सितालकुची, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में स्थित एक अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है. यह पूरी तरह ग्रामीण इलाका है और यहां कोई भी शहरी मतदाता नहीं है. यह विधानसभा सीट कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र की सात सीटों में से एक है.
इस क्षेत्र में पूरा सितालकुची सामुदायिक विकास खंड शामिल है. साथ ही, मथाभांगा ब्लॉक की सात ग्राम
पंचायतें - बैरागीहाट, गोपालपुर, जोरपाटिकी, केदारहाट, कुरसामारी, नयारहाट और शिकरपुर भी इस विधानसभा में आती हैं. भौगोलिक रूप से, यह इलाका बरिंद ट्रैक्ट में स्थित है. यहां की मिट्टी काली-भूरी रेतीली है और भूमि सपाट तथा दलदली है. मानसाई और धरला नदियाँ इस क्षेत्र से होकर बहती हैं और मानसून के दौरान अक्सर बाढ़ का कारण बनती हैं. यहां कोई पहाड़ी या घना वन क्षेत्र नहीं है.
सितालकुची की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि पर आधारित है. कुल 22,210 हेक्टेयर भूमि खेती योग्य है, जिसे गहरे और उथले ट्यूबवेल व नदी लिफ्ट सिंचाई से सींचा जाता है. प्रमुख फसलें धान, जूट और सरसों हैं. यहां कोई बड़ा उद्योग नहीं है, रोजगार मुख्य रूप से खेती, पशुपालन और छोटे स्तर की मत्स्य पालन गतिविधियों से मिलता है.
यह विधानसभा क्षेत्र पहली बार 1962 में अस्तित्व में आया और अब तक 11 बार चुनाव हो चुके हैं. 1962 के पहले चुनाव में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के बेजॉय कुमार रॉय विजयी हुए. 1967 से 1977 तक यह सीट अस्तित्व में नहीं रही. 1977 के बाद यहां CPI(M) का दबदबा रहा और लगातार सात बार जीत हासिल की, जिनमें से छह बार विधायक बने सुधीर प्रमाणिक. 2011 में वामपंथी किला टूटा और टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के हितेन बर्मन ने CPI(M) को 257 वोटों से हराया. 2016 में हितेन बर्मन ने एक बार फिर जीत दर्ज की और CPI(M) के नमदीप्ति अधिकारी को 15,483 वोटों से पराजित किया. 2021 में भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की, जब बारें चंद्र बर्मन ने टीएमसी उम्मीदवार पार्थ प्रतिम राय को 17,815 वोटों से हराया.
2019 लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने इस सीट पर महज 1,230 वोटों की बढ़त बनाई थी. लेकिन 2024 में यही बढ़त बढ़कर 16,276 वोटों तक पहुंच गई. यह संकेत है कि मतदाता आधार में परिवर्तन हो रहा है. वहीं CPI(M) और कांग्रेस का गठबंधन 2026 में मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की तैयारी में है, जिससे बीजेपी को लाभ मिल सकता है. 2016 में मतदाता संख्या 2,61,348 थी, 2021 में बढ़कर 2,85,260 हो गई. 2024 लोकसभा चुनाव 3,04,609 तक पहुंची.
यहां अनुसूचित जाति (SC) मतदाताओं की संख्या 63.59% और मुस्लिम मतदाता 26.10% हैं. मतदान प्रतिशत की बात करें तो 2016 में 88.05%, 2021 में 86.35% और 2024 84.42% रहा था.
जिला मुख्यालय कूचबिहार से 45 किमी, राज्य की राजधानी कोलकाता से 650 किमी है. नजदीकी कस्बों में मथाभांगा (25 किमी), दिनहाटा (40 किमी), तूफानगंज (60 किमी) दूर है.
आगामी विधानसभा चुनाव (2026) में सितालकुची में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं. टीएमसी और बीजेपी सत्ता संघर्ष में आमने-सामने हैं. CPI(M)-कांग्रेस गठबंधन वापसी की कोशिश में जुटा है.
उच्च मतदान प्रतिशत, बदलती निष्ठाएं और जातीय समीकरण इसे उत्तर बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनाते हैं. 2026 का परिणाम यहां पूरे कूचबिहार और शायद उत्तर बंगाल की राजनीति का रुख तय कर सकता है.
(अजय झा)