सारे स्टीरियोटाइप्स को तोड़ते हुए जब एक मॉडल ने लैक्मे फैशन वीक में रैंप वॉक किया तो सभी की नजरें उनपर टिक गई. बात बस इतनी सी थी कि वे नेपाली मूल की पहली ट्रांसजेंडर मॉडल थीं, जिन्होंने लैक्मे जैसे इंटरनेशनल फैशन वीक में रैंप वॉक किया था. अंजली के इस रैंप वॉक ने उन्हें खुद को भीड़ से अलग साबित किया था. आज वही अंजली लामा मॉडलिंग की दुनिया का चमकता सितारा है. लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने परिवार और समाज के एक बड़े तबके से अकेले लड़ाई लड़ी. आइए जानें इस ट्रांसजेंडर मॉडल की जिंदगी के कुछ दिलचस्प पहलुओं के बारे में...
नेपाल के नुवाकोट जिले के एक किसान परिवार में जन्मीं नबीन वाइबा उर्फ अंजली लामा अपने घर में सात भाई-बहनों में पांचवे नंबर पर थीं. बचपन से ही वे अपने शरीर को खुद से जोड़ नहीं पाती थी, कारण था उनका जेंडर. एक लड़के के शरीर में लड़की जैसी भावनाएं और इच्छाएं होने के कारण उनके एक्शंस लोगों के समझ से परे थे. इस वजह से घर और स्कूल हर जगह बच्चे उन्हें परेशान किया करते थे.
18 साल की उम्र में अंजली नेपाल के एक कम्युनिटी सेंटर में अपने जेंडर की जिज्ञासा खत्म करने के लिए आई. यहां उन्हें अपने लड़की होने का एहसास हुआ और वो पहली बार एक लड़की के पहनावे में बाहर निकलीं. उनकी पहचान उनके परिवार के लिए जमीनी तौर पर महंगी थी. महंगे से यह मतलब नहीं कि सेक्स चेंज या कोई ऑपरेशन बल्कि समाज और रिश्तेदारों के ताने से है.
अंजली ने हिम्मत जुटाकर अपने घरवालों को बताया कि वे एक स्त्री हैं. लेकिन अंजली की ये बात उनके घरवालों को रास नहीं आई और उन्होंने अंजली को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया. उस वक्त अंजली बिल्कुल अकेली पड़ गई थी. उनके पास ना कोई आर्थिक और ना ही कोई इमोशनल सपोर्ट था.
वे काठमांडू आ गईं और मॉडलिंग के कुछ एसाइनमेंट्स करने शुरू किए. यह 2009 से 2011 के बीच की बात है. इसी दौरान अंजली ने काठमांडू के ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के बारे में भी जाना. धीरे-धीरे जब उन्हें समझ आया कि वे अकेली ऐसी नहीं हैं तो उन्होंने अपने आप में हर तरह से बदलाव लाना शुरू किया और एक महिला जैसे रहने लगीं.
वे नेपाल के 'वॉइस ऑफ नेपाल' के कवर में नजर आईं. इस नई पहचान से अंजली इतनी खुश थीं कि उन्होंने बिना पैसों के एक लोकल डिजाइनर के लिए काम भी किया. उन्हें टीवी शोज में भी मौका मिला. उनके मॉडलिंग एसाइनमेंट्स से उन्हें बहुत कम पैसे मिलते थे तो उन्होंने रेस्टोरेंट्स में काम करना शुरू किया. ऐसे ही एक मॉडलिंग इवेंट में एक यूके बेस्ड ब्लॉगर की नजर उनपर पड़ी और फिर लोगों ने अंजली लामा को जाना.
उन्होंने भारत के फैशन शोज में अप्लाई करना शुरू किया लेकिन बात नहीं बनी. फिर अंजली ने नेपाल में रहते हुए ही लैक्मे फैशन वीक के लिए अप्लाई किया लेकिन दो बार रिजेक्ट हो गईं. तीसरी बार उन्होंने भारत आकर और इसके लिए समय निकालकर पूरी कोशिश करने का फैसला किया और आखिरकार सिलेक्ट भी हुईं. इसके आगे जो हुआ वो तो सब जानते हैं. वे लैक्मे फैशन वीक जैसी इंटरनेशनल रैंप पर डिजाइनर मोनिषा जयसिंह के लिए वॉक करने वाली पहली ट्रांसजेंडर मॉडल बन गईं.
उन्होंने डिजाइनर अमित अग्रवाल, अनीता डोंगरे, तरुण तहिलियानी जैसे फेमस डिजाइनर्स के लिए मॉडलिंग की है. अंजली कई मैगेजीन्स जैसे वोग और ब्रांड्स जैसे केल्विन क्लीन का चेहरा भी हैं. वे LGBTQ समुदाय के लिए काम कर रही एजेंसी Feat.Artists के साथ भी जुड़ी हुई हैं.