बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, दिल्ली में हुई मीटिंग में हुआ फैसला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक हुई है. पार्टी आलाकमान और बंगाल कांग्रेस के नेताओं के बीच हुई इस चर्चा में राज्य में अकेले चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर जोर दिया गया है.

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बंगाल चुनाव पर कांग्रेस ने आलाकमान ने लिया फैसला (File Photo: PTI) बंगाल चुनाव पर कांग्रेस ने आलाकमान ने लिया फैसला (File Photo: PTI)

राहुल गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में 10 राजाजी मार्ग पर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के पश्चिम बंगाल नेतृत्व के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में फैसला हुआ है कि कांग्रेस पार्टी बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी.

दिल्ली में पश्चिम बंगाल कांग्रेस के नेताओं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में फैसला लिया गया. कांग्रेस के सीनियर नेता और पश्चिम बंगाल के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व अब बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने के विचार पर गंभीरता से काम कर रहा है. 

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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारतीय जनता पार्टी से बड़ी चुनौती मिल रही है. इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने विपक्ष के INDIA ब्लॉक का हिस्सा होने के बावजूद, कांग्रेस या किसी सहयोगी के साथ गठबंधन पर कोई बातचीत शुरू नहीं की है.

बीजेपी भी कर रही ज़ोरदार तैयारी...

पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के आवास पर पार्टी के पश्चिम बंगाल के सांसदों के साथ एक बैठक की और उनकी चिंताओं को सुना. यह रणनीतिक बैठक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले हुई है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग के बाद, BJP सांसद राजू बिस्टा ने कहा कि नितिन नवीन ने सांसदों को मार्गदर्शन दिया और उनके मुद्दों पर चर्चा की.

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यह भी पढ़ें: 'बंगाल को टारगेट किया जा रहा है', बोलीं ममता बनर्जी

राजू बिस्टा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ दो घंटे से ज़्यादा समय बिताने और अपनी चिंताओं पर चर्चा करने का मौका मिला. यह पूरी तरह से एक संगठनात्मक बैठक थी और यह हमारी उनके साथ पहली मुलाकात थी, इसलिए हमें कई सुझाव और बहुत सारा मार्गदर्शन मिला. हम राष्ट्रीय अध्यक्ष से पारिवारिक माहौल में मिले और सभी सांसदों ने अपने-अपने मुद्दे रखे." 

(एएनआई के इनपुट के साथ)

 
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