उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दलों ने अपनी-अपनी एक्सरसाइज शुरू कर दी है. सूबे के 20 फीसदी मुस्लिम वोटों के लिए बीजेपी और सपा के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया है. मुसलमानों के सबसे बड़े त्योहार ईद मिलने के बहाने मुस्लिम वोटों के साधने की कवायद की जा रही है.
योगी सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री दानिश आजाद ने ईद के दूसरे दिन बाद 23 मार्च को लखनऊ में 'ईद स्नेह मिलन व सूफी शाम' का आयोजन किया. इस कार्यक्रम के एक सप्ताह के बाद समाजवादी पार्टी के लखनऊ दफ्तर में होली-ईद मिलन का आयोजन किया गया, जिसमें गीत-संगीत और कव्वाली का भी आयोजन किया गया.
बीजेपी ने 'ईद मिलन' के बहाने मुस्लिमों के दिल में जगह बनाने कवायद की तो सपा ने अपने इस कोर वोटबैंक को बचाए रखने के लिए होली-ईद मिलन सौहार्द्र समारोह का आयोजन कराया. इस कार्यक्रम को सपा के विधायक आशु मलिक के द्वारा किया गया था, लेकिन दानिश आजाद के ईद मिलने समारोह में जिस तरह बीजेपी नेता जुटे थे, उसके आगे सपा का कार्यक्रम फीका रहा.
बीजेपी की'ईद स्नेह मिलन व सूफी शाम'
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद पहली बार बीजेपी के किसी नेता की तरफ से लखनऊ में ईद-मिलन समारोह का आयोजन किया गया था. योगी सरकार के एकलौते मुस्लिम मंत्री दानिश आजाद अंसारी के की गई ईद मिलन में सूफी कव्वाली का भी आयोजन किया गया था. बीजेपी ही नहीं बल्कि एनडीए गठबंधन के सहयोगी नेताओं ने भी शिरकत किया था.
यूपी सरकार के डिप्टीसीएम बृजेश पाठक, स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह सहित सूबे के 37 से 38 मंत्री पहुंचे ईद मिलन के कार्यक्रम में पहुंचे थे. इसके अलावा बीजेपी संगठन के तमाम नेता भी ईद मिलने में शिरकत किए थे. मुस्लिम उलेमाओं से लेकर यूपी के मशहूर दरगाह और खानकाह के अहम व जिम्मेदार लोग भी पहुंचे थे, जिसमें देवा शरीफ, किछौछा शरीफ से जुड़े लोग भी थे.
मुसलमानों का विश्वास जीतने का प्लान
दानिश आजाद अंसारी की तरफ से रखे गए ईद मिलने को मुस्लिम समाज के साथ अपने रिश्ते की डोर को मजबूत करने का दांव माना जा रहा है. मुस्लिम समुदायों के बीच पहुंच बनाना एक सोची-समझी 'माइक्रो-मैनेजमेंट' रणनीति का हिस्सा है ताकि सपा के पीडीए फॉर्मूले को काउंटर किया जा सके.
लखनऊ में योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद की तरफ से किए गए भव्य ईद मिलन समारोह में जिस तरह से बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने शिरकत किया, उससे साफ है कि पार्टी की नजर मुसलमानों के वोट बैंक को अपने साथ जोड़ने की रणनीति है.
ईद मिलने समारोह में मुस्लिम समुदाय और बीजेपी नेताओं के बीच संवाद देखने को मिला, जिसके जरिए मुसलमानों के संदेह को दूर करने स्टैटेजी रही. सूबे में 2024 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों का बड़ा हिस्सा सपा के साथ गया था, जिसे बीजेपी अब अपने साथ जोड़ने की कवायद में है. ईद मिलने कार्यक्रम समाज में एकजुटता और समरसता को और अधिक सशक्त बनाने की है.
यूपी सरकार में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी कहते हैं कि ईद मिलन समारोह में जिस तरह से सरकार और संगठन के लोग शामिल हुए हैं, उससे साफ है कि सरकार मुस्लिमों को साथ लेकर चलना चाहती है. हमारे देश में अलग-अलग धर्म के लोग आपसी भाईचारे और अमन के साथ रहते हैं, जब एक दूसरे साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं तो हमारी आपसी रिश्ते भी मजबूत होते हैं. हिंदू-मुस्लिम मिलकर विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का काम कर रहे हैं और सरकार भी उनके विकास के लिए संजीदा है.
सपा का होली-ईद मिलन समारोह
बीजेपी के ईद मिलने के करीब एक सप्ताह के बाद मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक ने लखनऊ पार्टी दफ्तर में होली-ईद मिलन समारोह का आयोजन किया. इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव समेत तमाम नेता मौजूद रहे, जिसमें गीत-संगीत और कव्वाली का आयोजन किया गया. सपा की तरफ से सेवई और गुझियां रखी गई थी.
सपा के होली-ईद मिलने में अखिलेश यादव जरूर शिरकत किए थे, लेकिन पार्टी के मुस्लिम चेहरे नदारद रहे और बड़े मुस्लिम धर्म गुरु नजर नहीं आए। सपा की तरह से सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक अताउर्रहमान, नवाब जान, यासमीन अंसारी और शाहिद मंजूर ही दिखे. सपा के ये नेता भी कुछ देर में ही निकल गए. इसकी एक बड़ी वजह आशु मलिक रहे, जिन्होंने सिर्फ सहारनपुर जिले के लोगों की भीड़ जुटा रखी थी. इस तरह बीजेपी के ईद मिलने के आगे सपा का ईद मिलन फीका रहा.
अखिलेश यादव ने दिया सियासी संदेश
सपा दफ्तर में हुए होली-ईद मिलन समारोह कार्यक्रम की तस्वीरों को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है. अखिलेश ने पोस्ट करते हुए लिखा कि हमने अपने 'होली-ईद मिलन' का मीठा-सा नाम रखा, 'गुझिया-सेंवई मिलन समारोह', क्योंकि कड़वाहट फैलाने वाले हुक्मरानों के इस दौर में, हम चाहते हैं सबके मुंह मीठे रहे. साथ ही कहा कि होली मिलन समारोह महावीर जयंती के दिन, यही हिंदुस्तान है, यही पीडीए का पैगाम है.-
सपा का ईद मिलन क्यों पड़ गया फीका
अखिलेश यादव ने जरूर ईद मिलने के बहाने बीजेपी पर तंज कसते नजर आए, लेकिन जिस तरह से बीजेपी के कार्यक्रम मुस्लिमों उलेमाओं और दरगाह से जुड़े लोग नजर आए थे, वो सपा के कार्यक्रम में नहीं दिखे. इतना ही नहीं सपा ने ईद के साथ होली मिलन का कार्यक्रम रखा था, लेकिन सपा के मंच पर कोई हिंदू धर्म का संत भी नहीं दिखा.
सपा के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पार्टी के ईद मिलन समारोह को आशु मलिक ने पूरी तरह से हाईजेक कर रखा था. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के घर पर इफ्तार पार्टी के दौरान ही आशु मलिक के ई-होली मिलन कराने की जिम्मेदारी थी, आशु मलिक ने पार्टी के कार्यक्रम को अपना निजी कार्यक्रम बना लिया. इस वजह से सपा के कई मुस्लिम नेताओं ने भी दूरी बना ली थी. आशु मलिक ने किसी मुस्लिम उलेमा भी नहीं बुलाया था. इसीलिए कार्यक्रम फीका रहा.
कुबूल अहमद