साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरने वाली मशहूर एक्ट्रेस काजल अग्रवाल इन दिनों अपने एक बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं. अक्सर फिल्मी दुनिया में देखा जाता है कि एक्टर्स बड़े बैनर या बड़े स्टार्स के साथ काम करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते हैं, लेकिन काजल अग्रवाल का सोचना इससे बिल्कुल अलग है.
हाल ही में Zoom को दिए इंटरव्यू में काजल ने फिल्मों और किरदारों के सिलेक्शन को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनती हैं. अगर उन्हें किसी रोल में थोड़ी सी भी हिचक या असहजता महसूस होती है, तो वह बिना किसी झिझक के उस बड़े प्रोजेक्ट को छोड़ देती हैं. काजल का मानना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए अपनी मर्यादा और सीमाओं से समझौता करना बिल्कुल सही नहीं है.
अंतरात्मा की आवाज सुनना सबसे जरूरी
काजल अग्रवाल ने अपने प्रोजेक्ट्स चुनने के तरीके को लेकर बताया कि वह हमेशा अपने दिल की बात मानती हैं. उनका कहना है कि इंसान को खुद के प्रति ईमानदार होना बहुत जरूरी है. काजल ने कहा, 'मैंने अपने पूरे करियर में इसी बात को फॉलो किया है. मैं हमेशा वही काम करती थी जो मुझे स्वाभाविक और सही लगता था. अगर किसी रोल या सीन को लेकर मेरे मन में जरा सा भी संकोच होता था, तो मैं सीधे निर्माताओं से कह देती थी कि मुझे माफ करें, मैं इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन सकती. मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि फिल्म कितनी बड़ी है या रोल कितना महत्वपूर्ण है, अपनी सीमाएं तय करना सबसे जरूरी है.'
बिकिनी और बोल्ड सीन्स से बनाई दूरी
इंटरव्यू के दौरान काजल ने उन व्यक्तिगत सीमाओं का भी जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद से हमेशा बनाए रखा. बोल्ड और इंटीमेट सीन्स पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह स्क्रीन पर बिकिनी पहनने में कभी सहज नहीं रहीं. काजल के मुताबिक, 'यह पूरी तरह से मेरा पर्सनल फैसला है और मैं इसे पर्दे पर नहीं दिखाना चाहती थी. इसके साथ ही बहुत ज्यादा इंटीमेट यानी अंतरंग सीन करने से भी मुझे हमेशा परहेज रहा है, क्योंकि यहीं पर मैं अपनी पर्सनल बाउंड्री तय करती हूं. मैंने हमेशा अपनी इन सीमाओं का सम्मान किया और कभी इन्हें पार नहीं किया. आखिरकार, सबसे ज्यादा यही मायने रखता है कि आप खुद के प्रति कितने सच्चे हैं.'
बॉलीवुड-साउथ में किया काम
अपनी इस मजबूत और बेबाक सोच के दम पर ही काजल अग्रवाल ने भारतीय सिनेमा में एक खास मुकाम हासिल किया है. उन्होंने न सिर्फ तेलुगु और तमिल फिल्मों में अपनी धाक जमाई, बल्कि हिंदी सिनेमा यानी बॉलीवुड में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई.
पिछले कुछ सालों में उन्होंने 'मगधीरा', 'सिंघम' और 'स्पेशल 26' जैसी कई ब्लॉकबस्टर और कमर्शियल हिट फिल्में देकर खुद को इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस की कतार में खड़ा किया है. उनका यह सफर दिखाता है कि बिना किसी समझौते के भी इंडस्ट्री में कामयाबी हासिल की जा सकती है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क