UP: ओवैसी को झटका, बाराबंकी में सभा करने की प्रशासन ने नहीं दी इजाजत

पार्टी का कहना है कि हमने कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी है. अगर अनुमति नहीं देंगे तो किसी निजी स्थान पर कार्यक्रम होगा. AIMIM चीफ गुरुवार को बाराबंकी के कटरा मोहल्ले में सभा करने वाले हैं.

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi AIMIM chief Asaduddin Owaisi

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 08 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:54 AM IST
  • ओवैसी तीन दिन के यूपी दौरे पर हैं
  • बाराबंकी में गुरुवार को है सभा

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है. प्रदेश भर में रैली और जनसभाओं का दौर शुरू हो चुका है. इस बीच AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी तीन दिन के यूपी दौरे पर हैं. हालांकि यहां उन्हें बड़ा झटका लगा है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को बाराबंकी में सभा करने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है. 

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वहीं, प्रशासन के आदेश के बाद पार्टी का कहना है कि हमने कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी है. अगर अनुमति नहीं देंगे तो किसी निजी स्थान पर कार्यक्रम होगा. AIMIM चीफ गुरुवार को बाराबंकी के कटरा मोहल्ले में सभा करने वाले हैं. हालांकि, प्रशासन ने उन्हें सिर्फ 50 कार्यकर्ताओं से ही मिलने की अनुमति दी है. प्रशासन ने देर रात आदेश जारी करते हुए बताया कि कोरोना को देखते हुए ओवैसी के कार्यक्रम में 50 से ज्यादा लोग नहीं आ सकते. अगर नियमों का उल्लंघन होता है तो केस दर्ज किया जाएगा. 

100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी AIMIM

असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. ओवैसी ने इस दौरान आने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति का ऐलान किया और बोले कि उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. ओवैसी ने कहा कि हम यूपी में चुनाव लड़ेंगे, हम किसी के गुलाम हैं.

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सुल्तानपुर दौरे पर मुस्लिमों का वोट मांगा

यूपी चुनाव में मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश में लगे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी सुल्तानपुर दौरे के दौरान खुलकर मुस्लिमों का वोट मांगा था. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ससाज को इकट्ठा होना होगा. उनकी पूरी कोशिश है कि यूपी के 19 प्रतिशत मुस्लिमों को अपनी पार्टी की तरफ किया जाए.

ओवैसी ने कहा कि यूपी सबसे बड़ी रियासत है, 19 फीसदी मुस्लिम हैं, आप सबको एक तरफ आना होगा. यूपी में जहां पर हर बिरादरी की एक सियासी आवाज है, नुमाइंदा है, मुस्लिमो का कौन है, आपने किसे अपना नेता बनाया. बरसों पहले डॉक्टर अब्दुल जलील जिन्होंने मजलिस बनाई थी तबसे आज तक मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं हुआ. हम यही चाहते हैं कि आपके बीच से नेता बनाया जाए. आपको मजबूत किया जाए. जिस समाज के पास उसका नेता होगा उसी की आवाज को सुना जायेगा.

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