पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में इस बार प्रचार के अलग-अलग और अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं. बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच कुछ ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों का खासा ध्यान आकर्षित किया है. यहां राजनीतिक दल पारंपरिक रैलियों और भाषणों से अलग हटकर नए तरीके अपनाते नजर आ रहे हैं.
दरअसल, ईद के मौके पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार नरेश चंद्र बाउरी एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने आंखों पर कपड़ा बांधकर हाथ में डंडा लेकर पारंपरिक 'हांड़ी फोड़' खेल में हिस्सा लिया. हालांकि वे हांड़ी तोड़ने में सफल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने इसे प्रतीकात्मक बताते हुए दावा किया कि इसी तरह भाजपा को भी चुनाव में हराया जाएगा.
इस अनोखे प्रचार तरीके को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
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भाजपा की प्रतिक्रिया और सियासी बयान
तृणमूल उम्मीदवार के इस अंदाज पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा विधायक अनुप कुमार साहा ने कहा कि आंख बंद करके भाजपा को हराया नहीं जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है.
अनुप साहा ने कहा कि जनता सब कुछ समझती है और ऐसे प्रतीकात्मक खेलों से चुनावी नतीजों पर असर नहीं पड़ने वाला है. उनके बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है.
इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और भी दिलचस्प बना दिया है, जहां हर दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार अनुप कुमार साहा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे गांव के एक व्यक्ति की दाढ़ी बनाते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में वे नाई की भूमिका निभाते हुए दिख रहे हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है.
देखें वीडियो...
यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भाजपा के अलग प्रचार अंदाज के रूप में देख रहे हैं. इससे यह साफ है कि दोनों प्रमुख दल मतदाताओं तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
अब देखना यह होगा कि मतदाता इन प्रचार शैलियों को कितना महत्व देते हैं. इसका फैसला 23 अप्रैल को मतदान के दिन सामने आएगा, जब जनता अपने वोट के जरिए अपना निर्णय देगी.
शांतनु गुहा रे