इंडियन एयरफोर्स दुनिया में चौथी सबसे खतरनाक एयरफोर्स है. इंडियन एयरफोर्स में अगर आप फाइटर पायलट बनने का सपना देखते हैं तो आपको इसके इंडियन एयरफोर्स के फ्लाइंग ब्रांच को ज्वॉइन करना होगा. आपको बता दें, एयरफोर्स में फाइटर पायलट बनना इतना आसान नहीं है. क्योंकि फाइटर पायलट बनने की प्रक्रिया काफी कठिन होती है. अगर आप परीक्षा में एक बार फेल हो गए तो जिंदगी भर आप पायलट बनने के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं. आइए जानते हैं. इंडियन एयरफोर्स के फ्लाइंग ब्रांच में कैसे करें अप्लाई और कैसे होगा सेलेक्शन...
योग्यता: इंडियन एयर फोर्स के फ्लाइंग ब्रांच में अप्लाई करने के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथमेटिक्स विषय का होना अनिवार्य है. आपको बता दें, फ्लाइंग ब्रांच में हिस्सा लेने के लिए छात्र ने 12वीं की परीक्षा साइंस स्ट्रीम से पास की हो.
( फोटो: IAF फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी)
कैसे होता है सेलेक्शन: इंडियन एयर फोर्स में पायलट बनने की प्रक्रिया बहुत ही लंबी होती है. इसके लिए एंट्रेंस परीक्षा पास करनी होती है, जिसके लिए इंडियन एयरफोर्स ने बहुत सी परीक्षाएं निर्धारित की हैं. जिसमें 12वीं और ग्रेजुएट छात्रों के लिए परीक्षा तैयार की गई है.
( फोटो: महिला फाइटर प्लेन पायलट (मोहना, अवनी और भावना) इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने के लिए चार तरीकों से IAF में मिलती है एंट्री
अगर आप 12वीं के बाद अप्लाई करना चाहते हैं तो आप नेशनल डिफेंस अकेडमी (NDA) के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं. ये परीक्षा UPSC आयोजित करता है. जिसके लिए आपके 60 प्रतिशत अंक आने जरूरी है. वहीं अगर आप ग्रेजुएशन की बाद अप्लाई करना चाहते हैं तो आप CDS, AFCAT (एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) और NCC के जरिए आप इंडियन एयर फोर्स की फ्लाइंग ब्रांच के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
बता दें, CDS परीक्षा UPSC की ओर से साल में दो बार आयोजित की जाती है जिसके लिए आपके पास 12वीं में फिजिक्स और मैथमेटिक्स और ग्रेजुएशन में 60% अंक होने चाहिए. वहीं AFCAT परीक्षा इंडियन एयर फोर्स की ओर से साल में 2 बार आयोजित की जाती है. वहीं अगर बात करें NCC एंट्री की तो ये स्पेशल एंट्री होती है जिसे डायरेक्ट एंट्री भी कहते हैं, ये एंट्री केवल NCC उम्मीदवारों के लिए ही होती है. अगर आपके पास NCC की "C" सर्टिफिकेट है. तो सीधे इंडियन एयर फोर्स के इंटरव्यू प्रक्रिया के लिए अप्लाई कर सकते हैं. यानी NDA, CDS और AFCAT इन तीनों एंट्री के लिए आपको लिखित परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद आपको अगले प्रोसेस के लिए भेजा जाता है. वहीं आप NCC उम्मीदवार हैं तो आपको लिखित परीक्षा देने के जरूरत नहीं है.
दूसरी प्रकिया लिखित परीक्षा में पास उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है जिसके बाद SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. इंटरव्यू की प्रक्रिया 5 स्टेज में होती है और जो उम्मीदवार इन पांच स्टेज को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं. फिर उन्हें मेडिकल चेक-अप, PABT टेस्ट (पायलट एप्टीट्यूट बैटरी टेस्ट) के लिए भेजा जाता है.
तीसरी प्रकिया
इंडियन एयरफोर्स में फाइटर पायलट बनने की ये अहम प्रक्रिया है. इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने के लिए PABT टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है.
आपको बता, दें इस टेस्ट को क्लियर करने के लिए केवल एक बार ही मौका दिया जाता है. यानी अगर PABT टेस्ट को एक बार में पास नहीं कर पाते हैं तो आप पूरी लाइफ टाइम इंडियन एयरफोर्स में पायलट के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं.
चौथी प्रकिया
मेडिकल चेकअप और PABT टेस्ट के बाद एक फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है. जो SSB इंटरव्यू और लिखित परीक्षा में दिए गए नंबर पर आधारित होती है. जिन उम्मीदवारों का नाम इस मेरिट लिस्ट में होता है फिर उन्हें आगे ट्रेनिंग के लिए Dundigal Air Force Academy में भेजा जाता है.
पांचवी प्रक्रिया
इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों को फायटर पायलट बनने की ट्रेनिंग दी जाती है. जिसमें फाइटर एयरक्राफ्ट को उड़ाने से लेकर उसे स्थिति में हैंडल करने की ट्रेनिंग दी जाती है. पायलट की ट्रेनिंग को तीन स्टेज में बांटा गया है. जो इस प्रकार है.
#1- पहली ट्रेनिंग में उम्मीदवारों को एयरक्राफ्ट से जुड़ी बेसिक जानकारी दी जाती है और इसमें उम्मीदवार को 55 घंटे का फ्लाइट एक्सपीरियंस भी मिलता है. ये प्रक्रिया 6 महीने तक चलती है.
#2- दूसरी ट्रेनिंग को "intermediate training" भी कहा जाता है. ये पायलट ट्रेनिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. जिसमें उम्मीदवारों को एयरक्राफ्ट दिया जाता है, जिसमें उन्हें एयरक्राफ्ट को उड़ाने का मौका भी दिया जाता है जहां उन्हें उसकी परफेक्ट हैंडलिंग का ध्यान रखना होता है.
#3- तीसरी ट्रेनिंग- ये प्रक्रिया 12 महीने तक चलती है जिस दौरान उम्मीदवारों को HAWK एयरक्राफ्ट के साथ ट्रेनिंग दी जाती है. जिसमें उम्मीदवारों को कई तरह के फाइटिंग टेक्निक्स सिखाई जाती हैं. ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को Jaguar, Mig और अन्य एयकक्राफ्ट के साथ ट्रेनिंग दी जाती है. जो उम्मीदवार इन तीनों स्टेज को सफलतापूर्वक पार कर लेते हैं उन्हें पायलट का लाइसेंस दे दिया जाता है.
(फोटो: Indian Air Force)