केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आज (रविवार) आम बजट पेश किया. देश का बजट ऐसे समय आया है, जब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश है. ऐसे में मोदी सरकार ने बजट में चुनावी राज्यों पर खास फोकस रखा.
बीजेपी असम में सत्ता की हैट्रिक लगाने और पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने की जी-तोड़ कोशिश कर रही है तो तमिलनाडु में गठबंधन के सहारे कमल खिलाने की जुगत में है. ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार बजट के जरिए लोगों को लुभाकर अपना सियासी समीकरण साधने की कवायद करे नजर आई.
केरल और तमिलनाडु को विकास का तोहफा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की. उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी. अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं.
इसके अलावा EMS PLI स्कीम का आवंटन 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ किया जाएगा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन - उपकरण और सामग्री उत्पादन, सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 शुरू किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया. उन्होंने बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है.
उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है. इसके तहत महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने दो नए टेक्सटाइल पार्क बनाने का भी ऐलान किया, जिसमें एक केरल में टेक्सटाइल पार्क बनेगा.
तमिलनाडु-बंगाल को हाई स्पीड ट्रेन का तोहफा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने के प्रस्ताव दिया. इसके साथ हीपर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही गई है. ये कॉरिडोर ग्रोथ कनेक्टर के रूप में काम करेंगे, यात्रा का समय कम करेंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास में मदद करेंगे. मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच होगा.
केरल को वाइल्डलाइफ पर्यटन का तोहफा
आम बजट में पर्यटन सेक्टर को रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा कमाई और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के केंद्र में रखा गया है. सरकार ने इसके लिए संस्थान निर्माण, स्किलिंग, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और इको-टूरिज्म जैसी पहलें पेश की हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री ने National Institute of Hospitality की स्थापना- National Council for Hotel Management और Catering Technology को अपग्रेड कर नए प्रशिक्षण और मानक तय किए जाएंगे का ऐलान किया.
उन्होंने कहा कि 20 आइकोनिक पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को 12 हफ्तों के हाइब्रिड कोर्स से प्रशिक्षित किया जाएगा, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के सहयोग से. National Destination Digital Knowledge Grid- सभी सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन कर स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए रोजगार सृजित किया जाएगा.
इको-टूरिज्म: हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू घाटी और पुदीगई मलाई में स्थायी पर्वतीय ट्रेल्स विकसित की जाएंगी.
वाइल्डलाइफ पर्यटन में ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ ट्रेल्स और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स बनाई जाएंगी.
नारियल से काजू तक को बढ़ावा देने का दांव
मोदी सरकार ने मछली पालन, पशुपालन और हाई-वैल्यू कृषि को बढ़ावा देने का ऐलान किया. वित्त मंत्री ने 2026 बजट के जरिए फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए तटीय इलाकों में reservoirs विकसित किए जाएंगे और स्टार्टअप्स, महिला समूहों और मछली किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से बाजार कनेक्शन को बढ़ावा देने का ऐलान किया.
वित्त मंत्री ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र में ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार देने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम लागू किया जाएगा. इसके अलावा दुग्ध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों को आधुनिक बनाने, एकीकृत वैल्यू चेन तैयार करने और किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहित करने पर जोर होगा.
हाई-वैल्यू कृषि में नारियल और चंदन जैसे फसलों को समर्थन दिया जाएगा ताकि फसल विविधीकरण, उत्पादन बढ़ोतरी, किसानों की आय में सुधार और नए रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले. इसके जरिए केरल और तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को साधने का दांव माना जा रहा है.
बंगाल से सूरत तक को साधने का दांव
मोदी सरकार ने बजट में पश्चिम बंगाल के डांकुनी से गुजरात के सूरत तक नई समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जो पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल ढुलाई को तेज और सस्ता बनाएगा. इसके साथ ही अगले पांच साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को परिचालित करने की योजना है, जिससे पर्यावरण-अनुकूल कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिम बंगाल जैसे नदी-प्रधान राज्य को विशेष लाभ होगा. इस तरह बंगाल में होने वाले इस साल के चुनाव तो गुजरात में होने वाले 2027 के चुनाव को साधने का दांव चला है.
हेल्थ सेक्टर के जरिए केरल को साधन का दांव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने और हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाने जा रही है. सर्विस सेक्टर में जॉब बनाने के लिए कमेटी बनाने का ऐलान. 2047 तक भारत का सर्विस सेक्टर में हिस्सा 10% करने का लक्ष्य.
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि निजी क्षेत्र के सहयोग से 5 क्षेत्रीय रीजनल मेडिकल हब बनेंगे. इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल टूरिज्म सेक्टर, डायग्नोस्टिक सेक्टर शामिल होंगे. यहां हेल्थ प्रोफेशनल्स, जैसे- डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ को रोजगार मिलेगा. इसके जरिए सबसे ज्यादा लाभ केरल जैसे राज्य को हो सकता है, क्योंकि केरल में लोग बड़ी संख्या में हेल्थ सेक्टर से जुड़े हुए हैं. नर्स से लेकर डॉक्टर तक केरल से बड़ी संख्या में लोग आते हैं.
बता दें कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. असम में बीजेपी की सरकार है, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं. पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार है और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं. केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार है यानी भाकपा और माकपा के साथ अन्य लेफ्ट पार्टियों का गठबंधन है और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन हैं.
कुबूल अहमद