अक्षय कुमार ने मानी मोदी की बात, ये भी दे रहे हैं साथ

बॉलीवुड और टीवी जगत में आजकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं पर फिल्में और सीरियल बनने का दौर चल रहा है. अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' प्रधानमंत्री मोदी की स्वच्छ भारत आंदोलन पर आधारित है.

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अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर

नरेंद्र सैनी

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 7:53 AM IST

प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं मनोरंजन जगत का भी हिट फॉर्मूला है. बॉलीवुड हो या टीवी, प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं का जिक्र अक्सर होता रहता है.

हाल ही में आई वरुण धवन-आलिया भट्ट स्टारर 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' में दहेज कुप्रथा और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का जिक्र था. विद्युत जामवाल की 'कमांडो 2' में काले धन को लेकर जिक्र था. अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' भी प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित है.

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छोटे पर्दे की बात करें तो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में पीएम की योजनाओं का जिक्र अक्सर होता है. 'डियर प्रधानमंत्री, मैंने आपके डिजिटल इंडिया से प्रेरणा लेकर एक अनोखे भारत को जाना है.' इन दिनों जी चैनल पर 'सेठजी' नाम के सीरियल का प्रोमो आना शुरू हुआ है और उसकी लीड कैरेक्टर का यह इंट्रो डायलॉग है. यह कहानी इंडिया और भारत की है. एक में प्रगति और दूसरे में आदर्शों की बात कही गई है. इस तरह मनोरंजन उद्योग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं और सूत्र वाक्यों से अछूता नहीं है. 'सेठजी' टीवी पर 17 अप्रैल से नजर आएगा. इसमें दोनों तरह के भारत को छूने की कोशिश की गई है.

उधर, अक्षय कुमार हैं कि अपनी अगली फिल्म 'टॉयलेटः एक प्रेम कथा' के जरिए प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की मशाल थामे हुए हैं. वे अपनी फिल्म के जरिए शौचालय के महत्व पर रोशनी डालने वाले हैं. उन्होंने छह मिनट का एक वीडियो जारी किया और ट्वीट किया, 'टाइम है अपनी सोच और शौच दोनों बदलने का.' फिल्म में उनके साथ भूमि पेडनेकर हैं और फिल्म को श्रीनारायण सिंह डायरेक्ट कर रहे हैं.

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वैसे भी अक्षय कुमार देश की समस्याओं और भावनाओं से जुड़ी फिल्मों पर खासा जोर दे रहे हैं. उनकी 'जॉली एलएलबी-2' भी देश में कोर्ट केसों के अंबार पर फोकस थी. उनकी फिल्में दर्शकों से कनेक्ट करने का का काम कर रही हैं. बॉलीवुड के कुछ अन्य एक्टर और डायरेक्टर भी इस बात को बखूबी समझ चुके हैं. तभी करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' में वरुण धवन 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का जिक्र करते दिखे. फिल्म दहेज और लड़कियों को आगे बढ़ाने को आधार बनाकर रची गई थी. 35 करोड़ रुपये के बजट से बनी फिल्म ने 100 करोड़ रुपये का कारोबार किया.

इसी तरह, विद्युत जामवाल 'कमांडो-2: द ब्लैक मनी ट्रेल' में विदेश में गए भारत के काले धन को लाने की कोशिश करते नजर आते हैं. पूरी फिल्म काले धन के इर्द-गिर्द ही घूमती है.


फिल्म विश्लेषक मानते हैं, 'आने वाले दिनों में बॉलीवुड कई और योजनाओं को अपनी फिल्मों का विषय बना सकता है क्योंकि पीएम की पॉलिटिक्स की तरह ये मंत्र भी हिट हैं.' फिल्में ही नहीं, टीवी का 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' समय-समय पर प्रधानमंत्री की योजनाओं को प्रमोट करता नजर आता है जबकि कई धारावाहिकों में स्वच्छता से लेकर नोटबंदी जैसे विषय नजर आ चुके हैं. यानी मोदी की पॉलिटिक्स की तरह उनके मंत्र भी हिट हैं.

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