पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करने और बेरोजगारी दूर करने पर केंद्रित बताया है. घोषणा पत्र में कांग्रेस ने महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये देने, किसानों को सालाना 15 हजार रुपये की सहायता, मुफ्त बिजली और बेहतर खरीद व्यवस्था का वादा किया है. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार देने और सभी सरकारी रिक्त पदों को भरने की बात कही गई है. पार्टी ने हर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर विकसित करने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की भी घोषणा की है.
कांग्रेस ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य में उद्योग और रोजगार में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है. वहीं भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह केवल सांप्रदायिक राजनीति और ध्रुवीकरण की कोशिश करती है. पार्टी ने दावा किया कि बीजेपी एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को डराकर अपने साथ जोड़ती है.
कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था सुधारने का वादा करते हुए कहा कि राज्य में 'कानून का राज' स्थापित किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो. भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताते हुए पार्टी ने कहा कि एक मंत्री के पास से 50 लाख रुपये से ज्यादा बरामद होना चिंताजनक है और इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी.
10 लाख रुपये का सरकारी बीमा
महिलाओं की सुरक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, मुफ्त शिक्षा और 10 लाख रुपये तक का सरकारी स्वास्थ्य बीमा देने का भी वादा किया गया है. कांग्रेस ने कहा कि एक समय कोलकाता उद्योग का केंद्र था, लेकिन अब रोजगार के लिए लोग दूसरे शहरों की ओर जा रहे हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस बंगाल में लंबे समय बाद अकेले चुनाव लड़ रही है और जनता को तीसरा विकल्प देने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 'वंदे मातरम' जैसे मुद्दों के जरिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है.
TMC और BJP पर को सिक्के के दो पहलू बताया
उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जबकि कांग्रेस राज्य में नई दिशा देने का प्रयास कर रही है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी जयराम रमेश ने आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया.
कांग्रेस ने साफ किया कि वह राज्य स्तर पर अलग-अलग चुनाव लड़ती है, लेकिन राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर विपक्षी दल एकजुट रहते हैं. पार्टी का कहना है कि बंगाल में वह एक नया राजनीतिक विकल्प पेश कर रही है, जो विकास, रोजगार और सामाजिक सौहार्द पर आधारित होगा.
अनुपम मिश्रा