गुजरात: 'अपहरण नहीं हुआ, गुटबाजी के चलते वापस लिया नामांकन', जरीवाला के बयान से AAP की किरकिरी

सूरत पूर्व से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने अपना नामांकन वापस ले लिया. उन्होंने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत आप के तमाम नेताओं के आरोपों को भी खारिज कर दिया. जिसमें जरीवाला को किडनैप करने और परिवार वालों को धमकी मिलने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.

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कंचन जरीवाला कंचन जरीवाला

संजय सिंह राठौर

  • अहमदाबाद,
  • 16 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:05 PM IST

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला. सूरत पूर्व से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने अपना नामांकन वापस ले लिया. उन्होंने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत आप के तमाम नेताओं के आरोपों को भी खारिज कर दिया. जिसमें जरीवाला को किडनैप करने और परिवार वालों को धमकी मिलने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.

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'आजतक' से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसी के दबाव में नामांकन वापस नहीं लिया है और ना इसके लिए उनका या उनके परिवार का अपहरण किया गया था. पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और लोगों के आम आदमी पार्टी के खिलाफ आने वाले ओपिनियन के चलते और पारिवारिक कारणों के चलते नामांकन वापस लिया है. 

उन्होंने कहा कि मेरा फॉर्म भरने के बाद मैंने लोगों से और समाज के लोगों से बात की. मैंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी लोगों से बात की. उन्होंने कहा कि वो मेरा इसलिए सपोर्ट नहीं करेंगे, क्योंकि मैं आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहा हूं. मैं अपने समाज के लोगों के पास गया तो उन्होंने बोला कि ये राष्ट्रीय विरोधी पार्टी है. इसलिए मैं मानसिक तनाव में चला गया था. इसलिए मैंने उम्मीदवारी वापस लेने का मन बनाया.

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परिवार के साथ घर से गायब होने के सवाल पर जरीवाला ने कहा कि मेरे घर पर लोगों के फोन पर फोन आ रहे थे. इसलिए परिवार पर भी मानसिक तनाव बढ़ रहा था, इसलिए मैं परिवार के साथ अपने रिश्तेदारों के यहां चला गया था. 

बता दें कि इससे पहले जरीवाला ने कहा था कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सूचित किया कि मैंने अपना नामांकन अपनी मर्ज़ी से वापस लिया है. मुझे आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवार असलम सायकलवाला से जान का खतरा है. जिसके लिए मुझे सुरक्षा दी जाए और मेरे परिवार को भी सुरक्षा दी जाए.

चुनाव आयोग ने जांच के दिए आदेश

आम आदमी पार्टी की नारेबाजी और गेट जाम करने की घटना को चुनाव आयोग ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. आयोग ने कहा है कि एक रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त पार्टी को ये सब करने की जरूरत नहीं थी. क्योंकि आयोग राजनीतिक दलों की समस्याओं का हाल करने के लिए मुलाकात करने को हमेशा तैयार रहता आया है. सिसोदिया की अगुआई में मिले प्रतिनिधिमंडल ने सूरत में उनके उम्मीदवार का अपहरण कर उनपर दबाव डाल कर नामांकन का पर्चा वापिस करवाया जाने की शिकायत की है. इस शिकायत पर आयोग ने गुजरात के सीईओ से जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने को कहा है.

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सिसोदिया ने केंद्रीय चुनाव आयुक्त को लिखी चिट्ठी 

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय चुनाव आयुक्त से बीजेपी की शिकायत करते हुए एक चिट्ठी लिखी है. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात की सूरत इस सीट के आम आदमी पार्टी उम्मीदवार कंचन जरीवाला का बीजेपी ने पहले नामांकन रद्द कराने की कोशिश की और जब नामांकन रद्द नहीं करा पाई तो बीजेपी यहीं नहीं रुकी, बल्कि कंचन जरीवाला और उनके परिवार को धमकी देने लगी. पुलिस के साथ मिलकर बीजेपी के लोग कंचन जरीवाला को नॉमिनेशन सेंटर लेकर आए और नामांकन वापस करवाया. 

आप ने लगाया था किडनैप करने का आरोप

आप प्रवक्ता राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया था कि कंचन जरीवाला को बीजेपी के गुंडों ने किडनैप कर लिया है. उन्होंने आरोप लगाया था कि कल (मंगलवार) सुबह से AAP उम्मीदवार भाजपा की कस्टडी में हैं. भाजपा इतना घबरा गयी है कि AAP उम्मीदवार का अपहरण कर रही है. ये लोकतंत्र की हत्या है. इसके बाद से दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आप के करीब एक दर्जन विधायकों के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए थे. शाम 4:30 बजे चुनाव आयोग से मिलकर मनीष सिसोदिया और दिलीप पांडे ने सूरत पूर्व में चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है. 

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