'घर से माइक्रोवेव-पंखे तक ले गया था, प्रेग्नेंसी में भूखा मारा', कुमार सानू की एक्स वाइफ का आरोप, बोलीं- प्रताड़ित किया

सिंगर कुमार सानू ने तलाक के बाद अपनी पत्नी को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी. लेकिन शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मुलाकात के बाद उन्होंने मजबूरन अपना बंगला 'आशिकी' अपनी गर्भवती पत्नी को दिया था. एक्स वाइफ रीता भट्टाचार्य ने इंटरव्यू में बताया कि तलाक के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया था.

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एक्स वाइफ ने कुमार सानू को लेकर किया खुलासा (Photo: Facebook @legend.sanuda/Screengrab) एक्स वाइफ ने कुमार सानू को लेकर किया खुलासा (Photo: Facebook @legend.sanuda/Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 6:40 AM IST

सिंगर कुमार सानू इन दिनों चर्चा में हैं. 'बिग बॉस 19' में एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कुमार सानू संग अपने रिश्ते के बारे में बात की थी. इसके बाद से उनके बेटे और एक्स वाइफ, सिंगर को लेकर लगातार खुलासे कर रहे हैं. सानू की एक्स वाइफ रीता भट्टाचार्य ने बताया कि तलाक के बाद सिंगर का उन्हें एक पैसा भी देने का कोई इरादा नहीं था. लेकिन शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मुलाकात ने सब कुछ बदल दिया था.

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कुमार सानू ने प्रेग्नेंसी में भूखा छोड़ा

कुमार सानू को मजबूरन अपना बंगला रीता भट्टाचार्य को देना पड़ा था. रीता उस समय अपने तीसरे बेटे के साथ गर्भवती थीं. एक नए इंटरव्यू में रीता भट्टाचार्य ने कहा कि तलाक ने उन्हें पूरी तरह से स्तब्ध कर दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सानू ने उस समय उन्हें 'प्रताड़ित' किया, खाना और दवाइयां देने से इनकार किया, और गर्भावस्था के दौरान उन्हें अदालत की तारीखों में शामिल होने के लिए मजबूर किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सानू ने अपने बेटों को छोड़ दिया था, और कहा कि अगर बाल ठाकरे नहीं होते, तो उन्हें कुछ भी नहीं मिलता.

सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक इंटरव्यू में रीता भट्टाचार्य ने याद किया कि सानू घर से निकलने के बाद उन्हें प्रतिदिन 100 रुपये भेजते थे. उन्होंने कहा, 'वह भाग गया. माइक्रोवेव और पंखे भी अपने साथ ले गया था. इसके बाद उसने घर में दूध और दवाइयों की डिलीवरी बंद कर दी, लेकिन सौभाग्य से, दूधवाला और डॉक्टर आते रहे. आप नहीं जानते कि इस आदमी ने मुझे और मेरे तीन बच्चों को कितना प्रताड़ित किया.'

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खाना चुराकर खाती थीं रीता

रीता ने कहा कि अपनी गर्भावस्था के दौरान, उन्हें खाना भी नहीं दिया गया. वह बीमार होने के कारण ज्यादा हिल-डुल नहीं सकती थीं, इसलिए उन्हें अपने ही घर में खाना चुराना पड़ता था, और एक पारिवारिक मित्र की मदद पर निर्भर रहना पड़ता था. उन्होंने कहा, 'मैं चुपके से नीचे किचन में जाती थी और थोड़ा दाल और चावल लेती थी, जिसे मैं अपने दो बेटों को खिलाती थी.' इस टकराव का दोष रीता ने सानू की बहन पर लगाया. उन्होंने कहा कि वे सानू की सफलता का आनंद ले रहे थे, इससे पहले कि उनकी बहन अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहने आई, और ऐसा लगता है कि उसने सानू को अपने हितों की रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित किया.

बाल ठाकरे ने की थी मदद

रीता ने कहा कि उनके तलाक की कार्यवाही 8 साल तक चली थी. इस दौरान वह बंगले में रहती रहीं. उन्होंने कहा, 'उसने घर की बिजली भी कटवा दी.' रीता ने आगे बताया कि बाल ठाकरे ने अखबार में उनका एक इंटरव्यू पढ़ा था और राज ठाकरे को उन्हें मातोश्री बुलाने के लिए कहा था. तब सानू को घर रीता के लिए छोड़ने और खुद बाहर जाने के लिए कहा गया. रीता के मुताबिक, 'मुझे कहीं भी न्याय नहीं मिला. इसलिए न्याय के लिए मैं बाल ठाकरे के पास गई थी.' रीता ने यह भी कहा कि जब सानू बेरोजगार थे और महज 100 रुपये में गाना गाते थे, तब उन्होंने उनका समर्थन किया, इसके लिए उन्हें श्रेय मिलना चाहिए.

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