Exit poll: बेरोजगारों-छात्रों को तेजस्वी के 10 लाख जॉब पर कितना भरोसा?

बिहार चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा माने जाने वाले तेजस्वी यादव ने कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया, जो बिहार के युवाओं के सिर चढ़कर बोला है. इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक बिहार के 47 फीसदी युवाओं ने तेजस्वी यादव पर अपना भरोसा जताया है

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आरजेडी नेता तेजस्वी यादव आरजेडी नेता तेजस्वी यादव

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 07 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:37 AM IST
  • बिहार की 243 सीटों पर 3737 प्रत्याशी मैदान में थे
  • तेजस्वी ने 10 लाख सरकारी नौकरी का वादा किया
  • बीजेपी ने 19 लाख रोजगार सृजन का वादा किया

बिहार विधानसभा चुनाव में रोजगार का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में रहा है. सत्तापक्ष से लेकर विपक्षी तक ने जोरशोर से रोजगार के मुद्दे को उठाते रहे और रोजगार के वादे करते नजर आए. महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा माने जाने वाले तेजस्वी यादव ने कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया, जो बिहार के युवाओं को सिर चढ़कर बोला है. इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक बिहार के 30 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी के मुद्दे पर वोट दिया है. 

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पिछले कई चुनावों में सबसे सटीक एग्जिट पोल देने वाले इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने बिहार चुनाव में एक सर्वे किया है. इसमें वोटिंग पैटर्न और उन मुद्दों की बात की गई है, जिस आधार पर लोगों ने वोट दिया. बिहार में बेरोजगारी दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा रहा. प्रदेश के 30 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी मुद्दे पर वोटिंग किया. इसके अलावा 11 फीसदी लोगों का मानना है कि महंगाई बड़ा मुद्दा था. करीब 3 फीसदी लोगों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे बड़ा मुद्दा थे, तो वहीं तीन प्रतिशत लोगों ने राजनीतिक दलों को ध्यान में रखकर मतदान किया.

एग्जिट पोल में शामिल 44 प्रतिशत लोगों ने माना है कि वे तेजस्वी को अगला सीएम बनते देखना चाहते हैं. जबकि दूसरे नंबर पर रहे नीतीश कुमार को सिर्फ 35 फीसदी लोगों ने सीएम चेहरा माना.

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तेजस्वी ने बिहार में रोजगार के अवसरों की कमी के साथ ही लॉकडाउन के दौरान घर लौटने वाले प्रवासियों की दुर्दशा पर एनडीए पर बार बार निशाना साधा. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के आंकड़ों में 18 से 35 साल के आयुवर्ग में 47 प्रतिशत प्रतिभागी महागठबंधन को पसंद करते दिख रहे हैं. जबकि 18-35 आयुवर्ग में 34 फीसदी और 26 से 35 आयुवर्ग में 36 फीसदी ने एनडीए को वोट देना पसद किया.  

एग्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक कुल 43 प्रतिशत स्नातक, 46 प्रतिशत स्नातकोत्तर और 43 प्रतिशत प्रोफेशनल डिग्री धारकों ने तेजस्वी के नेतृत्व वाले महागठबंधन को वोट देना पसंद किया. वही 38 प्रतिशत स्नातक, 36 प्रतिशत स्नातकोर और 41 प्रतिशत प्रोफेशनल डिग्रीधारकों ने एनडीए के पक्ष में वोट दिया. शहरी वोटरों में 46 प्रतिशत ने महागठबंधन और 42 प्रतिशत ने एनडीए के हक में वोट दिया.  

बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया एग्जिट पोल में शामिल हुए 63081 लोगों से उनका मूड जानने के लिए जब पूछा गया कि आप राज्य में यूपीए (आरजेडी-कांग्रेस-अन्य) की सरकार क्यों चाहते हैं? तो इसके जवाब में 25 फीसदी लोगों ने माना कि विकास कार्यों पर ध्यान ना होने के कारण उन्होंने महागठबंधन को वोट दिया. जबकि 21 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने परिवर्तन और नयापन के लिए ही महागठबंधन को मौका दिया.

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महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, CPI (ML),  CPI और CPI (M) शामिल हैं. इनमें से RJP 144, कांग्रेस 70, CPI(माले) 16, CPI 6 और CPI (M) 4 सीट पर चुनाव लड़ रही हैं.

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