इंटरनेशनल फिल्म कम्युनिटी ने एक ऐसा कमाल देख लिया है, जिसके होने की कल्पना भी शायद किसी ने नहीं की थी. बीते वीकेंड हॉलीवुड फिल्म बैकरूम्स, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर टॉप फिल्म रही. शुक्रवार, 29 मई को रिलीज हुई बैकरूम्स ने संडे तक वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 118 मिलियन डॉलर (1127 करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा) का ग्रॉस कलेक्शन कर डाला.
इस तगड़े आंकड़े के पीछे छुपा शानदार फैक्ट ये है कि इस फिल्म के डायरेक्टर केन पार्सन्स (Kane Parsons) केवल 20 साल के हैं. वो सिनेमा के इतिहास में, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर टॉप करने वाले सबसे यंग फिल्ममेकर बन गए हैं. इस फैक्ट के पीछे छुपी दिलचस्प कहानी ये है कि केन को इससे पहले दर्शक एक यूट्यूबर (Kane Pixels) के तौर पर जानते थे और बैकरूम्स उनकी सिर्फ पहली फिल्म है. इस को लिखने में केन का सफर अपने आप में किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.
नेथन बर्नाट अमेरिका के एक जानेमाने एक्टर, कॉमेडियन और यूट्यूबर हैं. उनका कॉमिक कैरेक्टर 'डैड' काफी पॉपुलर है, जिसपर बेस्ड उनकी वेब सीरीज डैड फील्स बहुत कामयाब रही. दर्शकों में इस सीरीज का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा था. लेकिन नेथन तब हैरान रह गए जब उनकी इतनी सक्सेसफुल सीरीज पर, एक 14 साल के बच्चे ने वीडियो बनाकर उन्हें भेजा कि कैसे स्ट्रक्चर और एडिटिंग के थोड़े से बदलाव उनकी सीरीज को ज्यादा दमदार बना सकते हैं.
नेथन को उस बच्चे के सजेशन में दम नजर आया. इस सजेशन के साथ जब उन्होंने अपना अगला वीडियो डाला, तो उसका क्रेज दर्शकों में और तगड़ा देखने को मिला. उस 14 साल के बच्चे का नाम था केन पार्सन्स. बाद में नेथन ने अपने कई और वीडियोज के लिए केन के साथ काम किया.
इधर केन ने अपने यूट्यूब चैनल पर नेथन के 'डैड' किरदार से ही एक स्पिन-ऑफ सीरीज, प्रोजेक्ट 209 शुरू कर दी. कॉन्सेप्ट ये था कि केन को किडनैप कर लिया गया है और उन्हें एक टाउन में जबरदस्ती रहना पड़ रहा है. केन का यह कंटेंट चल पड़ा. इसके बाद उन्होंने कई और वीडियो शॉर्ट्स सीरीज बनाईं जो काफी पॉपुलर हुईं.
इसी बीच केन का सामना इंटरनेट पर पॉपुलर एक 'क्रीपीपास्ता' (Creepypasta) से हुआ— ये इंटरनेट के जरिए पॉपुलर होने वाली हॉरर दंतकथाएं होती हैं. कहानी का मुद्दा था मॉल्स और स्टोर्स के पीछे हमेशा से खाली पड़ीं, सुनसान और भूतिया स्टाइल वाली खाली जगहें. केन ने इस आइडिया के साथ एक कहानी बुनी और जैसे अक्सर रीयल घटनाओं के बीच से फुटेज सामने आती है, उसी 'फाउंड-फुटेज' (Found-footage) स्टाइल में एक वीडियो सीरीज बनाई— बैकरूम्स (2022). आज केन की इस यूट्यूब सीरीज के पहले पार्ट पर 84 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं.
स्ट्रेंजर थिंग्स (Stranger Things) के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर रहे और डेडपूल एंड वुल्वरीन डायरेक्ट करने वाले फिल्ममेकर शॉन लेवी की प्रोडक्शन कंपनी में एक यंग लड़के ने यूट्यूब पर बैकरूम्स देखी थी. उसने यह मामला आगे बढ़ाया तो शॉन इसे एक फुल लेंथ फीचर फिल्म बनाने के लिए राजी हो गए.
इसके बाद सॉ (Saw), इन्सीडियस (Insidious) और द कॉन्जुरिंग यूनिवर्स (The Conjuring) जैसी कल्ट हॉरर फिल्मों के प्रोड्यूसर जेम्स वान भी इस प्रोजेक्ट से बतौर प्रोड्यूसर जुड़ गए. उन्होंने जब फिल्म को लेकर केन को पहली बार ज़ूम कॉल किया, तो वो सरप्राइज रह गए. उनके सामने एक 16 साल का बच्चा बैठा था, जो अपने पापा के साथ मिलकर उन्हें बैकरूम्स फिल्म के लिए आइडियाज दे रहा था.
जेम्स वान ने 'वैरायटी' को बताया, "जब तक केन से हमारी बात नहीं हुई थी, हमें कोई आइडिया नहीं था कि वो एक हाई-स्कूल स्टूडेंट है." हॉलीवुड में इंडिपेंडेंट फिल्मों के सबसे बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स में से एक, A24 ने भी बैकरूम्स को को-प्रोड्यूस करने का फैसला किया. आखिरकार महज 10 मिलियन डॉलर (करीब 95 करोड़ रुपये) के बजट में यह फिल्म बनकर तैयार हुई.
इस एक्साइटिंग प्रोजेक्ट के साथ शॉन लेवी और जेम्स वान जैसे दमदार मेकर्स के होने का एक और बड़ा फायदा हुआ— हॉलीवुड के दो ऑस्कर नॉमिनेटेड एक्टर्स चुअटल एजियोफो (Chiwetel Ejiofor) और रेनाते राइन्स्वे (Renate Reinsve) बैकरूम्स में लीड रोल्स प्ले करने के लिए राजी हो गए.
पहली बार डिस्कशन शुरू होने से लेकर फाइनल थिएटर प्रिंट आने तक बैकरूम्स को पूरे 4 साल लगे. लेकिन सिर्फ पहले वीकेंड में ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जो गदर मचाया है, वो इसके बजट से 10 गुना से भी ज्यादा है. फिल्म के प्रोडक्शन में भले ही 4 साल का वक्त लगा हो, लेकिन महज 20 साल की उम्र में केन पार्सन्स आज वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर राज करने वाले इतिहास के सबसे यंग डायरेक्टर बन चुके हैं.
सुबोध मिश्रा