पुडुचेरी की अहम तट्टनचावडी विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है. उन्होंने 10024 वोट हासिल कर 4441 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. उनके मुकाबले में खड़े ई. विनायगम को 5583 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार के. सेथु उर्फ सेथुसेल्वम को 3984 वोट मिले. कांग्रेस के वी. वैथिलिंगम 2990 वोटों के साथ पीछे रह गए, जबकि नाम तमिलर काची की एस. कार्थी कुमारी को 534 वोट ही मिल सके.
पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, जिसकी आज 4 मई को काउंटिंग हुई. चार राउंड तक वोटों की गिनती हुई. इस सीट पर AINRC, कांग्रेस और अन्य दलों ने किस्मत आजमाई. इनमें वी वैथिलिंगम और एन. रंगासामी जैसे बड़े नेता आमने-सामने थे.
तट्टनचावडी विधानसभा सीट की बात करें तो यह प्रमुख शहरी और औद्योगिक क्षेत्र है. यहां स्थानीय मुद्दे चुनावी नतीजों को सीधे प्रभावित करते हैं. मजदूर वर्ग, व्यापारी और प्रवासी आबादी वाले इस क्षेत्र में रोजगार, बुनियादी सुविधाएं और सरकारी योजनाएं मतदाताओं के फैसले में अहम भूमिका निभाती हैं.
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12:38AM: एन. रंगासामी ने 10024 वोट हासिल कर 4441 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है. यहां ई. विनायगम 5583 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि के. सेथु उर्फ सेथुसेल्वम (निर्दलीय) को 3984, कांग्रेस के वी. वैथिलिंगम को 2990 और एनटीके की एस. कार्थी कुमारी को 534 वोट मिले.
11:41AM: यहां चार राउंड में काउंटिंग होनी थी, जो पूरी हो चुकी है. अंतिम राउंड तक रंगासामी को 10,024 वोट मिले, जबकि विनायगम को 5,583 वोट हासिल हुए. वहीं कांग्रेस के वी. वैथिलिंगम 2,990 वोटों के साथ पीछे रह गए.
11:40AM: पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर लगातार बढ़त बना रखी है. चार राउंड की गिनती के बाद वे ई. विनायगम से 4,441 वोटों से आगे हैं.
11:38AM: बीते महीने 9 अप्रैल को हुए पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में पड़े वोटों की गिनती पूरे केंद्र शासित प्रदेश में जारी है.
11:35AM: यह सीट काफी अहम मानी जा रही थी, जिस पर सभी दलों की नजरें टिकी थीं. रंगासामी इस बार थट्टांचावडी के साथ-साथ मंगलम सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं.
11:16AM: AINRC के एन. रंगासामी बढ़त बनाए हुए हैं. ई. विनायगम 5583 वोटों के साथ पीछे चल रहे हैं, जबकि के. सेथु उर्फ सेथुसेल्वम (निर्दलीय) 3,984 और कांग्रेस वी. वैथिलिंगम 2990 वोटों के साथ और पीछे हैं.
9:30AM: इस सीट पर अब तक के रुझान में ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस के एन. रंगासामी 3447 वोटों के साथ 1927 वोटों की बढ़त लेकर आगे चल रहे हैं. यहां NMK के ई. विनायगम 1,520 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि कांग्रेस के वी. वैथिलिंगम चौथे स्थान पर हैं.
8:00AM: वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है, कुछ ही देर बाद शुरुआती रुझान आने शुरू हो जाएंगे.
7:00AM: वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसको लेकर राजनीतिक दलों की भी तैयारियां हैं.
6AM: काउंटिंग से पहले केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. इसी के साथ पार्टियों के एजेंट्स भी अपनी भूमिका में आ गए हैं.
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पुडुचेरी का बड़ा औद्योगिक इलाका
तट्टनचावडी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 9) पुडुचेरी का एक बड़ा और महत्वपूर्ण शहरी और औद्योगिक इलाका है. यह जगह अपनी मजबूत आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के लिए जानी जाती है. यहां कई फैक्ट्रियां, छोटे-बड़े उद्योग, बाजार और कामगारों की बस्तियां मौजूद हैं, जिससे यह क्षेत्र शहर का एक प्रमुख रोजगार केंद्र बन जाता है.
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यहां अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं, जैसे मजदूर, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी और नौकरीपेशा लोग. इसके अलावा, यहां तमिलनाडु से आए कई प्रवासी मजदूर भी रहते हैं, जो उद्योगों और कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं. इसी वजह से यह इलाका सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी काफी विविध और सक्रिय माना जाता है.
मुख्यमंत्री रंगासामी का पारंपरिक गढ़, दबदबा कायम
तट्टनचावडी सीट इस चुनाव में काफी चर्चा में रही, क्योंकि यहां से खुद मुख्यमंत्री रंगासामी मैदान में थे. तट्टनचावडी को उनका पारंपरिक गढ़ माना जाता है. इस बार भी उन्होंने यहां अपना दबदबा कायम रखा. नादेसन कृष्णासामी रंगासामी पुडुचेरी की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत कांग्रेस पार्टी के साथ की थी. 1991 में वे पहली बार इसी सीट से विधायक चुने गए और इसके बाद से लगातार इस क्षेत्र में एक्टिव रहे. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी पहचान एक मजबूत और जमीन से जुड़े नेता के रूप में बनाई.
साल 2001 में रंगासामी पहली बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने और 2008 तक रहे. 2011 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई पार्टी 'अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस' बनाई. पार्टी बनाने के महज तीन महीने के भीतर ही वे दोबारा मुख्यमंत्री बन गए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जाता है.
वे 2011 से 2016 तक फिर मुख्यमंत्री रहे. इसके बाद 2016 से 2021 तक उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में भूमिका निभाई. 2021 में एनडीए गठबंधन के साथ उन्होंने फिर सत्ता में वापसी की और एक बार फिर मुख्यमंत्री बने. अब इस चुनाव में मिली जीत के बाद उनका चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता और मजबूत माना जा रहा है.
रंगासामी का जन्म 4 अगस्त 1950 को पुडुचेरी में हुआ था. उन्होंने टैगोर आर्ट्स कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया और डॉ. अम्बेडकर गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की. पढ़ाई के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे एक मजबूत जननेता के रूप में उभरे.
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