'नाम हटाए जा रहे, लिस्ट छिपाई जा रही', पाण्डवेश्वर रैली में चुनाव आयोग पर बरसीं CM ममता बनर्जी

निर्वाचन प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए व्यापक स्तर पर कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया है. सत्ता पक्ष के अनुसार, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रत्येक स्तर पर प्रशासनिक और न्यायिक हस्तक्षेप किया जाएगा.

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ममता बनर्जी ने TMC कार्यकर्ताओं को दिया 'फ्री लीगल हेल्प' का आदेश (Photo-ITG) ममता बनर्जी ने TMC कार्यकर्ताओं को दिया 'फ्री लीगल हेल्प' का आदेश (Photo-ITG)

अनुपम मिश्रा

  • पश्चिम बर्धमान,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पश्चिम बर्धमान के पाण्डवेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, खासकर उन इलाकों में जहां उनकी पार्टी टीएमसी को बढ़त मिलती रही है.

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पहले 1 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम हटाने की बात कही गई थी और पहले ही 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर नाम हटाए गए हैं, वहां सूची तक नहीं लगाई गई और जानकारी छिपाई जा रही है.

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उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि 40 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं और 60 प्रतिशत नाम रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं और उनकी पार्टी ऐसे लोगों को मुफ्त कानूनी मदद देगी.

यह भी पढ़ें: बशीरहाट में 'वोटर लिस्ट' पर बवाल, एक ही बूथ से BLO समेत 340 मुस्लिम वोटरों के नाम डिलीट

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान खतरे में है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं, उनकी मदद करें और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें.

इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में मतदाता सूची का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है और आने वाले समय में इस पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है. इससे पहले आज यह खबर आई थी कि बशीरहाट में एक ही समुदाय के 300 से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए हैं जिनमें एक बीएलओ का नाम भी शामिल है.

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