'बॉडी पार्ट्स पर जूम करना प्राइवेसी का उल्लंघन', जाह्नवी ने जताई नाराजगी, की थी पैप्स से बात

पैपराजी के रवैये को लेकर बॉलीवुड सेलेब्स अक्सर ही बयानबाजी देते हुए दिख जाते हैं. अब इसे लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस जान्हवी कपूर का रिएक्शन आया है. एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने पैप्स से इस बारे में बात की है.

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पैपराजी पर बोलीं जान्हवी कपूर (Photo: Instagram/@janhvikapoor) पैपराजी पर बोलीं जान्हवी कपूर (Photo: Instagram/@janhvikapoor)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

एक्ट्रेस जान्हवी कपूर ने पैप्स (paparazzi) को उनके शरीर की फोटो को जूम करके खींचने के तरीके पर रिएक्शन दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी ड्रेस कैसी भी हो, बिना उनकी मर्जी के बॉडी पार्ट्स को जूम करना मर्यादा का उल्लंघन है. 

राज शमानी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने 'भीगी साड़ी' गाने का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे कुछ चीजें 'मर्ज़ी से की गई सेंसुअल' होती हैं, जबकि कुछ चीजें 'बिना मर्जी के किसी को सिर्फ एक वस्तु की तरह देखना' (objectification) होती हैं.

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जान्हवी कपूर ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने खुद पैपराजी से अकेले में मुलाकात की थी ताकि वे उन्हें समझा सकें कि उनका काम कभी-कभी कितना गलत दिशा में चला जाता है. जान्हवी ने उनसे कहा, 'जिस तरह से आप महिलाओं की तस्वीरें खींचते हैं, वह न केवल हमारे लिए बुरा है, बल्कि यह आपकी अपनी छवि को भी खराब करता है.' उन्होंने फोटोग्राफर्स को आईना दिखाते हुए पूछा कि क्या वे सिर्फ चंद पैसों या ज्यादा व्यूज के लिए किसी महिला के शरीर को उसकी मर्जी के बिना एक वस्तु की तरह इस्तेमाल करके खुद की नजरों में इज्जत कर पाते हैं? जान्हवी के अनुसार, पैप्स ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और अपनी गलती को महसूस भी किया.

भीगी साड़ी गाने का दिया उदाहरण
अपनी बात को और क्लियर करने के लिए जान्हवी ने अपने गाने 'भीगी साड़ी' का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि उस गाने में उन्होंने जान-बूझकर एक सेंसुअल(Sensual) अवतार अपनाया था, क्योंकि वह उनकी अपनी पसंद और फिल्म की डिमांड थी.

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उन्होंने बताया, 'वहां मैंने अपनी मर्जी से वह काम किया था. लेकिन जब मैं निजी जिंदगी में बाहर निकलती हूं, तो मैं अपनी पसंद के कपड़े पहनने के लिए आजाद हूं. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि कोई भी कैमरा लगाकर मेरी जानकारी के बिना मेरे बॉडी पार्ट्स को ज़ूम करे या उन वीडियो में स्लो-मोशन और अजीब म्यूजिक डालकर उन्हें वायरल करे. बिना मर्जी के किसी को सेक्शुअलाइज़ करना सरासर गलत है.'

मुझे ना कहने का हक
जान्हवी ने सिर्फ सड़क पर चलने वाले पैपराजी ही नहीं, बल्कि फिल्म सेट पर काम करने के तरीके पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि 'सहमति' का अधिकार हर जगह होना चाहिए. जान्हवी के मुताबिक, 'अगर किसी फिल्म के सेट पर भी कैमरा किसी ऐसे एंगल पर लगाया जाता है जिससे मैं सहज महसूस नहीं कर रही हूं, तो मुझे 'ना' कहने का पूरा हक है. ऐसा बोलने पर मुझे 'अनप्रोफेशनल' नहीं समझा जाना चाहिए.' उन्होंने जोर देकर कहा कि हर कदम पर यह पूछना जरूरी है कि कलाकार ने किस चीज के लिए अपनी सहमति दी है और कहां उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन हो रहा है.

इंटरव्यू के दौरान जान्हवी की बातों से यह साफ झलका कि वे इस तरह के व्यवहार से काफी परेशान रहती हैं. उनका मानना है कि किसी खास तरीके की ड्रेस पहनना या ग्लैमरस दिखना, किसी को यह हक नहीं देता कि वह आपकी मर्जी के बिना आपके शरीर को एक 'प्रोडक्ट' की तरह पेश करे.

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