स्नेहा का रेड कार्पेट लुक उनकी असल जिंदगी से बिल्कुल अलग था. उन्हें लेटेस्ट तस्वीरों में पहचानना मुश्किल है. गांव के परिवेश में पली बढ़ी स्नेहा ऑस्कर सेरेमनी में क्रॉप टॉप और लॉन्ग स्कर्ट पहने नजर आईं.
स्नेहा पेशे से एक्ट्रेस नहीं हैं. उनकी जिंदगी भी हापुड़ में रहने वाली आम लड़कियों की तरह ही है. लेकिन स्नेहा को फिल्म कैसे मिली यह एक दिलचस्प किस्सा है. स्नेहा ने बताया, जिस संस्था के बारे में डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया है, वहां मैं काम करती हूं. काम करने के पीछे वजह अपनी कोचिंग की फीस भरना है.
डॉक्यूमेंट्री में स्नेहा की रियल लाइफ को दिखाया गया है. वो पुलिस में भर्ती होना चाहती हैं, इसके लिए रिटेन एग्जाम निकालना जरूरी है. इसी तैयारी के लिए स्नेहा कोचिंग ज्वाइन करना चाहती हैं.
स्नेहा ने बताया, जब मैं सेनेटरी बनाने वाली संस्था के साथ जुड़ी तो वहीं फिल्म के बारे में पता चला. उन लोगों ने काम करने को कहा, पहले तो शर्म आई, फिर सोचा शर्म करूंगी तो आगे कैसे बढ़ना होगा. बस यहीं से मैं डॉक्यमेंट्री का हिस्सा बनी.
डॉक्यमेंट्री में स्नेहा के साथ गांव की कई लड़कियां दिखाई गई हैं. डॉक्यमेंट्री का ऑस्कर में चुनाव होने पर स्नेहा ने बताया था, कभी नहीं सोचा था अमेरिका जाना होगा. मैं तो कभी हापुड़ से दिल्ली तक नहीं गई. स्नेहा के सपनों ने उड़ान भरी और वो डॉक्यमेंट्री की को प्रोड्यूसर के साथ लॉस एंजिल्स पहुंची. स्नेहा की कई तस्वीरें डॉक्यमेंट्री की टीम के साथ सामने आईं.
डॉक्यमेंट्री को मिले ऑस्कर के बाद स्नेहा के गांव में गांव में मिठाइयां बांटी गई है.