पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच बोलपुर में एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा ने चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा बयान दिया, जिस पर अब सियासी घमासान शुरू हो गया है. आरोप है कि बोलपुर नगर पालिका के 20 नंबर वार्ड में प्रचार करते समय उन्होंने भगवान रामचंद्र को लेकर विवादित टिप्पणी की.
सभा में बोलते हुए चंद्रनाथ सिन्हा ने कहा कि बीजेपी उत्तर भारत की पार्टी है और रामचंद्र उत्तर भारत के देवता हैं. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया.
बीजेपी की ओर से इस बयान की कड़ी आलोचना की गई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी धार्मिक भावनाओं को आहत करती है. बीजेपी जिला नेतृत्व ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रनाथ सिन्हा पर निशाना साधा और उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
हालांकि, इस पूरे विवाद को लेकर चंद्रनाथ सिन्हा की ओर से अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मुद्दा लगातार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बना हुआ है.
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चंद्रनाथ सिन्हा ने एक चुनावी सभा में बोलते हुए कहा, “बार-बार एक ही बात कही जाती है कि हमें मुसलमानों का वोट नहीं चाहिए. यह हिंदुओं को उकसाने के लिए कहा जाता है. BJP धर्मभीरु है और मिथ्या धर्म का अहंकार करती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां आकर इस बार ‘जय श्रीराम’ नहीं कहा, उन्होंने ‘जय मां काली’ कहा. 2024 में उन्होंने ‘जय श्रीराम’ कहा था. इसका मतलब यही है कि BJP उत्तर भारत की पार्टी है और रामचंद्र उत्तर भारत के देवता हैं. इसलिए वे रामचंद्र का नाम लेते थे, लेकिन अब उन्हें समझ में आ गया है कि बंगाल में रामचंद्र नहीं चलेगा. इसलिए पहले दुर्गा के साथ काली का नाम लिया, लेकिन ममता बनर्जी दुर्गा पूजा के लिए क्लबों को चंदा दे रही हैं, इसलिए उन्हें समझ में आ गया कि दुर्गा से भी काम नहीं चलेगा. हम लोग मां काली के भक्त हैं यहां बंगाल में. इसलिए अब वे मां काली का नाम ले रहे हैं. वे धर्म को लेकर वोट का व्यापार कर रहे हैं.”
चंद्रनाथ सिन्हा के इसी बयान पर सियासी जंग शुरू हो गई है. बीजेपी ने उन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें “पागल” करार दिया है.
अनुपम मिश्रा