पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा शुरू है जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे हैं. यह फर्म ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से जुड़ा है.
वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में ईडी ने फर्म के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं.
छापेमारी पर ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और ईडी पर टीएमसी की चुनावी रणनीति को हाईजैक करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी टीएमसी के चुनावी रणनीति और उनके उम्मीदवारों की लिस्ट चुराने की कोशिश कर रही हैं.
गुरुवार तड़के सुबह ईडी की टीम दिल्ली से कोलकाता पहुंची. सुबह से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में एक साथ दो जगहों पर छापेमारी शुरू की. पहली छापेमारी IPAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई, जो सेंट्रल और साउथ कोलकाता के बीच स्थित है. दूसरी ED टीम ने साल्ट लेक इलाके में स्थित IPAC के पुराने ऑफिस में छापा मारा.
IPAC वही संगठन है जो पिछले कई सालों से पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का सहयोगी रहा है और चुनावी रणनीति, नारे, उम्मीदवारों के चयन में अहम भूमिका निभाता रहा है. 2014, 2019 और 2021 के चुनावों में IPAC की भूमिका खास तौर पर महत्वपूर्ण रही.
शुरुआत में इस संगठन से प्रशांत किशोर जुड़े थे, लेकिन उनके पूरी तरह राजनीति में आने के बाद प्रतीक जैन IPAC की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. हाल के सालों में तृणमूल कांग्रेस और IPAC के बीच करीबी तालमेल रहा है और चुनावी रणनीति IPAC की मदद से ही तय की जा रही थी.
- छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन अपने घर पर ही मौजूद थे. यह कार्रवाई सुबह से जारी थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया. सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचे. कुछ समय बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर पहुंचीं, जहां ED की छापेमारी चल रही थी.
- ममता बनर्जी वहां कुछ देर रुकीं. जब वो बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि यह छापेमारी गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर कराई जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई के जरिए तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों और अन्य अहम जानकारियों को हाइजैक करने की कोशिश की जा रही है और इन फाइलों को चुराने की कोशिश की जा रही है.
- इसके बाद ममता बनर्जी वहां से निकलकर सीधे साल्ट लेक स्थित IPAC ऑफिस पहुंचीं. बताया गया कि वो ऑफिस में पिछले दरवाजे से दाखिल हुईं. ममता बनर्जी के अंदर जाने के करीब 15 से 20 मिनट बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के कुछ अधिकारी बाहर आते दिखे, जिनके हाथ में फाइलें थीं. इन फाइलों को उसी गाड़ी के पीछे रखा गया, जिसमें मुख्यमंत्री वहां पहुंची थीं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप जरूर लगाए हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि ये फाइलें ED के पास थीं या नहीं, और क्या छापेमारी के दौरान ही इन्हें वहां से लिया गया.
अनुपम मिश्रा