कुमारग्राम विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के अलिपुड़वार जिले के उत्तरी भाग में स्थित एक अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है. यह अलीपुरद्वार लोकसभा सीट के सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. कुमारग्राम क्षेत्र में कुमारग्राम सामुदायिक विकास ब्लॉक के साथ अलिपुड़वार II ब्लॉक के कुछ ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जैसे भाटीबारी, कोहिनूर,
महाकालगुड़ी परोकाता, समुक्ताला, टटपारा I और टुर्तुरी.
कुमारग्राम में पहली बार चुनाव 1967 में हुआ था. अब तक यहां कुल 15 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिसमें 2014 में एक उपचुनाव भी शामिल था. शुरुआत में कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा, जिसने पहले चार चुनाव जीते. इसके बाद लंबे समय तक लेफ्ट फ्रंट का शासन रहा, खासकर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) ने नौ लगातार चुनाव जीते. 2014 के उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने करीब से मुकाबला किया, लेकिन 2,677 वोटों से हार गई.
असल बदलाव 2016 में आया, जब TMC के जेम्स कुजुर ने RSP के मनोज कुमार ओरांव को 6,153 वोटों से हराया. फिर 2021 में मनोज कुमार ओरांव ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और TMC के लियोज कुजुर को 11,001 वोटों से पराजित कर जीत हासिल की. उसके बाद से बीजेपी ने कुमारग्राम में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. हिंदू बहुल क्षेत्र होने के कारण बीजेपी ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बढ़त बनाई.
2021 के विधानसभा चुनाव में कुमारग्राम में कुल 2,72,924 पंजीकृत मतदाता थे, जबकि 2016 में यह संख्या 2,05,554 थी. यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, लेकिन यहां अनुसूचित जाति (SC) के मतदाता संख्या में अनुसूचित जनजाति (ST) से अधिक हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, SC वोटर 36.12% और ST वोटर 26.88% हैं. कुमारग्राम क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहां 89.97% लोग गाँव में रहते हैं और सिर्फ 10.03% शहरी क्षेत्र में.
कुमारग्राम की भौगोलिक स्थिति भी विशेष है. यह क्षेत्र पूर्वी हिमालय की तलहटी के करीब है और इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा भूटान से जुड़ी है. तोरसा और कलजनी नदियां यहां से होकर गुजरती हैं, जो कृषि और बसे रहने की शैली पर असर डालती हैं. क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. चाय के बागान रोजगार और राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत हैं. इसके अलावा धान और पान की खेती भी होती है. जंगल से मिलने वाली उत्पाद सामग्री स्थानीय आजीविका में सहायक हैं. कुमारग्राम, दूवार क्षेत्र का हिस्सा है, जो अपनी हरी-भरी चाय की बागान और जंगलों के लिए जाना जाता है.
कुमारग्राम से निकटतम शहरी केंद्र कामाख्यागुड़ी लगभग 35 किमी दूर है. जिला मुख्यालय अलिपुड़वार तक लगभग 50 किमी की दूरी है, जबकि राज्य राजधानी कोलकाता सड़क मार्ग से करीब 700 किमी दूर है. भूटान की सीमा से लगे फुएंटशोलिंग और समत्से जैसे शहर भी आसानी से पहुंचने योग्य हैं. इससे क्षेत्र में सीमा पार व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है.
हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बढ़त कुछ कम हुई थी, लेकिन कुमारग्राम में वह तृणमूल कांग्रेस से आगे बनी हुई है. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) का प्रभाव अब काफी कम हो गया है. आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ज़बरदस्त प्रचार कर इस सीट को फिर से हासिल करने की कोशिश करेगी. बदलते राजनीतिक समीकरण और जटिल जनसंख्या संरचना के साथ, कुमारग्राम का चुनाव बहुत रोचक और कड़ा मुकाबला रहने वाला है.
(अजय झा)