पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को सभी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी. ममता बनर्जी अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा. भाजपा ने जैसे ममता को उनके घर में ही चुनौती देने की रणनीति अपनाई है, उसी तरह टीएमसी ने भी शुभेंदु अधिकारी को उनके गढ़ नंदीग्राम में घेरने के लिए बड़ा राजनीतिक दांव खेला है. टीएमसी ने पूर्व भाजपा नेता पबित्र कर को नंदीग्राम से टिकट दिया है.
पबित्र कर को शुभेंदु अधिकारी का शागिर्द माना जाता है. उन्होंने मंगलवार को ही फिर से तृणमूल कांग्रेस में वापसी की और पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ उन्हें नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार नामित कर दिया. बता दें कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने कभी अपने करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी को चुनौती देने के लिए नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया था. लेकिन बेहद करीबी मुकाबले में अधिकारी ने टीएमसी सुप्रीमो को करीब 1,900 वोटों से हरा दिया था. नतीजन टीएमसी को अपने भवानीपुर विधायक को इस्तीफा दिलाना पड़ा और यहां हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी जीतकर विधानसभा पहुंची थीं.
पबित्र कर का राजनीतिक सफरकाफी दिलचस्प रहा है. वह पहले नंदीग्राम-2 ब्लॉक के बोयाल-1 ग्राम पंचायत के प्रधान रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. वर्ष 2020 में, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था. उन्होंने नंदीग्राम में बीजेपी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर बोयाल-1 इलाके में पार्टी की पकड़ बढ़ाने में उनका योगदान अहम माना जाता है. वह शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी थे और 2021 के बंगाल चुनाव में भाजपा को नंदीग्राम में बढ़त दिलाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई जाती है.
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नंदीग्राम सीट पर दिलचस्प हुआ मुकाबला
टीएमसी में उनकी वापसी को पार्टी की रणनीतिक के लिए अहम माना जा रहा है. खासकर नंदीग्राम जैसे हाई-प्रोफाइल और सीट पर, जहां हर राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंकता है. नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ पबित्र कर की मौजूदगी से इस सीट पर एक बार फिर बीजेपी और टीमएसी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में पबित्र कर ने पार्टी में वापसी की. टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि ममता बनर्जी के आदर्शों से प्रेरित होकर पबित्र कर नंदीग्राम की जनता की सेवा में खुद को समर्पित करेंगे.
दूसरी ओर, भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच होने वाला मुकाबला भी इस चुनाव को और रोचक बना रहा है. भाजपा द्वारा शुभेंदु अधिकारी को यहां से उम्मीदवार बनाए जाने को टीएमसी के गढ़ में सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है. टीएमसी इस बार 294 में से 291 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि तीन सीटें सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा को दी गई हैं. पार्टी ने सोशल इंजीनियरिंग पर भी ध्यान दिया है.
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टीएमसी ने 53 महिलाओं को दिया टिकट
तृणमूल कांग्रेस ने 53 महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि उसके 95 उम्मीदवार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं. इसके अलावा, 48 सीटों पर पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. कुल मिलाकर, पबित्र कर की टीएमसी में वापसी, नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी के साथ उनकी चुनावी जंग और भवानीपुर में ममता बनाम शुभेंदु के हाई-वोल्टेज मुकाबले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर बेहद दिलचस्प बना दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोट डाले जाएंगे और नतीजे 4 मई को घोषित होंगे.
इंद्रजीत कुंडू / अनुपम मिश्रा