सौम्या को सुनने में है दिक्कत, परीक्षा के दिन था बुखार, अब बनीं IAS!

देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दिल्ली की सौम्या शर्मा ने 9 वां स्थान हासिल किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सौम्या टॉपर बनीं हैं.

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सौम्या शर्मा सौम्या शर्मा

मोहित पारीक / पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दिल्ली की सौम्या शर्मा ने 9वां स्थान हासिल किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सौम्या टॉपर बनी हैं. खास बात ये है कि 23 साल की लॉ स्टूडेंट रहीं सौम्या ने बिना किसी कोचिंग क्लास की मदद के पहले ही प्रयास में यह कामयाबी हासिल की है.

दिल्ली के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से साल 2017 में ग्रेजुएशन कर चुकीं सौम्या को हियरिंग डिसेबिलिटी है. उन्हें बुखार में तपता देखकर गार्ड रूम में एग्जाम के लिए अलग व्यवस्था की गई थी. बुखार शरीर को तपा रहा था, लेकिन सौम्या ने हिम्मत नहीं हारी. सौम्या के मुताबिक उन्होंने बिना कोचिंग क्लास के ही कामयाबी हासिल की है.

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'आजतक' की टीम जब सौम्या शर्मा के घर पहुंची तब परिवार और नजदीकी लोग मिठाई खाकर खुशियां मनाते नजर आए. 'आजतक' से बातचीत के दौरान सौम्या ने बताया कि यूपीएससी की सिविल सर्विसेज की तैयारी उन्होंने पूरी योजनाबद्ध तरीके से की. सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्सएप को सौम्या ने अपने मोबाइल से डिलीट कर दिया था. हर रोज तकरीबन 16-17 घंटे की कठिन पढ़ाई के बाद सौम्या ने सफलता हासिल करने में कामयाब हुईं.

सिविल सर्विसेज की तैयारी में उन्हें पैरेंट्स का भी काफी सपोर्ट मिला. सबसे दिलचस्प बात यह है कि सौम्या के पिता अशोक शर्मा, माता लीना शर्मा, ताऊ पदम शर्मा पेशे से डॉक्टर हैं और भाई अभिषेक भी डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे हैं. जबकि इसके उलट सौम्या ने घर पर वकालत को चुना और UPSC की परीक्षा दी.

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सौम्या शर्मा 10वीं की टॉपर भी रह चुकी हैं. सौम्या की मानें तो 11वीं में जाने के बाद उन्हें हियरिंग डिसेबिलिटी की समस्या शुरू हुई. यह दुख उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी इस समस्या को कमजोरी नहीं बनने दिया और पहली बार में ही UPSC की परीक्षा देकर टॉप किया.

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