नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) के तमाम प्रशासनिक और तकनीकी ड्रामों के बीच, आखिरकार देश के उन लाखों होनहारों के चेहरे पर मुस्कान आई है जो पिछले कई सालों से देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा को क्रैक करने का सपना देख रहे थे. आईआईटी (IIT) दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR 1) हासिल कर इतिहास रच दिया है. शुभम ने 360 में से 330 नंबर लाकर इस बार की मेरिट लिस्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया है.
इस साल परीक्षा में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां कुल 1,87,389 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 1,79,694 छात्र 17 मई 2026 को आयोजित हुए पेपर 1 और पेपर 2 दोनों में शामिल हुए थे.
IIT दिल्ली जोन की 'हैट्रिक': टॉप-3 में सिर्फ दिल्ली के छात्र
इस साल के नतीजों में सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह रही कि देश के टॉप-3 रैंकर्स सिर्फ और सिर्फ आईआईटी दिल्ली जोन से ही निकले हैं. दिल्ली जोन ने इस बार नतीजों में पूरी तरह से एकछत्र राज किया है.
शुभम कुमार (AIR 1): 360 में से 330 नंबर पाकर देश के सरताज बने.
कबीर छिल्लर (AIR 2): कबीर महज 1 नंबर से ऑल इंडिया टॉपर बनने से चूक गए. उन्होंने 329 नंबर हासिल कर दूसरी रैंक पाई.
जतिन चाहर (AIR 3): जतिन ने 319 नंबरों के साथ देश में तीसरा स्थान हासिल कर दिल्ली जोन की हैट्रिक पूरी की.
लड़कियों में आरोही देशपांडे ने मारी बाजी
अगर महिला उम्मीदवारों की बात करें, तो इस बार भी लड़कियों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. आरोही देशपांडे लड़कियों के वर्ग में देश की टॉपर बनी हैं. उन्होंने 360 में से 280 नंबर स्कोर करके कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में 77वीं रैंक हासिल की है. खास बात यह है कि आरोही भी आईआईटी दिल्ली जोन की ही छात्रा हैं.
इस साल कुल 56,880 उम्मीदवारों ने देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में दाखिले के लिए क्वालिफाई किया है, जिनमें से 10,107 महिला उम्मीदवार हैं, जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बढ़ती महिला शक्ति की एक सुखद तस्वीर पेश करती हैं.
अब शुरू होगी JoSAA काउंसलिंग
नतीजे घोषित होने के बाद अब सभी की नजरें देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग काउंसलिंग प्रोसेस यानी जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) 2026 पर टिक गई हैं. क्वालिफाई करने वाले सभी छात्रों को इस काउंसलिंग में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है.
बता दें कि बोर्ड ने साफ किया है कि इस बार जोसा (JoSAA) काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए छात्रों के कक्षा 12वीं के मार्क्स या प्रतिशत की कोई बाध्यता आड़े नहीं आएगी. हालांकि, आईआईटी सिस्टम और अन्य शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में अंतिम प्रवेश तभी पक्का माना जाएगा, जब छात्र जेईई एडवांस्ड 2026 के इनफॉर्मेशन ब्रोशर में दी गई अन्य बुनियादी पात्रता शर्तों को पूरा करेंगे.
आजतक एजुकेशन डेस्क