कोलकाता में सियासी पारा हाई! स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर TMC-BJP का हंगामा, घंटों EVM स्ट्रॉन्ग रूम में रहीं CM ममता

बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर टीएमसी और बीजेपी के बीच जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं. चुनाव आयोग ने गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए मशीनों को सुरक्षित बताया है. फिलहाल कुणाल घोष का धरना खत्म हो गया है, लेकिन टीएमसी ने मशीनों पर 24 घंटे पहरा देने का फैसला किया है.

Advertisement
सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचकर ममता बनर्जी ने खुद संभाला मोर्चा. (File photo) सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचकर ममता बनर्जी ने खुद संभाला मोर्चा. (File photo)

अनिल गिरी / आशुतोष मिश्रा / ऐश्वर्या पालीवाल / इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

पश्चिम बंगाल में गुरुवार शाम उस समय हंगामा मच गया जब टीएमसी नेता स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगा धरने पर बैठ गए. इतना ही नहीं, देर शाम मौके पर बीजेपी कार्यकर्ता भी पहुंचे. इसके बाद टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक भी हुई. सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह से दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया.

दरअसल, टीएमसी ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया कि कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में रखे बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है. इसको लेकर टीएमसी के दिग्गज नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष स्टेडियम के बाहर ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए. 

Advertisement

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और घंटो तक अंदर रहीं. इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता भी मौके पर डटे रहे और उन्होंने साफ किया कि जब तक ममता बनर्जी वहां से नहीं हटेंगी, वे भी पीछे नहीं हटेंगे. स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच मचे इस घमासान से माहौल काफी तनावपूर्ण रहा. हालांकि चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. 

Photo: PTI

आयोग ने कहा कि आरोप निराधार हैं. स्ट्रॉन्ग रूम रखे बैलेट की छंटनी की जा रही थी. ये प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे लेकर सभी पार्टियों को पहले से सूचित भी किया गया था. किसी तरह की कोई छेड़छाड़ बैलेट बॉक्स के साथ नहीं की गई है. आयोग ने कहा कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं. दूसरे कमरे में पोस्टल बैलेट (डाक वोट) की छंटनी का काम चल रहा था, जिसे लेकर शायद भ्रम फैल गया.

Advertisement

टीएमसी ने लगाए ये गंभीर आरोप

टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास हलचल हो रही है, जो कि सरासर गलत है. सिर्फ कोलकाता ही नहीं, दुर्गापुर में भी माहौल गर्म है. वहां स्ट्रॉन्ग रूम से महज 200 मीटर की दूरी पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अपना डेरा डाल दिया है. कड़कती धूप और भीषण गर्मी में करीब 100 कार्यकर्ता दिन-रात शिफ्ट लगाकर पहरा दे रहे हैं. 

इस बीच, मानिकतला में भी माहौल बिगड़ गया, जहां बीजेपी उम्मीदवार तापस रॉय और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. खबर तो ये भी है कि इस हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी खुद मौके पर पहुंच सकते हैं. यानी बंगाल में इस वक्त हर तरफ सिर्फ और सिर्फ स्ट्रॉन्ग रूम और मशीनों की सुरक्षा को लेकर खींचतान चल रही है.

कोलकाता में कुणाल घोष का धरना खत्म

घंटों चले हंगामे और धरने के बाद कुणाल घोष और शशि पांजा ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया. लेकिन जाते-जाते कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को जमकर घेरा. उन्होंने कहा, 'आज जो कुछ भी हुआ, वो आयोग की बड़ी लापरवाही है. तय तो यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्ग रूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी, फिर आज ऐसा क्यों हुआ? जब हम गलत का विरोध कर रहे हैं, तो बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है?' घोष ने साफ कर दिया कि भले ही धरना खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी टीम अब चौबीसों घंटे मशीनों की निगरानी करेगी और अब वहां ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनका लाइव नजारा स्क्रीन पर दिखेगा.

Advertisement

पूरे घटना क्रम पर क्या बोले एक्सपर्ट

इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर मोहम्मद अमीन ने भी समझाया कि चुनाव प्रक्रिया में कुछ भी अकेले नहीं किया जाता. मशीनों की सीलिंग से लेकर शिफ्टिंग तक, हर जगह पार्टियों के एजेंट मौजूद रहते हैं और सुरक्षा में सीआरपीएफ (CRPF) के साथ लोकल पुलिस भी तैनात होती है. फिलहाल, चुनाव आयोग थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी स्थिति साफ करने वाला है. अब नजरें ममता बनर्जी के संभावित दुर्गापुर दौरे पर हैं, जो नतीजों से पहले बंगाल की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकता है. 

फिलहाल, स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी की इस सक्रियता ने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है. दूसरी तरफ, प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी बरत रहा है ताकि मतगणना तक सुरक्षा और पारदर्शिता में कोई कमी न रहे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »