AKTU लखनऊ में एक ही दिन 3 एग्जाम, छात्र बोले- अब हमारा क्या होगा?

अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) लखनऊ ने बीटेक फाइनल इयर की तीनों परीक्षा एक दिन में तीन पालियों में कराने का निर्णय लिया है. इससे छात्र काफी परेशान हैं. छात्रों का कहना है कि ये तो असंभव सा लग रहा है, अब हमारा जाने क्या होगा.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 24 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:46 PM IST
  • यूनिवर्सिटी में 8 सितंबर को बीटेक के फाइनल इयर के एग्जाम
  • एक द‍िन में यूनिवर्सिटी करा रही एक छात्र के तीन एग्जाम
  • छात्र जिलाध‍िकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं

अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) ने भी सितंबर में परीक्षाएं करने के लिए अपना शेड्यूल जारी कर दिया है. यूनिवर्सिटी ने बीटेक फाइनल इयर की तीनों परीक्षा एक ही दिन में तीन पालियों में कराने का निर्णय लिया है. यूनिवर्सिटी के इस फैसले से छात्रों के होश उड़े हैं. छात्र कह रहे हैं कि ये कितना संभव हो पाएगा कि हम दस घंटे मास्क पहनकर सिर्फ एग्जाम लिखते रहें. और ये सभी स्टूडेंट्स के लिए कितना श्रेयस्कर साबित होगा. 

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दरअसल, यूनिवर्सिटी में 8 सितंबर को बीटेक के फाइनल इयर के एग्जाम है.  एकेटीयू के फाइनल ईयर में तीन विषय होते हैं. इन तीनों विषयों के एग्जाम एक ही दिन होते हैं. aajtak.in से छात्रों ने अपनी समस्याएं बताईं. 

छात्र समर्थ सिंह ने कहा कि एक दिन में तीन परीक्षा आयोजित हो रही है और ऑनलाइन एग्जाम देने का विकल्प भी नहीं दिया गया है, जिससे अन्य जिलों और अन्य प्रदेशों के छात्रों को कॉलेज पहुंचने में बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. 

समर्थ सिंह ने कहा कि सभी एग्जाम में एक घंटे का ब्रेक है, ऐसे में कैसे रिवीजन हो पाएगा. उन्होंने बताया कि हम लोग जिलाध‍िकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई. अब समझ में नहीं आ रहा है कि आख‍िर ये एग्जाम किस तरह से होंगे. 

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छात्र गोविंद त्यागी ने कहा कि 1 दिन में तीन परीक्षाएं हो रही हैं और परीक्षा का पूरा पैटर्न बदल गया है. अब परीक्षा के पैटर्न को डिस्क्रिप्टिव (Descriptive) की जगह एमसीक्यू (MCQ) कर दिया गया है. हमने एग्जाम की तैयारी डिस्क्र‍िप्ट‍िव पैटर्न के लिए की थी. 

छात्र रितेश रंजन का कहना है कि कॉलेज के हॉस्टल क्वॉरेंटाइन सेंटर बने हुए हैं और मकान-मालिक छात्रों को दो दिन के लिए कमरा किराए पर नहीं दे रहे. ऐसे में हॉस्टलर्स के सामने बड़ी समस्या है कि वो आख‍िर एग्जाम देने अगर दूसरे शहर से आते हैं तो रुकेंगे कहां पर. उस पर एक समस्या ये भी है कि छात्र दूसरे शहरों से आएंगे कैसे, रेलवे सेवाएं पहले से ही बंद हैं. 

ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि मार्च महीने की शुरुआत में ही लॉक डाउन की वजह से कॉलेज बंद हो गए थे. तब हमारे सिलेबस का केवल 20% कंप्लीट हुआ. सब लोग अपने घरों को चले गए, अब मेरे पास स्टडी मेटेरियल नहीं है तो फिर हम कोर्स को कैसे कंप्लीट करें. 


 

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