तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के प्रतिनिधिमंडलों ने आज चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की. टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल में मंत्री फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और राजीव कुमार शामिल थे. टीएमसी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार चर्चा के दौरान गुस्सा हो गए और इस बात पर बहस करने लगे कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट क्यों गई है.
वहीं, शिशिर बाजोरिया के नेतृत्व में बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने 16 सूत्रीय मांगें रखीं. बीजेपी ने बंगाल में सात या आठ चरणों के बजाय केवल एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की है.
इसके अलावा, बीजेपी ने कल्याण बनर्जी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त की उंगलियां काटने की टिप्पणी पर भी शिकायत दर्ज कराई है.
चुनाव आयुक्त पर टीएमसी के गंभीर आरोप
टीएमसी मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार का व्यवहार काफी अहंकारी था और उन्होंने उनसे 'मत चिल्लाओ' कहकर बदसलूकी की. चंद्रिमा के मुताबिक, आयुक्त ने एक महिला प्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार किया और इस बात पर चिढ़ गए कि पार्टी अदालत क्यों गई है. फिरहाद हकीम ने कहा कि बीजेपी ने रोहिंग्या और घुसपैठियों का डर फैलाया है, लेकिन दो महीने की जांच में कोई नहीं मिला. टीएमसी ने 63 लाख और 60 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की विसंगति पर भी जवाब मांगा है.
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बीजेपी की ने रखी नई मांग
बीजेपी डेलिगेशन ने चुनाव आयोग के सामने 16 सुझाव और मांगें रखी हैं. पार्टी का मानना है कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया को लंबा खींचने के बजाय इसे एक या दो चरणों में ही निपटाया जाना चाहिए. शिशिर बाजोरिया ने बताया कि उन्होंने टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी के उस विवादित बयान की भी शिकायत की है, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की उंगलियां काटने की बात कही थी. बीजेपी ने मांग की है कि वास्तविक मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखे जाएं और चुनाव निष्पक्ष हों.
अनुपम मिश्रा