पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच, मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार तापस रॉय ने इस बैठक के बाद चुनाव प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने फलता में हुई गड़बड़ी को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.
बीजेपी के एक डेलिगेशन ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल से मुलाकात की. इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए तापस रॉय ने चुनाव आयोग के सामने तीन मुख्य मुद्दे रखे.
तापस रॉय ने बताया कि बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर अपनी बात रखी है. पहला मुद्दा वर्धमान में हुई घटनाओं से जुड़ा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब छतों और ऊंची इमारतों से असामाजिक गतिविधियां चल रही थीं, तब CAPF और जिला पुलिस क्या कर रही थी.
दूसरा मुद्दा पिंगला और दासपुर इलाकों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को लेकर था. रॉय ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में 'कैजुअल' या अस्थायी कर्मचारियों की तैनाती नहीं होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि सुरक्षा के मोर्चे पर सिर्फ प्रशिक्षित और स्थायी बल ही तैनात किए जाएं.
तीसरा मुद्दा वोटों की गिनती के दौरान नियमों के पालन का था. रॉय ने कहा कि मतगणना हॉल में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के बैठने की व्यवस्था चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक ही होनी चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि रिटर्निंग ऑफिसर (RO), एआरओ (ARO) और ऑब्जर्वर को ये ध्यान देना चाहिए कि नियमों में कोई ढिलाई न हो.
फलता मामले पर जताई नाराजगी
फलता में हुई घटनाओं को लेकर भी तापस रॉय ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, फलता में जो हुआ, 'नहीं ओपिनियन तो ऐसा होना नहीं चाहिए. फलता में जैसा हुआ वैसा ही होता है इसीलिए तो डायमंड हार्बर में सात लाख... सात लाख ग्यारह हजार वोट्स से जीते हैं अभिषेक और आज भी हुआ फाल्टा में जो होना नहीं चाहिए. वोट देने नहीं दिया. हिन्दू गांव से निकलकर हमारी मां-बहन लोग विरोध कर रहे थे.'
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पश्चिम बंगाल BJP प्रेसिडेंट समिक भट्टाचार्य ने भी फलता को लेकर अपनी राय दी. उन्होंने कहा, 'पिछले 10 सालों से, TMC बस एक ही बात का प्रचार कर रही है: अगर आप वोट नहीं देंगे, तो सारी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी, राशन बंद कर दिया जाएगा, दुकानें बंद कर दी जाएंगी, आपको वोट देना होगा. लेकिन अब, TMC सरकार और उनकी पार्टी दोनों बाहर हो जाएंगे.'
'TMC ने हार मान ली है...'
भट्टाचार्य ने दावा करते हुए कहा, 'TMC सरकार चली गई है. पश्चिम बंगाल में बहुत से लोगों ने कभी वोट नहीं दिया. उन्हें वोट नहीं देने दिया गया. ऐसे माहौल में, अब जब लोग बेखौफ हो गए हैं, तो उन्होंने वोट दिया है. TMC ने हार मान ली है, लेकिन फिर भी, क्योंकि उनके कार्यकर्ता काउंटिंग सेंटर पर जाते हैं, वो ऐसे बयान दे रहे हैं.'
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