राजस्थान में नीट पेपरलीक का मामला लगातार गहराता जा रहा है. अब एनटीए को शिकायत भेजने वाले कोचिंग टीचर और खुद को व्हिसल ब्लोअर बताने वाले शशिकांत सुथार के दावे को सीकर पुलिस ने सिरे से नकार दिया है. एसपी ने कहा कि वो शशिकांत से कभी नहीं मिले. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला, क्यों उठ रहे सवाल?
सुथार ने दावा किया था कि तीन मई की नीट परीक्षा के बाद जब पीजी चलाने वाले उनके मकान मालिक राकेश स्वामी वायरल गेस पेपर लेकर उनके पास आए तो वे दोनों पहले सीकर के गुरूकृपा कोचिंग के डायरेक्टर के पास गए थे. फिर वहां से प्रशासन के कुछ अधिकारी और सीकर के एसपी प्रवीण नायक ने फैसला किया कि इस लीक की घटना को लोकल लेवल पर नहीं बताकर इसे देश के स्तर पर उठाते हैं.
उनके दावे को मानें तो 3 मई की शाम से लेकर 7 मई की शाम तक सीकर का प्रशासन और एसपी तय करते रहे कि करना क्या है. फिर गुरूकृपा कोचिंग के मालिक और एसपी, पीजी चलाने वाले राकेश स्वामी ने मिलकर 7 मई की शाम एनटीए को मेल किया जहां से मेल करते ही एनटीए के डीजी अभिषेक सिंह का फोन आया. सीकर एसपी प्रवीण नायक से जब aajtak.in ने पूछा तो उन्होंने कहा कि तथाकथित व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार से मैं कभी नहीं मिला. उससे पूछिए कि मेरा चेहरा भी पहचानता है? मुझे नहीं पता वो क्यों ऐसी कहानी बना रहा है. मामले की जांच सीबीआई कर रही है.
सीकर कलेक्टर ने भी प्रशासन को पेपरलीक की जानकारी होने से मना किया है. सीकर एसपी प्रवीण नायक ने कहा कि ये बात सही है कि दो तीन लोग बड़ा सा कागज का बंडल लेकर उद्योग नगर थाने पर नीट पेपरलीक की शिकायत करने गए थे लेकिन ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने मुकदमा लिखवाने के लिए कहा तो ये थोड़ी देर में आने का कहकर चले गए और फिर नहीं लौटे.अब पेपरलीक की बात सबको पता होने के बाद चार दिनों तक सीकर में क्या चल रहा था इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे है.
एसओजी और सीबीआई ने सीकर से पकड़े गए सभी पेपरलीक में शामिल एमबीबीएस काउंसलर और बच्चों, अभिभावकों को छोड़ दिया है. हालांकि की नीट पेपरलीक का खुलासा सीकर से ही हुआ था मगर सीबीआई की तरफ से सीकर में किसी तरह की कोई भी कार्रवाई अब तक नहीं हुई है.
शरत कुमार