पाकिस्तान में हाल ही में आतंकी संगठनों के बीच बढ़ती नजदीकियां भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं. हमास के नेताओं ने पहले पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कैडरों के साथ मंच साझा किया था.
अब हमास के नेता नाजी जहीर (Naji Zaheer) ने पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (PMML) द्वारा आयोजित एक बैठक में हिस्सा लिया है, जो LeT से जुड़ी है. PMML को अमेरिका ने LeT की तरह आतंकी संगठन घोषित किया है. यह विकास हमास और पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों LeT व JeM के बीच बढ़ते गठजोड़ को दर्शाता है.
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हमास और LeT के बीच सांठगांठ की शुरुआत
पाकिस्तान लंबे समय से आतंकी संगठनों को पनाह देने और प्रायोजित करने के लिए जाना जाता है. हाल ही में गुजरांवाला, पाकिस्तान में एक कार्यक्रम में हमास के वरिष्ठ कमांडर नाजी जहीर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. वे LeT के कमांडर राशिद अली संधु के साथ मंच पर दिखे, जो PMML ने करवाया था. PMML LeT का राजनीतिक मोर्चा है और अमेरिका द्वारा आतंकी संगठन घोषित है.
फरवरी 2025 में PoK के रावलाकोट में हमास के नेताओं ने LeT और JeM के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जो भारत विरोधी था. यह पहली बार था जब हमास ने PoK में ऐसे कार्यक्रम में भाग लिया.
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि यह सांठगांठ नई नहीं है. मई 2025 में रिपोर्ट्स आई थीं कि हमास ने पाकिस्तान की ISI के साथ भारत को अस्थिर करने के लिए हाथ मिलाया है. नाजी जहीर हमास नेता खालिद मशाल के पाकिस्तान में विशेष प्रतिनिधि हैं. अक्टूबर 2023 के हमले के बाद से सक्रिय हैं. ये बैठकें पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों का केंद्र बनाती हैं.
क्यों हो रही है यह सांठगांठ?
आतंकी संगठनों के बीच गठजोड़ के कई कारण हैं...
परस्पर लाभ: एजेंसियों का आकलन है कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन LeT और JeM हमास से बड़े पैमाने पर हमलों का ऑपरेशनल ज्ञान हासिल कर सकते हैं. हमास ने इजरायल पर बड़े हमले किए हैं, जैसे 7 अक्टूबर 2023 का हमला. वहीं, हमास को पाकिस्तान में नया आधार मिलता है और कश्मीर जैसे नए क्षेत्र में विस्तार का मौका.
पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान की ISI इन संगठनों को प्रोत्साहित कर रही है. ISI का इतिहास भारत विरोधी आतंकवाद को बढ़ावा देने का है. हमास को पाकिस्तान में नया ठिकाना मिलने से उसकी वैश्विक पहुंच बढ़ेगी.
भारत के लिए खतरा: अभी हमास से भारत को सीधा खतरा नहीं है, लेकिन इस गठजोड़ से LeT और JeM मजबूत हो सकते हैं. पहलगाम जैसे हमलों में हमास का लिंक देखा गया है.
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भारतीय युवाओं की ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन
एक बड़ी चिंता भारतीय युवाओं का रेडिकलाइजेशन है..
ऑनलाइन प्रभाव: बड़ी संख्या में किशोर और युवा वयस्क ऑनलाइन रेडिकलाइज हो रहे हैं. कुछ पाकिस्तान आधारित संस्थाओं के संपर्क में पाए गए हैं, जो उन्हें समान विचारधारा वाले नेटवर्क बनाने और स्थानीय सामग्री से हमले करने के लिए उकसा रही हैं.
ISI की रणनीति: पाकिस्तान आधारित संस्थाएं कई साइबर प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय युवाओं को रेडिकलाइज करने की कोशिश कर रही हैं. वे खुद को ISIS, खालिस्तानी या संगठित अपराध के सुविधाकर्ता के रूप में छिपाकर काम कर रही हैं.
उदाहरण: X (पूर्व ट्विटर) पर ऐसे पोस्ट्स मिलते हैं जहां हमास-LeT नेक्सस पर चर्चा हो रही है. भारत को चेतावनी दी जा रही है.
बांग्लादेश में बदलाव और ISI का खेल
बांग्लादेश में हाल का शासन परिवर्तन (2024-2025) ने स्थिति को और जटिल बना दिया है...
सुप्त कट्टरपंथियों का उदय: यह बदलाव ने बांग्लादेश में सुप्त कट्टर इस्लामवादियों को बल दिया है. पाकिस्तान की ISI बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाओं का फायदा उठा रही है. LeT तथा जमात-ए-इस्लामी के सुप्त नेटवर्कों को सक्रिय कर रही है.
ISI की यात्राएं: पाकिस्तानी सेना/ISI अधिकारियों की हाल की बांग्लादेश यात्राएं बताती हैं कि ISI बांग्लादेश आधारित कट्टर संस्थाओं को भारत के खिलाफ ट्रेन और हथियार दे सकती है.
प्रभाव: बांग्लादेश को लॉन्चिंग पैड बनाने से पाकिस्तान भारत के हितों पर हमला कर सकता है. भारत-बांग्लादेश की लंबी और छिद्रपूर्ण सीमा से हथियार, नकली मुद्रा (FICN), नशीले पदार्थ और प्रशिक्षित घुसपैठिए आसानी से भारत में आ सकते हैं.
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भारतीय एजेंसियों की निगरानी और कदम
भारतीय खुफिया एजेंसियां जैसे RAW, IB और NIA इस नेक्सस पर करीब से नजर रख रही हैं...
कोई सीधा खतरा नहीं: अभी हमास से भारत को सीधा खतरा नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से LeT/JeM मजबूत हो सकते हैं.
कार्रवाई: भारत ने पहले ऑपरेशन महादेव जैसे अभियानों से आतंकियों को निष्क्रिय किया है. अब साइबर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि युवाओं को रेडिकलाइजेशन से बचाया जाए.
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: अमेरिका जैसे देशों के साथ मिलकर PMML और LeT पर दबाव बढ़ाया जा सकता है.
भारत के लिए चुनौती
यह नेक्सस भारत की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है. पाकिस्तान आतंकवाद का निर्यातक बना हुआ है. हमास का शामिल होना इसे वैश्विक बनाता है. बांग्लादेश का रोल इसे और खतरनाक बनाता है. भारत को सतर्क रहना होगा. साइबर सुरक्षा मजबूत करनी होगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करना होगा.
मंजीत नेगी