भारतीय युवाओं के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. विदेश में पढ़ाई करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के तीन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने की मंजूरी मिल गई है. सरकार का मानना है कि इससे देश में इंटरनेशनल स्तर की शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही विदेश में जाने का खर्च भी बचेगा.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सौंपे पत्र
बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस स्थापित करने के लिए लेटर ऑफ अप्रूवल सौंपे गए हैं. यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लिया गया है.
मुंबई में खुलेंगे दो विश्वविद्यालय
मंजूरी पाने वाले संस्थान में ब्रिटेन के दो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय शामिल हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क अपने कैंपस मुंबई में स्थापित करेंगे. इन्हें रिसर्च, इनोवेशन और हाई लेवल वाली शिक्षा के लिए दुनिया भर में पहचान हासिल है. मुंबई जैसे आर्थिक और शैक्षणिक केंद्र में इन संस्थानों के आने से छात्रों को इंटरनेशनल लेवल की पढ़ाई का मौका मिल सके.
बेंगलुरु में भी खुलेंगे
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) को बेंगलुरु में कैंपस स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है. बेंगलुरु को देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी माना जाता है. ऐसे में यहां विदेशी विश्वविद्यालय का आगमन शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को और मजबूत कर सकता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क