पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के घोषित होने से पहले माहौल गरमा गया है, टीएमसी नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया. बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता में बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया.
टीएमसी ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया कि कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में रखे बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है. इस मुद्दे पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्टेडियम के बाहर धरने पर बैठे थे.
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं, जहां उनकी विधानसभा सीट भवानीपुर की इवीएम मशीनें रखी हैं. स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकलकर ममता ने कहा कि सुरक्षाकर्मी स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर नहीं जाने दे रहे थे. बाद में अनुमति लेकर मैं अंदर गई.
पटाशपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पीयूषकांति पांडा ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने एगरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) सुशांत चट्टोपाध्याय पर पक्षपात का आरोप लगाया. स्थिति को काबू में लाने के लिए, अनुमंडल अधिकारी और केंद्रीय बलों को मौके पर तुरंत पहुंचना पड़ा. तृणमूल उम्मीदवार पीयूषकांति पांडा ने आरोप लगाया कि एगरा पुलिस के IC ने पटाशपुर से बीजेपी उम्मीदवार तपन माइती को स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर ले जाकर पूरी तरह से गैर-कानूनी काम किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का किसी खास उम्मीदवार के लिए दिखाया गया ये 'विशेष पक्षपात'- जो स्थापित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 की मतगणना से पहले कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है. कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163(1) के तहत निषेधाज्ञा लागू की है. इसके तहत स्ट्रॉन्ग रूम के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है. साथ ही, इन क्षेत्रों में जुलूस, रैली, सार्वजनिक बैठक, हथियार ले जाने और पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध है. ये आदेश मतगणना प्रक्रिया शुरू होने तक प्रभावी रहेगा, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे.
पश्चिम बंगाल की मंत्री और श्यामपुकुर विधानसभा सीट से टीएमसी की उम्मीदवार शशि पांजा ने ईवीएम में गड़बड़ी पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि जिन जगहों पर पहले कैमरे लगे थे और जहां हर राजनीतिक दल की फुटेज देखी जा सकती थी, उन्हें अब प्रतिबंधित कर दिया गया है. अब सिर्फ उन्हीं एजेंटों को फुटेज देखने की अनुमति होगी जिनके नाम हम बताएंगे. ये एकतरफा फैसला है. उनके नियम लगातार बदलते रहते हैं.'
TMC के EVM से छेड़छाड़ के आरोप पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, 'जब कोई चुनाव हारता है तो वो EVM पर दोष लगाता है और जब वो जीतता है तो EVM का दोष खत्म हो जाता है. जब कोई पार्टी हारती है तो वो तरह-तरह के आरोप लगाती है. हारने वाले लोग आरोप लगाते हैं.'
बंगाल चुनाव के एग्जिट पोल पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अगर आरोप चुनाव आयोग के खिलाफ हैं, तो बीजेपी के प्रवक्ता उनका बचाव क्यों करते हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'जब से बीजेपी सत्ता में आई है, वो बेईमानी से चुनाव जीतती आ रही है...मेरा आरोप है कि इन दोनों (चुनाव आयोग और बीजेपी) के गठबंधन के कारण लोकतंत्र खतरे में है...हमें 4 तारीख का इंतजार करना चाहिए.'
ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाने वाले टीएमसी के आरोपों पर BJP नेता राम कृपाल यादव ने कहा, 'पश्चिम बंगाल की जनता ने टीएमसी को नकार दिया है... कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. चुनाव आयोग ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाया है. नतीजे आएंगे और सब कुछ सामने आ जाएगा.'
पश्चिम बंगाल में गुरुवार शाम उस समय हंगामा मच गया जब टीएमसी नेता स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगा धरने पर बैठ गए. इतना ही नहीं, देर शाम मौके पर बीजेपी कार्यकर्ता भी पहुंचे. इसके बाद टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक भी हुई. सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह से दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया.
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बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं पश्चिम बंगाल राज्य के सभी सम्मानित मतदाताओं को, जिनमें भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता भी शामिल हैं, आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस सीट से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार, माननीय निवर्तमान मुख्यमंत्री को किसी भी तरह का अनुचित लाभ उठाने से प्रभावी ढंग से रोका गया है. उन्होंने चाहे जो भी कोशिश हो, वो किसी भी अनियमित या अनधिकृत गतिविधि में शामिल नहीं हो सकीं. स्ट्रांग रूम परिसर में उनकी मौजूदगी के पूरे समय के दौरान, मेरे चुनाव प्रतिनिधि, अधिवक्ता सूर्यनील दास, व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे और उन पर कड़ी निगरानी रखी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वो किसी भी अनुचित साधन का सहारा न ले सकें.'
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि मनोज कुमार अग्रवाल को देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करने केी बजाय अपने संवैधानिक दायित्वों को प्राथमिकता देनी चाहिए. जब वे दिखावे में व्यस्त हैं, तब बीजेपी को सीसीटीवी में नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद बैलेट बॉक्स को जबरन खोलने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है. जबकि पार्टी का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था.
यह लोकतंत्र को लूटने की कोशिश है, जिसे चुनाव आयोग की आपराधिक लापरवाही से बढ़ावा मिल रहा है. क्या मुख्य निर्वाचन अधिकारी वास्तव में हमसे यह अपेक्षा करते हैं कि जब ममता जनता के जनादेश की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठा रही हैं, तब हम चुप रहें?
यह याद रखिए, यह बंगाल है. हम बिहार, महाराष्ट्र या दिल्ली नहीं हैं. हम आपकी इस साजिश में साथ नहीं देंगे. हर कार्रवाई का बराबर और विपरीत जवाब दिया जाएगा. वोट की रक्षा कीजिए, वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए.
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि, ममता बनर्जी का यह नाटकीय रवैया शायद पश्चिम बंगाल के लिए सबसे साफ एग्जिट पोल है. हालात क्या इशारा कर रहे हैं, यह साफ दिख रहा है और उससे ध्यान भटकाने की बेताबी भी साफ नजर आ रही है.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के बाद सामने आई हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए. बताया जा रहा है कि उन्होंने हिंसा के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ का रवैया अपनाने के लिए कहा है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत और कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.
कोलकाता के शेखावत मेमोरियल स्कूल में स्थित स्ट्रांग रूम से बाहर निकलकर ममता बनर्जी ने कहा कि, "मैं यहां इसलिए आई हूं क्योंकि यहां ईवीएम के लिए एक स्ट्रांग रूम है. हमें कई जगहों पर गड़बड़ी मिली है, इसलिए जब मैंने इसे टीवी पर देखा, तो मैंने सोचा कि मुझे यहां आना चाहिए. मैं आई, लेकिन केंद्रीय बलों ने मुझे रोक दिया. मैंने कहा कि मुझे जाने का अधिकार है, चुनाव नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को सीलबंद कक्ष के बाहर तक जाने की अनुमति है. तब मुझे जाने दिया गया. अगर कोई गड़बड़ी हुई तो हम लड़ेंगे."
ममता बनर्जी ने कहा कि पहले सुरक्षाकर्मी स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर नहीं जाने दे रहे थे. बाद में अनुमति के बाद मैं अंदर गई. उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन को लूटने की कोई कोशिश करेगा तो हम जिंदगी-मौत एक कर देंगे.
घंटों चले हंगामे और धरने के बाद कुणाल घोष और शशि पांजा ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया. लेकिन जाते-जाते कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को जमकर घेरा. उन्होंने कहा, 'आज जो कुछ भी हुआ, वो आयोग की बड़ी लापरवाही है. तय तो यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्ग रूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी, फिर आज ऐसा क्यों हुआ? जब हम गलत का विरोध कर रहे हैं, तो बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है?' घोष ने साफ कर दिया कि भले ही धरना खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी टीम अब चौबीसों घंटे मशीनों की निगरानी करेगी और अब वहां ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनका लाइव नजारा स्क्रीन पर दिखेगा.
टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास हलचल हो रही है, जो कि सरासर गलत है. सिर्फ कोलकाता ही नहीं, दुर्गापुर में भी माहौल गर्म है. वहां स्ट्रॉन्ग रूम से महज 200 मीटर की दूरी पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अपना डेरा डाल दिया है. कड़कती धूप और भीषण गर्मी में करीब 100 कार्यकर्ता दिन-रात शिफ्ट लगाकर पहरा दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं थी. जहां उनकी विधानसभा सीट भवानीपुर की इवीएम मशीनें रखी हैं. अब वो वहां से बाहर आ चुकी हैं. इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता भी मौके पर डटे रहे और उन्होंने साफ किया कि जब तक ममता बनर्जी वहां से नहीं हटेंगी, वे भी पीछे नहीं हटेंगे.