ओरेकल ने नौकरी से निकाला, 45 दिनों में कई जॉब्स के आए ऑफर, शेयर किए टिप्स 

ओरेकल में काम करने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को नौकरी से निकाल दिया था. उन्होंने हार मानने के बजाय 45 दिनों के अंदर तीन जॉब ऑफर पर लैंड किया. इसके लिए उन्होंने एआई इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, रोजाना प्रैक्टिस की, हर दिन 10 से 15 नई नौकरियों के लिए अप्लाई किया और कंपनियों के हायर करने वाले रिक्रूटर्स का ध्यान खींचने के लिए उन्होंने लिंक्डइन प्रोफाइल को मजबूत बनाया. 

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Software engineer fired by Oracle (Representative pic from Getty) Software engineer fired by Oracle (Representative pic from Getty)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST

नौकरी से निकाल दिया जाना किसी डरावने सपने से कम नहीं होता है. कई बार इस परेशानी से लोग इतना टूट जाते हैं कि अपने ऊपर विश्वास करना भी मुश्किल हो जाता है. लेकिन ओरेकल के एक पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए ये उनकी करियर की ऊंची छलांग थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें बताया जा रहा है कि ओरेकल में काम करने वाले एक इंजीनियर को 31 मार्च को नौकरी से निकाल दिया गया, लेकिन उन्हें केवल 45 दिनों के अंदर तीन जॉब ऑफर मिल गए और उन्होंने एआई इंजीनियर के रूप नई भूमिका हासिल की. इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की, डेली जॉब के लिए अप्लाई किया और नई स्किल भी सीखी. अब उन्होंने इंटरव्यू की तैयारी के लिए टिप्स शेयर की है. 

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पोस्ट में इन बातों का जिक्र

यूजर ने लिखा कि 31 मार्च को मुझे और अन्य 30000 कर्मचारी को ओरेकल ने नौकरी से निकाल दिया. सच कहूं, तो मैंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा. मैंने सोचा, ठीक है, अब मुझे अपना करियर पक्का करना होगा. असफलता पर ध्यान देने के बजाय, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने तुरंत अपनी स्किल को निखारने, इंटरव्यू की तैयारी करने और नौकरी के लिए आवेदन करने पर ध्यान केंद्रित किया. 

एआई स्किल सीखने पर फोकस 

इस इंजीनियर को एआई के बारे में कोई खास जानकारी नहीं थी. इसके बावजूद, नौकरी जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले एआई इंजीनियरिंग की बिल्कुल बुनियादी बातें सीखने का फैसला किया. यूजर ने पोस्ट में बताया कि 

रोज पढ़ाई की: उन्होंने लगभग एक महीने तक हर दिन 1 से 2 घंटे एआई से जुड़ी नई स्किल सीखने पर ध्यान दिया जैसे ट्रांसफॉर्मर और अटेंशन मैकेनिज्म. 

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एआई की ही मदद ली: लेकिन खास बात ये है कि एआई सीखने के लिए उन्होंने एआई की ही मदद ली. अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबल और पूरा प्लान सेट करने के लिए उन्होंने क्लाउड नाम के एक एआई सॉफ्टवेयर की मदद ली. उन्होंने क्लाउड से अपने लिए 30 दिन का एक स्टडी प्लान बनवाया और उसी के हिसाब से पढ़ाई पूरी की. 

प्रोजेक्ट्स बनाए: इस एक महीने की पढ़ाई के बाद उन्होंने खुद से 2 एआई प्रोजेक्ट्स भी बनाकर तैयार कर लिए ताकि वे कंपनियों को अपना काम दिखा सकें. 

अपडेट की ऑनलाइन प्रोफाइल 

अपनी ऑनलाइन प्रोफाइल को अपडेट करने के बाद उन्होंने लिंक्डइन, वेलफाउंड, नौकरी और इंडीड जैसे विभिन्न जॉब हायरिंग प्लेटफॉर्म पर रोजाना 10-15 पदों के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया. पोस्ट में उन्होंने बताया कि मुझे लिंक्डइन के जरिए ही लगभग 20 रिक्रूटरों ने संपर्क किया. लिंक्डइन प्रीमियम इसमें मददगार साबित हुआ. कुछ ने कॉल करके इंटरव्यू भी तय किए. सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि मैं हर दिन कुछ नया सीखने के लिए उत्सुक था. मैं स्पंज की तरह नॉलेज सोख रहा था. हालांकि, मैं अक्सर सिस्टम डिजाइन से जुड़े कुछ लेखों को जरूरत से ज्यादा गहराई से पढ़कर अपना ध्यान भटका लेता हूं पर मैं कोई संत तो नहीं हूं. 

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7 कंपनियों में दिए इंटरव्यू 

उस टेक्नीशियन ने बताया कि मई की शुरुआत और मध्य के बीच उन्होंने सात कंपनियों में इंटरव्यू दिए और तीन कंपनियों से नौकरी के ऑफर मिला जिसके बाद से उसने एआई इंजीनियर के रूप में ज्वाइन किया. 

सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रिया 

जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस टेक्नीशियन की लगन की तारीफ की, जबकि अन्य लोगों ने इंटरव्यू पाने और उसमें सफल होने के लिए और सलाह मांगी. एक यूजर ने लिखा कि आपको इतनी आसानी से नौकरी मिलने का कारण पिछले कुछ महीनों में आपकी 30 प्रतिशत मेहनत और आपका ओरेकल का 70 प्रतिशत नॉलेज था. वहीं दूसरे ने कहा कि बधाई हो. एक इंजीनियर को पूरी लगन से काम करते और हार न मानते देखकर खुशी हुई. आपके धैर्य की सराहना करता हूं. 

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