पांच प्रदेशों में विधान सभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से पहले के पड़ाव पर निर्वाचन आयोग पहुंच गया है. निर्वाचन आयोग की 13 सदस्यीय टीम अपने पांच राज्यों के अंतिम पड़ाव पश्चिम बंगाल पहुंच गई है.
पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने और जमीनी हालात जानने के लिए निर्वाचन आयोग का उच्च स्तरीय दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुआई में कोलकाता पहुंच चुका है.
कोलकाता में आयोग की उच्च स्तरीय टीम सोमवार और और मंगलवार को राज्य में चुनावी तैयारियों के साथ जमीनी हकीकत और चुनौतियों का जायजा भी लेगी.
कोलकाता से लौटने के बाद किसी भी दिन यानी 15 मार्च तक संभवतः चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी जाएगी.
इस दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार साथी आयुक्तों डॉ सुखबीर सिंह संधू और डॉ विनीत जोशी व वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्तों और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ राज्य में चुनाव लड़ने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नुमाइंदों के साथ चुनावी कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे.
इसके अलावा आयोग राज्य के मुख्य सचिव, सभी जिलों के डीएम और एसपी सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक करेगा.आयोग पिछले चुनावों में कानून व्यवस्था की स्थिति, आगामी चुनावों के लिए मतदान की तारीखों, पुलिस और सुरक्षा बलों की आवाजाही और तैनाती, राज्य और केंद्रीय परीक्षाओं, पर्व त्योहारों, कृषि मौसम सहित सभी पहलुओं पर चर्चा करेगा.
साथ ही ईवीएम-वीवीपीएटी की उपलब्धता, जांच, चुनावी ड्यूटी पर तैनात होने वाले पदाधिकारियों की संख्या जैसे संसाधन आधारित मुद्दों पर भी चर्चा करता है.
असम और पश्चिम बंगाल में दो से तीन चरणों में वोटिंग संभव
आयोग ने फरवरी-मार्च में अब तक असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम का दौरा कर लिया है. असम और पश्चिम बंगाल में मतदान दो से तीन चरणों में कराया जा सकता है. तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी में पहले की तरह एक चरण में ही मतदान कराए जाने के आसार हैं.
आयोग के सूत्रों ने संकेत दिया है कि विधान सभा चुनाव की तारीखों की घोषणा मार्च के मध्य में होगी. अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर मतदान हो सकते हैं. मतगणना संभव है कि मई के शुरुआती दिनों यानी पहले हफ्ते में हो जाए.
पांच विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है. इस सिलसिले में सबसे पहले पश्चिम बंगाल का सात मई, तमिलनाडु का दस मई, असम का 20 मई और केरल विधान सभा का कार्यकाल 23 मई को पूरा हो रहा है.पुदुच्चेरी विधान सभा का कार्यकाल सबसे बाद यानी 15 जून को समाप्त हो रहा है.
संजय शर्मा