पश्चिम बंगाल में वोटिंग तो खत्म हो गई है, लेकिन असली टेंशन अब शुरू हुई है. 4 मई को नतीजे आने हैं, पर उससे पहले ही ईवीएम (EVM) की सुरक्षा को लेकर भारी बवाल मच गया है. मामला इतना बढ़ गया कि टीएमसी ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम में रखी मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है. इस खबर के फैलते ही राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर टीएमसी के दिग्गज नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष धरने पर बैठ गए, तो खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंच गईं, जहां उनके इलाके भवानीपुर की मशीनें रखी हैं.
टीएमसी का सीधा आरोप है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास हलचल हो रही है, जो कि सरासर गलत है. सिर्फ कोलकाता ही नहीं, दुर्गापुर में भी माहौल गर्म है. वहां स्ट्रॉन्ग रूम से महज 200 मीटर की दूरी पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अपना डेरा डाल दिया है. कड़कती धूप और भीषण गर्मी में करीब 100 कार्यकर्ता दिन-रात शिफ्ट लगाकर पहरा दे रहे हैं. कार्यकर्ताओं को एनर्जी देने के लिए वहां बाकायदा गुड़-बताशा बांटा जा रहा है ताकि वे 4 मई तक मुस्तैदी से डटे रहें.
यहां पढ़ें खबर से जुड़े लाइव अपडेट्स-
- घंटों चले हंगामे और धरने के बाद कुणाल घोष और शशि पांजा ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. लेकिन जाते-जाते कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को जमकर घेरा. उन्होंने कहा, 'आज जो कुछ भी हुआ, वो आयोग की बड़ी लापरवाही है. तय तो यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्ग रूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी, फिर आज ऐसा क्यों हुआ? जब हम गलत का विरोध कर रहे हैं, तो बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है?' घोष ने साफ कर दिया कि भले ही धरना खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी टीम अब चौबीसों घंटे मशीनों की निगरानी करेगी और अब वहां ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनका लाइव नजारा स्क्रीन पर दिखेगा.- कोलकाता में नेताजी इंडोर स्टेडियम में धरने पर बैठे TMC नेता कुणाल घोष और शशि पांजा ने अपना धरना खत्म कर दिया है.
- चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं. वीडियो में कुछ लोग स्ट्रांग रूम के आसपास दिखाई दे रहे हैं, जिस पर शक जताया जा रहा है कि कहीं चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी तो नहीं हो रही. इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर मोहम्मद अमीन ने विस्तार से बात रखी.
मोहम्मद अमीन के मुताबिक, ऐसे मामलों में जो लोग वीडियो में दिखते हैं, वे आमतौर पर राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंट होते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में हर पार्टी के एजेंट मौजूद रहते हैं और उनके सामने ही सभी काम किए जाते हैं. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को समझाते हुए बताया कि मतदान के बाद मशीनों की सीलिंग रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में होती है. सभी राजनीतिक दलों के एजेंट उस समय मौजूद रहते हैं. सील पर सभी के हस्ताक्षर होते हैं. पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है. इसके बाद मशीनों को स्ट्रांग रूम तक ले जाया जाता है, जहां भी एजेंट साथ जाते हैं..
अमीन ने बताया कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा बेहद कड़ी होती है और इसमें तीन स्तर शामिल होते हैं. केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF). पैरामिलिट्री फोर्स और स्थानीय पुलिस.
अमीन ने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कोई भी काम अकेले नहीं किया जाता. चाहे काउंटिंग हो या मशीनों की शिफ्टिंग या ऑब्जर्वेशन. हर चरण में राजनीतिक दलों के एजेंट और चुनाव अधिकारी मौजूद रहते हैं.
- स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर उठ रहे विवाद पर चुनाव आयोग थोड़ी देर में कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और सामने आए सवालों पर अपनी बात रखेगा.
- स्ट्रॉन्ग रूम में धांधली के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है. आयोग ने साफ कहा है कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं. ये सारा काम उम्मीदवारों के सामने ही हुआ था और आखिरी कमरा सुबह 5:15 बजे बंद किया गया था. आयोग ने बताया कि दरअसल दूसरे कमरे में 'पोस्टल बैलेट' की छंटनी का काम चल रहा था, जिसे लेकर शायद भ्रम फैल गया. इस बारे में सभी पार्टियों को पहले ही बता दिया गया था. भ्रम को दूर करने के लिए खुद टीएमसी नेता शशि पांजा, कुणाल घोष और बीजेपी प्रतिनिधियों को बुलाकर सील बंद कमरे दिखा दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा को लेकर कोई शक न रहे.
- ममता बनर्जी खुद एक्शन मोड में नजर आ रही हैं और वह सीधे सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंच गई हैं. दरअसल, इसी जगह पर भवानीपुर समेत दक्षिण कोलकाता के तमाम बूथों की मतपेटियां और ईवीएम रखी गई हैं. वहीं दूसरी ओर, मानिकतला में बीजेपी उम्मीदवार तापस रॉय की पुलिस से तीखी झड़प हुई है.
- इस बीच खबर है कि बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी भी खुद घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं
- टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी ने बंगाल में हर पैंतरा आजमा लिया, जिसमें वोटरों को डराना, पैसे बांटना और केंद्रीय बलों का खौफ दिखाना शामिल है. लेकिन जब कुछ काम नहीं आया, तो अब वे ईवीएम के साथ खेल करना चाहते हैं. पार्टी ने साफ कर दिया है कि बंगाल, महाराष्ट्र या बिहार नहीं है, जहां वे चुपचाप अपनी हार देख लेंगे. इसी गुस्से और विरोध की लहर को आगे बढ़ाते हुए डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष जैसे बड़े नेता नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर बैठ गए हैं.
दुर्गापुर में स्ट्रॉन्ग रूम पर टीएमसी का डेरा
यह पूरा मामला दुर्गापुर सरकारी कॉलेज के पास का है, जहां अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम मशीनें कड़ी सुरक्षा में रखी गई हैं. टीएमसी को अंदेशा है कि कहीं मशीनों के साथ कोई गड़बड़ी न हो जाए, इसलिए पार्टी ने स्ट्रॉन्ग रूम से महज 200 मीटर की दूरी पर एक अस्थायी कैंप बना लिया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, करीब 100 कार्यकर्ता दिन-रात यहां शिफ्ट में तैनात हैं ताकि मतगणना वाले दिन तक हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके.
बंगाल की झुलसाने वाली गर्मी को देखते हुए पार्टी ने कार्यकर्ताओं की सेहत का भी पूरा ख्याल रखा है. कैंप में तैनात कार्यकर्ताओं को एनर्जी देने और शरीर को ठंडा रखने के लिए गुड़ बताशा बांटा जा रहा है. टीएमसी के ब्लॉक नंबर 2 के युवा अध्यक्ष अजय देवनाथ ने बताया कि 'भीषण गर्मी में कार्यकर्ताओं को फिट रखने के लिए यह देसी नुस्खा अपनाया गया है. यह सिलसिला 4 मई को नतीजे आने तक जारी रहेगा.'
प्रदर्शन के लिए स्ट्रॉन्ग रूम पहुंच सकती हैं ममता बनर्जी
सूत्रों के हवाले से खबर है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद दुर्गापुर के स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कर सकती हैं. ऐसा माना जा रहा है कि ईवीएम की सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर ममता बनर्जी वहां पहुंचकर प्रदर्शन भी कर सकती हैं. अगर ऐसा होता है, तो 4 मई के नतीजों से पहले बंगाल की राजनीति में यह एक बहुत बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.
पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कार्यकर्ताओं के लिए विशेष आयोजन किया जाएगा. फिलहाल, स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी की इस सक्रियता ने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है. दूसरी तरफ, प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी बरत रहा है ताकि मतगणना तक सुरक्षा और पारदर्शिता में कोई कमी न रहे.
अनिल गिरी / आशुतोष मिश्रा / ऐश्वर्या पालीवाल / इंद्रजीत कुंडू