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मजबत विधानसभा चुनाव 2026 (Majbat Assembly Election 2026)

चुनाव 2026 के उम्मीदवार

 मजबात, जिसे मजबत भी लिखा जाता है, असम के उदलगुरी जिले में एक राजस्व सर्कल और मजबत विकास खंड का मुख्यालय है. यह एक सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र है और दरांग-उदलगुरी लोकसभा सीट के 11 खंडों में से एक है.

2023 के परिसीमन अभ्यास ने उदलगुरी जिले के चुनावी नक्शे में काफी बदलाव किया. पहले, जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र थे.

उदलगुरी, पानेरी और मजबात. जहां उदलगुरी और मजबात को बदली हुई सीमाओं के साथ बरकरार रखा गया, वहीं पानेरी को समाप्त कर दिया गया. और दो नए क्षेत्र, तांगला और भेरगांव, नई सीमाओं और पुनर्वितरित मतदाताओं के साथ बनाए गए. मजबात में अब पहले के मजबात और पानेरी क्षेत्रों के कुछ हिस्से, साथ ही कुछ आस-पास के गांव शामिल हैं.

1978 में स्थापित, मजबात ने अब तक 10 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है. शुरुआती दशकों में कांग्रेस एक प्रमुख शक्ति थी, जिसने सिल्वियस कोंडपान के साथ लगातार चार बार जीत हासिल की. सिल्वियस ने 1978 का पहला चुनाव जनता पार्टी के टिकट पर जीता था. हालांकि, पिछले तीन दशकों में कांग्रेस एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है. 2001 और 2006 में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट दो बार जीती, जबकि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 2011 से लगातार तीन जीत हासिल करते हुए अजेय बना हुआ है.

राकेश्वर ब्रह्मा ने 2011 में मजबात में BPF का खाता खोला, और कांग्रेस के जीतू किसान को 1,626 वोटों के मामूली अंतर से हराया. 2016 में चरण बोरो ने BPF के लिए यह सीट बरकरार रखी, और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के तेहारू गौर को 26,218 वोटों से हराया. इस चुनाव में कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई थी. 2021 में चरण बोरो ने BPF को जीत की हैट्रिक बनाने में मदद की, जब उन्होंने 2011 के कांग्रेस उम्मीदवार जीतू किसान को, जो अब BJP में शामिल हो गए थे, 16,057 वोटों से हराया.

विधानसभा चुनावों में खाली हाथ रहने के विपरीत, लोकसभा चुनावों के दौरान मजबात क्षेत्र में BJP एक मजबूत ताकत बनी रही है. 2009 में इसने BPF से 4,942 वोटों की बढ़त बनाई थी. कांग्रेस, जो 2009 में चौथे स्थान पर रही थी, 6,860 वोटों की बढ़त के साथ आगे निकल गई. BJP इसे एक अपवाद ही मानेगी, क्योंकि 2019 में उसने कांग्रेस पर 14,540 वोटों की और 2024 में BPF पर 26,273 वोटों की बढ़त फिर से हासिल कर ली. BJP के दरांग-उदलगुरी लोकसभा उम्मीदवार दिलीप सैकिया को 70,656 वोट मिले, जबकि BPF के दुर्गादास बोरो को 44,383 वोट मिले. कांग्रेस के माधव राजबंशी सिर्फ 23,090 मतदाताओं का समर्थन पाकर तीसरे स्थान पर रहे. मजबात की 2026 विधानसभा चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची में 186,341 योग्य मतदाता थे. यह संख्या 2024 में मौजूद 183,181 मतदाताओं की तुलना में SIR 2025 के बाद 3,160 मतदाताओं की वृद्धि को दर्शाती है. 2023 के परिसीमन के बाद इसमें 23,051 मतदाताओं की भारी वृद्धि देखी गई, जबकि 2021 में यह संख्या 160,130 थी. इससे पहले, 2019 में यह संख्या 145,753, 2016 में 132,619, 2014 में 121,421 और 2011 में 119,515 थी. मतदाताओं की भागीदारी (वोटर टर्नआउट) लगातार मजबूत रही है- 2024 में 79.94 प्रतिशत, 2021 में 80.10 प्रतिशत, 2019 में 83.45 प्रतिशत, 2016 में 84.48 प्रतिशत, 2014 में 81.60 प्रतिशत और 2011 में 76.14 प्रतिशत.

परिसीमन से पहले, मजबात में 22.80 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता थे, जबकि अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का हिस्सा 22.23 प्रतिशत और अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) का हिस्सा 2.08 प्रतिशत था. हालांकि, परिसीमन के समायोजनों के बाद इन आंकड़ों में बदलाव की उम्मीद है, लेकिन एक चीज जो शायद नहीं बदली है, वह है इसका पूरी तरह से ग्रामीण स्वरूप, जहां शहरी मतदाताओं की संख्या शून्य है.

उपलब्ध आंकड़ों (जो मुख्य रूप से 2011 की जनगणना के अनुपातों पर आधारित हैं और जिन्हें क्षेत्र तथा 2023 के परिसीमन परिवर्तनों के अनुसार समायोजित किया गया है) पर आधारित जनसांख्यिकी यह दर्शाती है कि यहाँ अनुसूचित जनजातियों की अच्छी-खासी उपस्थिति है, साथ ही मुस्लिम आबादी भी उल्लेखनीय है, जबकि हिंदू और अन्य समूह संख्या में छोटे हैं. यह निर्वाचन क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण बना हुआ है, जहां मतदाताओं का एक बहुत बड़ा हिस्सा गांवों में रहता है और कृषि कार्यों में संलग्न है.

मजबत निर्वाचन क्षेत्र मध्य असम के उदलगुरी जिले के कुछ हिस्सों को कवर करता है. इस क्षेत्र में समतल जलोढ़ मैदान और हल्की ऊंची-नीची जमीनें हैं, जो ब्रह्मपुत्र घाटी की तलहटियों की विशिष्ट विशेषताएं हैं. यहां की जमीन धान की खेती, सब्जियों की खेती और बागवानी के लिए उपयुक्त है, लेकिन ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों से आने वाली मौसमी बाढ़ का खतरा बना रहता है. मजबत में लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती-बाड़ी, छोटे-मोटे व्यापार और आस-पास के इलाकों में जंगल से जुड़े कामों पर निर्भर है. यहां की उपजाऊ मिट्टी और भरपूर बारिश इन कामों को बनाए रखने में मदद करती है. बुनियादी सुविधाओं में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के जरिए आस-पास के इलाकों से सड़क संपर्क शामिल है, साथ ही, पास के स्टेशनों जैसे तंगला या उदलगुरी से रेल सुविधा भी उपलब्ध है, जो गांव के हिसाब से लगभग 15-25 किलोमीटर की दूरी पर हैं. गांवों में बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, और ग्रामीण सड़कों तथा सिंचाई व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है.

सबसे नजदीकी बड़ा शहर उदलगुरी है, जो जिले का मुख्यालय भी है और यहां से लगभग 25-35 किलोमीटर दूर है. आस-पास के अन्य शहरों में दक्षिण दिशा में स्थित मंगलदोई शामिल है, जो लगभग 40-50 किलोमीटर दूर है, और उससे भी दक्षिण में रंगिया स्थित है. राज्य की राजधानी, दिसपुर, यहां से लगभग 90-110 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में पड़ती है.

यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) का BJP के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला और उसकी जगह बोडो पीपल्स पार्टी (BPF) का नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) के सदस्य के तौर पर शामिल होना, राज्य के सत्ताधारी गठबंधन के लिए एक छिपा हुआ वरदान साबित हो सकता है. इसकी वजह यह है कि इस क्षेत्र में हुए संसदीय चुनावों में BJP का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और BPF ने पिछले तीन विधानसभा चुनावों में लगातार तीन जीत हासिल की हैं. BPF ने चरण बोरो को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है, वे 2016 और 2021 में लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं. वे BJP के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन की ओर से चुनाव लड़ेंगे, जबकि BJP की पुरानी सहयोगी UPPL ने रबिंद्र बासुमतारी को अपना उम्मीदवार बनाया है. उन्हें कांग्रेस पार्टी के नारायण अधिकारी, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के अशोक ग्यारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रीति रेखा बारला से चुनौती मिलेगी. खास बात यह है कि इस चुनाव में कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में नहीं है.

BJP और BPF के एक साथ आने से सत्ताधारी गठबंधन का दावा और मजबूत हुआ है, और BPF को अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एक साफ बढ़त मिल गई है. कागजों पर भले ही यह एक बहुकोणीय मुकाबला लग रहा हो, लेकिन असल में 2026 के विधानसभा चुनावों में मजबत सीट जीतने की यह लड़ाई दो बोडोलैंड पार्टियों, BPF और UPPL, के बीच ही होने की उम्मीद है.

(अजय झा)

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Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
मजबत विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

मजबत विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

Charan Boro

BOPF
वोट54,409
विजेता पार्टी का वोट %42.3 %
जीत अंतर %12.5 %

मजबत विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Jitu Kissan

    BJP

    38,352
  • Ratendra Daimary

    UPPL

    28,413
  • Saiful Islam

    IND

    1,971
  • Nota

    NOTA

    1,785
  • Santosh Kurmi

    IND

    1,247
  • Sunil Sarkar

    VPI

    827
  • Jiarul Hoque Sarker

    IND

    654
  • Golam Mostafa

    IND

    565
  • Khurshid Alam Mazumdar

    IND

    333
WINNER

Charan Boro

BOPF
वोट48,351
विजेता पार्टी का वोट %43.2 %
जीत अंतर %23.4 %

मजबत विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Teharu Gour

    AIUDF

    22,133
  • Raphael Kujur

    INC

    20,577
  • Rabindra Basumatary

    IND

    8,763
  • Sapna Daimary

    IND

    2,841
  • Girish Chandra Choudhury

    IND

    2,117
  • Nota

    NOTA

    1,974
  • Sunil Sarkar

    IND

    1,906
  • Baldev Chouhan

    LJP

    1,276
  • Lal Soren

    IND

    1,007
  • Manoj Kumar Tamuli

    IND

    707
  • Abul Quasim

    IND

    380
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असम विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

मजबत विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

मजबत विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में मजबत में BOPF का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के मजबत चुनाव में Charan Boro को कितने वोट मिले थे?

2021 में मजबत सीट पर उपविजेता कौन था?

असम विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले मजबत विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

असम विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

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