पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनावी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने 'मातृ शक्ति भरोसा' कार्ड बांटने को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान इस तरह के कार्ड बांटना मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है. उन्होंने कहा, ''केंद्रीय वित्त मंत्री ऐसे कार्ड बांट रही हैं जिन पर नाम तक नहीं लिखा है. इन्हें रद्द कर दिया जाएगा. बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं.''
उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि वो इस पर कड़ी कार्रवाई करे. दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वी बर्दवान जिले में 'मातृ शक्ति भरोसा' योजना के तहत 10 महिलाओं को कार्ड वितरित किए. इस योजना के जरिए हर महिला को मासिक 3000 रुपए का वादा है.
यह कार्यक्रम कालना के श्रीरामपुर आश्रमपारा इलाके में आयोजित बुनकर और वस्त्र कलाकार सम्मेलन के दौरान हुआ, जहां वह BJP उम्मीदवार सिद्धार्थ मजूमदार के समर्थन में प्रचार करने पहुंची थीं. ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम को केंद्र सरकार की चुनावी रणनीति करार दिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी उनके खिलाफ पूरी केंद्र सरकार की मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा, ''BJP बंगाल को जलाने आई है. AITC कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. हम हमारे हर कार्यकर्ता की गिरफ्तारी का विरोध करेंगे.''
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. दमदम एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल उनकी गाड़ी के पास आए थे. उन्होंने कहा, ''मैंने खुद उनसे कहा कि मेरी गाड़ी की जांच करें. उनको प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की गाड़ियां जांच करनी चाहिए.''
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री सुरक्षा बलों के वाहनों के जरिए पैसे ला रहे हैं. उन्होंने अपनी सादगी का हवाला देते हुए कहा कि वेतन के रूप में एक पैसा नहीं लेतीं और मुफ्त में एक कप चाय तक नहीं पीतीं. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वो उनके पद का सम्मान करती हैं, लेकिन उस पर बैठे व्यक् को व्यक्ति को झूठ नहीं बोलना चाहिए. उन्होंने कहा, ''मैं झूठ नहीं बोल सकती. लोगों को गुमराह नहीं कर सकती. चुनावों के दौरान कार्ड बांटना गलत है.''
ममता बनर्जी ने 'परिसीमन विधेयक' और 'महिला आरक्षण विधेयक' को भी निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ दिया है. इसका उद्देश्य देश को बांटना है. सरकार महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए उन्हें अपमानित कर रही है.
तपस सेनगुप्ता