बॉलीवुड की 'कैबरे क्वीन' और भारतीय सिनेमा की पहली आइटम गर्ल कुकू वह नाम थीं, जिस पर फिल्ममेकर तब भरोसा करते थे, जब उन्हें दर्शकों को लुभाने के लिए किसी डांस नंबर की जरूरत होती थी. अपनी शोहरत के शिखर पर, कुकू मोरे एक सनसनी थीं. लेकिन एक समय ऐसा आया कि कुकू सड़क पर आ गईं. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
कुकू मोरे का जन्म एंग्लो-इंडियन फैमिली में 1928 में हुआ था. परिवार और जन्म की डिटेल किसी को नहीं पता है. कुकू
ने 1946 में नानूभाई पटेल के डायरेक्शन में बनी फिल्म अरब का सितारा से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
1940 और 1950 के दशक में दुबली-पतली, फुर्तीली कुकू ने ऐसे समय में भारतीय पर्दे पर कैबरे को पेश किया, जब यह अभी नया और बोल्ड माना जाता था और यह कुकू ही थीं, जिन्होंने सबसे पहले टीनएज हेलेन को पहचाना और फिल्मों की दुनिया में आने में उनकी मदद की और अनजाने में ही आइटम नंबरों के अगले दौर की नींव रख दी. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
कुकू मोरे ने बड़ी फिल्मों में काम किया, मोटी फीस ली, और ऐसी लाइफ स्टाइल का एन्जॉय लिया जो उनके स्टारडम के लायक थी. अपने पश्चिमी फैशन, आत्मविश्वास और स्टेज पर बेजोड़ लचीलेपन के लिए मशहूर कुकू आजादी के बाद के बॉलीवुड में आधुनिकता की पहचान थीं. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
कुकू की रईसी का पता इसी से चलता है कि जिस जमाने में हीरो साइकिल से पहुंचते थे, वहां कुकू 3 लग्जरी गाड़ियों से चलती थीं. यहां तक की एक गाड़ी अपने कुत्ते के लिए खरीदी हुई थी. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
कुकू के पास करीब 8 हजार से ज्यादा डिजाइर ड्रेसेस थीं. इसके अलावा 5 हजार फुटवियर्स थे. कहा जाता है कि कुकू कभी कपड़े और फुटवियर्स रिपिट नहीं करती थी. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
दर्शक उनके बोल्ड परफॉर्मेंस के दीवाने थे, और प्रोड्यूसर उन्हें कमर्शियल सफलता के लिए एक लकी चार्म मानते थे. लगभग एक दशक तक, कुकू कैबरे की बेताज रानी रहीं, और उन्होंने आइटम डांसर्स की आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाया. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
लेकिन अपने दौर के कई सितारों की तरह, कुकू की शोहरत भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी. जैसे-जैसे सिनेमा के ट्रेंड बदले और हेलेन जैसे नए चेहरे फेमस होने लगे, फिल्मों में उनकी मांग कम होती गई. जिस लग्जरी लाइफस्टाइल को उन्होंने कभी जिया था, वह गायब हो गई. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
रिपोर्ट्स बताती हैं कि अपने बाद के सालों में, कुकू को गरीबी का सामना करना पड़ा, और कई बार उन्हें खाने के लिए भीख तक मांगनी पड़ी. एक्ट्रेस तबस्सुम ने अपने शो तबस्सुम टॉकीज में कुक्कू के बारे में बड़ा खुलासा किया था. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
तबस्सुम ने अपने शो में बताया था कि कुक्कू गरीबी में खाने की तलाश में सड़कों पर निकलती थीं. पैसे नहीं होते थे तो सब्जी के दुकानों के बाहर से खराब सब्जी उठाकर खाती थीं. (Photo: x/@FilmHistoryPic)
इसके अलावा तबस्सुम ने ये भी बताया कि कुकू अपनी गरीबी का जिम्मेदार खुद को मानती थीं. कुकू ने तबस्सुम से कहा था, 'जब मेरे पास पैसे थे तो मैंने कद्र नहीं की. मैंने पैसे पानी की तरह बहाए. 5 स्टार होटलों से मंगवाया गया खाना भी बचा हुआ फेंक देती थी. इसलिए एक-एक दाने को मोहताज हो गई हूं.' (Photo: x/@FilmHistoryPic)
बॉलीवुड की पहली आइटम गर्ल कुकू मोरे ने 30 सितंबर 1981 को महज 52 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. अपने दौर की सबसे महंगी डांसर अपने अंतिम दिनों में भयंकर कंगाली में थी, जिस वजह से वो अपना इलाज नहीं करा पाईं. कैंसर से उनकी मौत हो गई. शोहरत की बुलंदी देखने वाली कुकू की दर्दनाक मौत हुई (Photo: YT/Hindi Radio)