'परीक्षा पे चर्चा' (पीपीसी) कार्यक्रम आज सुबह 11 बजे शुरू हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा में शामिल छात्रों को तिल के लड्डू खिलाए और उनके स्वास्थ्य के लिए कुछ जरूरी टिप्स भी दिए. उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सही खान-पान परीक्षा के तनाव को कम करने में कैसे मदद करता है.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए क्रिकेट से जुड़ा एक दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब आप क्रिकेट खेलते हैं तो मैच के दौरान स्टेडियम से अलग-अलग आवाजें आती हैं. कोई सिक्स का शोर मचाता है, तो कोई चौके की उम्मीद करता है. उन्होंने समझाया कि ठीक इसी तरह परीक्षा में भी बाहरी दबावों से प्रभावित होने के बजाय खुद पर भरोसा रखना जरूरी है.
देखें वीडियो
'परीक्षा पे चर्चा 2025' में पीएम मोदी ने न सिर्फ परीक्षा से जुड़े टिप्स दिए, बल्कि लीडरशिप पर भी छात्रों से चर्चा की. बिहार के एक छात्र ने लीडरशिप से जुड़ा सवाल किया, जिस पर पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि बिहार का छात्र हो और राजनीति से जुड़ा सवाल न हो, यह कैसे हो सकता है? उन्होंने बिहार के लोगों को तेजस्वी बताया और लीडरशिप के महत्व पर चर्चा की.
देखें वीडियो
लीडरशिप ठोपी नहीं जाती
पीएम मोदी ने लीडरशिप की खासियत बताते हुए कहा कि एक सच्चा लीडर लोगों की मुश्किलों को समझता है और उनके साथ खड़ा रहता है. उन्होंने कहा कि लीडरशिप कभी थोपी नहीं जाती, बल्कि लोगों का विश्वास जीतकर हासिल की जाती है.
'जहां कम, वहां हम'
लीडरशिप के मूल सिद्धांत को समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सच्चा लीडर वही है जो जरूरत के समय वहां पहुंचे, जहां कमी महसूस हो. उन्होंने छात्रों को समझाया कि जब किसी साथी को मदद की जरूरत हो, तो एक सच्चे लीडर को तुरंत आगे बढ़कर उसका साथ देना चाहिए. यही क्वालिटी एक सच्चे लीडर में होती है.
aajtak.in