बंगाल में 'स्ट्रांग रूम' की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान, ममता के आरोपों पर EC ने दिया जवाब

पश्चिम बंगाल में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग आमने-सामने हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम में हेरफेर का आरोप लगाते हुए मतगणना केंद्र का दौरा किया. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मुख्य स्ट्रांग रूम सुरक्षित और सीलबंद हैं, और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की खबरें निराधार हैं.

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मतगणना से पहले बंगाल में जमकर हो हंगामा हो रहा है. (File Photo-PTI) मतगणना से पहले बंगाल में जमकर हो हंगामा हो रहा है. (File Photo-PTI)

संजय शर्मा / तपस सेनगुप्ता

  • नई दिल्ली/कोलकाता,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:46 PM IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच उत्तर कोलकाता में 'स्ट्रांग रूम' की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है. टीएमसी का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ कर स्ट्रांग रूम की पवित्रता भंग करने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद खुदीराम अनुशीलन केंद्र का दौरा किया.

उन्होंने आरोप लगाया, "हमें कई जगहों पर हेरफेर की खबरें मिलीं. जब मैंने टीवी पर सीसीटीवी देखा, तो मुझे खुद आकर जांच करने की जरूरत महसूस हुई. शुरुआती तौर पर केंद्रीय बलों ने मुझे रोकने की कोशिश की, जबकि नियमतः उम्मीदवार और एजेंट को सीलबंद कमरे तक जाने की अनुमति है." 

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इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ईवीएम (EVM) पूरी तरह सुरक्षित हैं और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. आयोग के मुताबिक कगुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर 7 विधान सभाओं यानी एसी के स्ट्रांग रूम हैं.मतदान पूरा होने के बाद उन सभी को उम्मीदवारों/चुनाव एजेंटों और सामान्य पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में विधिवत सीलबंद कर दिया गया है. 

आयोग का बयान

आयोग के बयान के मुताबिक, 'अंतिम स्ट्रांग रूम करीब 5.15 बजे बंद किया गया.मतदान ईवीएम वाले सभी स्ट्रांग रूम सुरक्षित और सील हैं. पोस्टल बैलेट के लिए उसी परिसर में एक और स्ट्रांग रूम है, जिसमें विभिन्न मतदान कर्मियों और ईटीबीपीएस द्वारा किए गए एसी वार मतदान वाले डाक मतपत्र रखे गए हैं. आयोग ने बताया कि हमने सभी पर्यवेक्षकों, आरओ को सूचित किया था और आरओ से अनुरोध किया था कि वे अपने उम्मीदवारों और एजेंटों को इस बारे में सूचित करें. आरओ ने राजनीतिक दलों को डाक द्वारा सूचित किया. मतदान वाले परिसर वाले स्ट्रांग रूम के गलियारे में शाम 4 बजे से मतपत्रों को अलग करने का काम हो रहा था. मुख्य स्ट्रांग रूम यानी वज्र कक्ष सुरक्षित और बंद हैं. इसे विधिवत श्रीमती शशि पांजा, कुणाल घोष और बीजेपी से काली को दिखाया गया था.'

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निगरानी में जुटे कुणाल घोष
इस बीच, मानिकतला से टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष आज सुबह दोबारा नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित मतगणना केंद्र पहुंचे. वे वहां बैठकर उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध लाइव सीसीटीवी फीड की लगातार निगरानी कर रहे हैं. टीएमसी का दावा है कि उनके एजेंटों को गिरफ्तार कर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर खतरा मंडरा रहा है.

चुनाव आयोग ने दोहराया कि सभी पर्यवेक्षकों और आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर्स) को सूचित किया गया था कि वे अपने उम्मीदवारों और एजेंटों को हर प्रक्रिया की जानकारी दें. डाक मतपत्रों के लिए उसी परिसर में एक अलग स्ट्रांग रूम है, जहां ईटीबीपीएस और मतदान कर्मियों के मतपत्र रखे गए हैं. इस बीच मतगणना से पहले कोलकाता पुलिस ने निषेधाज्ञा जारी की है. कई स्थानों पर धारा 163 BNS के तहत लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है.

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