भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी मंगलवार को कोलकाता के विक्रमगढ़ के एक स्कूल में चुनाव अधिकारियों के सामने उपस्थित हुए. यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया का हिस्सा थी. निर्वाचन आयोग ने उनके द्वारा भरे गए गणना फॉर्म (Enumeration Form) में कुछ खामियां पाई थीं.
मोहम्मद शमी ने अधिकारियों को अपना पासपोर्ट दिखाया और करीब 15 मिनट में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई.
शमी कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 में रजिस्टर्ड वोटर हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.
शमी ने बताया नागरिक का कर्तव्य...
एसआईआर की जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मीडिया से बात करते हुए मोहम्मद शमी ने कहा, "वोटर लिस्ट का वेरिफिकेशन हर नागरिक की जिम्मेदारी है." उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से किसी को नुकसान नहीं है और सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए.
शमी ने बताया कि वे पिछले 25 साल से कोलकाता रहते हैं और उन्हें चुनाव अधिकारियों के साथ काम करने में कोई परेशानी नहीं हुई. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें दोबारा बुलाया जाएगा, तो वह फिर से आएंगे.
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इससे पहले निर्वाचन आयोग ने शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ को पहले भी नोटिस जारी किया था. हालांकि, उस वक्त शमी राजकोट में बंगाल की टीम के लिए विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे थे, जिस वजह से वे प्रक्रिया पूरी करने के लिए नहीं पहुंच सके थे. इसके बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार की नई तारीख तय की थी. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहम्मद शमी अपने कोच की सलाह पर कम उम्र में ही कोलकाता शिफ्ट हो गए थे और तब से यहीं के निवासी हैं.
अनिर्बन सिन्हा रॉय