Drone School: भारत के पहले ड्रोन स्कूल का उद्घाटन 10 मार्च को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किया गया. यह स्कूल ड्रोन तकनीक को समझने के लिए पूरी तरह समर्पित होगा. उद्घाटन समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हुए. दोनों मंत्रियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और इस तकनीक के भविष्य और ऐसे संस्थानों के महत्व के बारे में मीडिया से बात की.
लोकप्रिय जननेता, मध्यप्रदेश के गौरव,आदरणीय स्व.माधवराव सिंधिया जी की जयंती पर ग्वालियर में ड्रोन स्कूल के शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय श्री जी, श्री जी, श्री जी, श्रीमती जी एवं अन्य गणमान्य साथियों के साथ सम्मिलित हुआ।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj)ड्रोन स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में उद्योग जगत के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए. इस कार्यक्रम में किसानों और छात्रों के साथ कई ड्रोन निर्माता, उत्साही, सेवा प्रदाता और अन्य लोग भी शामिल हुए.
इसके अलावा सीएम चौहान ने इस मौके पर स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की जयंती को भी याद किया. इससे पहले, मध्य प्रदेश ने ग्वालियर में ड्रोन मेटा का आयोजन भी किया था, जिससे यह देश के उन पहले राज्यों में से एक बना जिसने बड़े पैमाने पर ड्रोन तकनीक का उपयोग किया है.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ड्रोन तकनीक युवाओं के लिए, खासकर सीखने के नए रास्ते खोलती है. एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कहा, "राज्य के पहले ड्रोन स्कूल का उद्घाटन ग्वालियर में किया गया है. इस उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं क्योंकि ड्रोन का इस्तेमाल विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है."
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