Movie Review: निशाने से चूक गई सलमान के बैनर की 'फ्रीकी अली'

सोहेल खान ने अपने करियर में कई फिल्में डायरेक्ट की हैं जैसे 'औजार', 'हेलो ब्रदर', 'मैंने दिल तुझको दिया', 'जय हो' इत्यादि, लेकिन उनकी सबसे ज्यादा सफल फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' को माना जाता है. इस बार सोहेल ने 1996 की अमेरिकन स्पोर्ट्स फिल्म 'हैप्पी गिलमोर' से प्रेरित होकर 'फ्रीकी अली' बनाई है, आइए जानते हैं कैसी है सोहेल की यह फिल्म 'फ्रीकी अली'.

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फिल्म 'फ्रीकी अली' फिल्म 'फ्रीकी अली'

पूजा बजाज / आर जे आलोक

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:24 PM IST

फिल्म का नाम: फ्रीकी अली
डायरेक्टर: सोहेल खान
स्टार कास्ट: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, एमी जैक्सन, अरबाज खान, जस अरोड़ा, सीमा बिस्वास
अवधि: 2 घंटा
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2.5 स्टार

सोहेल खान ने अपने करियर में कई फिल्में डायरेक्ट की हैं जैसे 'औजार', 'हेलो ब्रदर', 'मैंने दिल तुझको दिया', 'जय हो' इत्यादि, लेकिन उनकी सबसे ज्यादा सफल फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' को माना जाता है. इस बार सोहेल ने 1996 की अमेरिकन स्पोर्ट्स फिल्म 'हैप्पी गिलमोर' से प्रेरित होकर 'फ्रीकी अली' बनाई है, आइए जानते हैं कैसी है सोहेल की यह :

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कहानी
यह कहानी मुंम्बई के अली की है, जो चड्ढी बेचने का काम करता है लेकिन काम से निकाले जाने के बाद लोकल गुंडे मकसूद (अरबाज खान) के साथ फिरौती वसूली का धंधा करता है. वैसे तो अली को क्रिकेट में इंट्रेस्ट है लेकिन एक दिन जब वो मकसूद के साथ गोल्फ कोर्स में वसूली के लिए जाता है तो उसकी किस्मत बदल जाती है. जब बिजनेसमैन उसे गोल्फ खेलते हुए चैलेंज करता है तो अली एक बार में ही गोल्फ की गेंद को गड्ढे के अंदर डाल देता है. फिर इसी बीच उसकी नजर मेघा पर पड़ती है जो गोल्फ चैंपियन विक्रम (जस अरोड़ा) की मैनेजर है और अली को मेघा से पहली नजर में प्यार हो जाता है, लेकिन इस प्यार को पाने के लिए अली को एक बड़ी परीक्षा देनी पड़ती है, कई सारे उतार-चढ़ाव भी आते हैं और आखिरकार अली को मेघा मिल जाती है.

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स्क्रिप्ट
फिल्म की स्क्रिप्ट काफी सिंपल है और लोट-पोट करने वाले संवादों से भरी है. फर्स्ट हाफ काफी मनोरंजक है, सेकंड हाफ थोड़ा खींचा हुआ दिखाई पड़ता है जो वास्तविकता से काफी परे नजर आता है. फिल्म में वन लाईनर पंच भी मजेदार.

अभिनय
फिल्म में ने बहुत ही उम्दा एक्टिंग की है, वहीं सीमा बिस्वास और अरबाज खान का काम भी अच्छा है, बाकी सह कलाकारों जैसे एमी जैक्सन, जस अरोड़ा, निकितन धीर ने भी सहज अभिनय किया है.

कमजोर कड़ी
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी सेकंड हाफ की लिखावट है, फिल्म को थोड़ा लीक से हटकर और बेहतर ढंग से लिखा जाता तो देखने वाले को भी काफी मजा आता.

संगीत
फिल्म का संगीत ठीक-ठाक सा है. गाने फिल्म को सही दिशा में ले जाते हैं.

क्यों देखें
अगर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के चाहने वाले हैं, फिल्म का ट्रेलर पसंद आया है तो एक बार जरूर देख सकते हैं, आप निराश नहीं होंगे.

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