श्रीदेवी के आकस्मिक निधन का सबसे ज्यादा असर उनकी दोनों बेटियों जाह्नवी और खुशी पर पड़ेगा. जाह्नवी की पहली फिल्म 'धड़क' इस साल रिलीज होने वाली है, लेकिन श्रीदेवी उसे देख नहीं पाएंगी. श्रीदेवी अपनी बेटियों के हर सपने को पूरा करना चाहती थीं. वो अपनी बेटी की पहली फिल्म के लिए उनकी हर संभव मदद भी कर रही थीं, लेकिन एक आम मां की तरह उनकी भी यही तमन्ना थी कि उनकी बेटियों का घर समय पर बस जाए.
एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था- जाह्नवी फिल्मों में काम करना चाहती है, मैं इस बात से खुश नहीं हूं. मेरा ये मतलब नहीं है कि ये बॅालीवुड इंडस्ट्री खराब है पर हर मां बाप की तरह पहले मैं जाह्नवी का घर बसते देखना चाहती हूं. मुझे ज्यादा खुशी होगी अगर वो दुल्हन बने. लेकिन जाह्नवी की खुशी एक्टिंग करने में है तो हम सब उसके साथ हैं. अगर वो एक अच्छी एक्टर साबित होती है तो मुझे काफी गर्व महसूस होगा.
हालांकि इस इंटरव्यू के बाद श्रीदेवी की आलोचना होने लगी थी. जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि मुझे जाह्नवी के करियर से कोई परेशानी नहीं है.
इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- मेरी बेटियां मेरी जिंदगी में सबसे ज्यादा अहम हैं. हम तीनों काफी अच्छे दोस्त हैं और एक-दूसरे के साथ काफी वक्त बिताना पसंद करते हैं. हमारा पूरा रूटीन एक दूसरे के साथ ही बीतता है. मैं रात को कितनी भी देर से आऊं, लेकिन खुशी मेरा वेट करती है और हम देर रात तक फिल्में देखते हैं.
उन्हें अपनी बेटियों के साथ घूमना भी काफी पसंद था.
एक बार सोशल मीडिया पर श्रीदेवी की एक तस्वीर पर भद्दे कमेंट्स आ रहे थे, जिसे देखने के बाद खुशी ने उनका विरोध किया और बॅाडी शेमिंग पर फेसबुक का एक पोस्ट डाला. श्रीदेवी ने कहा था- मेरी बेटी को इतना स्ट्रॉग, शार्प वुमेन बनते देख मुझे काफी खुशी हुई.