाथों से खिलाने को कहा गया, किसी वृद्ध या खासदार को अपने हाथों से मेरे मुख में पदार्थ डालने को कहा गया. बस हमारे जमाने में इसके पश्चात् लिपा-पोती की परंपरा, भाग्यवश, स्थापित नहीं हुई थी.

बाबूजी ने कभी 'जन्मदिन' से रिलेटेड पक्तियां लिखी हों, जो आज याद आती हो?
जी, प्रति वर्ष बाबूजी मेरे, या परिवार के किसी भी सदस्य के जन्मदिवस पे एक कविता लिखते थे, जिसमें वे बधाई और मंगल कामना की प्रार्थना व्यक्त करते थे. वो पंक्तियां मुझे याद हैं. लेकिन यहां आपको लिख के सुनाऊंगा नहीं, क्योंकि वो परिवार व्यक्तिगत हैं.

Advertisement

मां जी इस दिन कुछ खास खाना पकाया करती थी?
जी....खीर.

जया जी और पूरे परिवार की तरफ से बर्थडे पर दिया गया कोई सरप्राइज या उपहार याद आता है ?
जी याद आता है. सब याद आता है, अब उसे भी बताने के लिए न कहियेगा, क्योंकि मैं बताऊंगा नहीं.


केक और कुछ और सम्बंधित सामग्री नहीं खाता हूं. पर ऐसा नहीं है की मीठा खाता ही नहीं हूं! केक जो भेजा जाता है, या जो उपहार के रूप में सामने आता है, उसे छूकर श्रद्धा आदर सहित प्रणाम कर लेता हूं.

आपका जन्मदिन पूरा विश्व मनाता है, हर रविवार को जलसा और प्रतीक्षा के बाहर जन सैलाब आता है, लेकिन बर्थडे के दिन कुछ खास ही नजारा होता है, इस बात को कैसे महसूस करते हैं ?
आभारी हूं उन सबका जो बधाई देने आते हैं, और उन्हें हृदय से धन्यवाद और प्रणाम करता हूं. ऐसा संभव तो नहीं हो पाता है की सबसे मिल सकूं, लेकिन इतना स्वीकारता हूं कि यदि आज मैं जीवित उनके सामने हूं, तो उनकी प्रार्थना और स्नेह की वजह से हूं.

आप इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा समय के पाबंद माने जाते हैं, इसके पीछे किसकी प्रेरणा है?
पता नहीं फिल्म उद्योग में मैं सबसे ज्यादा समय पाबंद हूं या नहीं. मैं इसे कोई खि‍ताब के रूप में नहीं मानता. सैयम और अनुशासन किसी व्यक्ति की प्रेरणा नहीं होती, ये तो हर इंसान की अपनी अपनी परिकल्पना होती है, ऐसा मेरा मानना है. यदि कोई, किसी समय पे आपको बुलाता है, तो समय पे उपस्थित होना, उसका आदर करना, मैं मनाता हूं, वरना आप उस व्यक्ति का निरादर कर रहे हैं और मैं किसी का निरादर नहीं करना चाहता. क्यों करूं ? अगर निरादर ही करना है तो उसे आमंत्रित क्यों करूं या फिर उसका निमंत्रण ही क्यों स्वीकार करूं.

Advertisement

'पिंक' फिल्म को जबरदस्त सराहना मिली है, तो क्या ये जन्मदिन और भी ज्यादा दिलचस्प होने वाला है?
जन्मदिन दिलचस्प इस लिए होता है क्योंकि सांस लेते लेते एक और दिन बीत जाता है. हम जीवित हैं, जीवन धारा चल रही है, इसके लिए हम ईश्वर के ऋणी है और हमें इस बात की प्रसन्नता है. फिल्म की सफलता से हम सब प्रसन्न हैं इसमें कोई संदेह नहीं, लेकिन इस फिल्म की वजह से 11 अक्टूबर ज्यादा दिलचस्प हो, ये शायद सही न होगा. जन्म दिवस एक शुभ दिन होता है और वो हमेशा दिलचस्प रहे, ज्यादा दिलचस्प रहे, यही कामना होती है. लेकिन अगले जन्म दिवस पे कोई 'पिंक' ना हुई तो ? जन्म दिवस की दिलचस्पी बर्बाद हो जाएगी? नहीं !! जीवित रहें यही बहुत है. किसी फिल्म की सफलता से उसका परिचय देना, मैं सही नहीं समझता हूं.

कोई खास मैसेज सदी के महानायक की तरफ से उनके चाहने वालों के लिए ?
अपने चाहने वालों को मैं अपनी तरफ से शीश नवा के नमस्कार करता हूं और आप जैसे पत्रकारों को हाथ जोड़ कर प्रार्थना करता हूं कि आप मुझे 'सदी' और 'महानायक' जैसे शब्दों से संबोधित न करें!! धन्यवाद!

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »