नवाजुद्दीन सिद्दीकी फिल्म इंडस्ट्री के उन कलाकारों में से हैं, जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उनके एक बयान ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी थी, जिसमें उन्होंने 'फर्जी फिल्मों' का जिक्र किया था. लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि उनका इशारा रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' की तरफ है. लेकिन अब नवाज ने इन तमाम चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ी है.
Zoom को दिए एक खास इंटरव्यू में नवाजुद्दीन ने साफ कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब वे फिल्मों के बारे में बात करते हैं, तो वे किसी हालिया रिलीज या खास प्रोजेक्ट को निशाना नहीं बनाते.
नवाज के मुताबिक, उनका इशारा 70 और 80 के दशक से चली आ रही फिल्म मेकिंग की एक खास प्रवृत्ति की तरफ था. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यहां हर तरह का सिनेमा बनता है और हर तरह की फिल्मों के लिए यहां जगह है.
फिल्म के बजट पर बोले नवाज
अपनी नई फिल्म 'मैं एक्टर नहीं हूं' का उदाहरण देते हुए नवाजुद्दीन ने बड़े बजट और छोटे बजट की फिल्मों के बीच के अंतर को समझाया. उन्होंने कहा कि एक तरफ 'धुरंधर' जैसी भव्य फिल्में हैं जो करोड़ों का बिजनेस करती हैं और जिन्हें लाखों-करोड़ों लोग देखते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी जैसी फिल्में हैं जो बेहद कम बजट में बनती हैं. नवाज ने दिलचस्प बात कही कि जितने पैसे में बड़ी फिल्मों का एक दिन का खर्चा निकलता है, उतने में उनकी पूरी फिल्म तैयार हो जाती है.
मेथड एक्टिंग पर दिया जवाब
रणवीर सिंह जैसे कलाकारों की 'मेथड एक्टिंग' को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा और कभी-कभी मजाक भी बनाया जाता है. इस पर नवाजुद्दीन ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि आज के दौर में अगर आप पढ़े-लिखे नहीं हैं या किसी चीज की गहराई में नहीं जाते, तो उसे 'कूल' मान लिया जाता है. नवाज ने जोर देकर कहा कि एक्टिंग के लिए पढ़ाई, अभ्यास और गंभीरता बहुत जरूरी है. उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो मेथड एक्टिंग को गंभीरता से नहीं लेते.
मेथड एक्टिंग की प्रक्रिया को समझाते हुए नवाज ने कहा कि इसमें कुछ खास तरह के अभ्यास होते हैं जो एक एक्टर को किरदार की भावनात्मक गहराई तक ले जाते हैं. खासकर रणवीर सिंह जैसे एक्टर्स जो अपने रोल में पूरी तरह डूब जाते हैं और कहते हैं कि वे किरदार बन जाते हैं.
आखिर क्या था मामला?
दरअसल एक इंटरव्यू में नवाजुद्दीन से पूछा गया था कि क्या डायरेक्टर कथा-आधारिक फिल्में बना रहे हैं? इस पर एक्टर ने कहा था कि हम सब जानते हैं कि प्रचार वाली फिल्में बन रही हैं, जिसमें अधिकतर नकली-झूठी फिल्में है. मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी जा रही है. असली सच्चाई क्या है, यह भी सब जानते हैं. क्या झूठ फैलाया जा रहा है और क्या नैरेटिव सेट किया जा रहा है, सब इसके बारे में जानते हैं.' ये बयान ऐसे समय आया था, जब हर जगह फिल्म धुरंधर की चर्चा थी.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क